PM Awas Yojana New Rules : प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अगर आपने भी इस योजना के तहत आवेदन किया है तो ये नए नियम जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने नियमों को साफ करते हुए कहा है कि सिर्फ उन्हीं लाभार्थियों को पीएम आवास योजना का पैसा मिलेगा, जिन्होंने अगस्त 2024 से पहले जमीन खरीदी है। इसके बाद जिन आवेदकों ने जमीन की रजिस्ट्री कराई है, उन्हें घर बनाने के लिए मिलने वाले 2.5 लाख रुपए नहीं मिलेंगे।
अगस्त 2024 से पहले की जमीन ही मान्य
सरकार ने धांधली रोकने के लिए यह नियम बनाया है। मीडिया खबरों के अनुसार, योजना का लाभ उठाने के लिए 31 अगस्त 2024 से पहले जमीन का मालिकाना हक होना जरूरी है।
पीएम आवास योजना में देखने को मिल रहा था कि कुछ लोग स्कीम का लाभ उठाने के लिए जमीन खरीद रहे हैं या अपने नाम रजिस्ट्री करवा रहे हैं। इसी धांधली को रोकने के लिए सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है।
जिन लोगों ने सितंबर 2024 या उसके बाद जमीन खरीदी है, वे इस योजना के तहत 2.5 लाख रुपए की सहायता राशि के पात्र नहीं होंगे।
BLC कैटेगरी के तहत 2.5 लाख की सहायता
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लाभार्थी आधारित निर्माण यानी BLC (Beneficiary Led Construction) कैटेगरी के अंतर्गत जिन पात्र लोगों के पास अपनी जमीन है, उन्हें सरकार की ओर से घर बनाने के लिए 2.5 लाख रुपए देती है।
इनमें 1 लाख रुपए राज्य सरकार और 1.5 लाख रुपए केंद्र सरकार की ओर से मिलते हैं। यह राशि चार किश्तों में दी जाती है।
यह योजना उन गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) तथा निम्न आय वर्ग (LIG) के लोगों के लिए है, जो अपना पक्का मकान बनाना चाहते हैं।
भूमिहीनों को राज्य सरकार देगी जमीन
इस योजना के तहत अगर कोई आवेदक भूमिहीन है तो राज्य सरकार अपनी ओर से जमीन भी मुहैया करा सकती है। हालांकि, यह सुविधा सभी राज्यों में उपलब्ध नहीं है।
जिन राज्यों में यह प्रावधान है, वहां भूमिहीन गरीबों को पहले जमीन आवंटित की जाती है और फिर उस पर मकान बनाने के लिए 2.5 लाख रुपए की सहायता दी जाती है।
इससे उन लोगों को भी अपना घर बनाने का सपना पूरा करने का मौका मिलता है जिनके पास जमीन नहीं है।
30 से 45 वर्ग मीटर तक का घर बनाने की अनुमति
इस योजना के तहत 30 से 45 वर्ग मीटर (लगभग 323 से 484 वर्ग फुट) तक का घर बनाने की अनुमति है। यह आकार एक छोटे परिवार के लिए काफी है।
घर में रसोई, शौचालय और रहने के लिए कमरे की व्यवस्था होनी चाहिए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय होना अनिवार्य है।
लाभार्थी अपनी जरूरत और बजट के अनुसार इस सीमा के भीतर अपने घर का डिजाइन तय कर सकता है।
जमीन रिहाइशी इलाके में होनी चाहिए
सरकार ने साफ किया है कि जमीन रिहाइशी इलाके में ही होनी चाहिए। रिहाइशी इलाके से बाहर की जमीन पर पैसा नहीं मिलेगा।
कृषि भूमि, औद्योगिक क्षेत्र की जमीन या शहर की सीमा से बाहर की जमीन इस योजना के तहत मान्य नहीं होगी। जमीन म्युनिसिपल या नगर पालिका की सीमा के अंदर होनी चाहिए।
यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों को ही इस योजना का लाभ मिले।
चार किश्तों में मिलता है पैसा
पीएम आवास योजना की इस कैटेगरी के तहत चार किश्तों में पैसा आता है। हर किस्त निर्माण के अलग-अलग चरण पूरा होने पर जारी की जाती है।
पहली किस्त: नींव का काम पूरा होने पर
दूसरी किस्त: छत तक का निर्माण होने पर
तीसरी किस्त: दरवाजे-खिड़कियां लगने पर
चौथी और अंतिम किस्त: घर पूरी तरह बनकर तैयार होने पर
हर किस्त से पहले निरीक्षण अधिकारी द्वारा साइट विजिट करके काम की जांच की जाती है।
सर्टिफिकेट जारी करने की नई प्रक्रिया
नियमों में स्पष्ट कर दिया गया है कि जमीन के लिए एक सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। इस सर्टिफिकेट के लिए पीएम आवास योजना के आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
रजिस्ट्रेशन के बाद फिजिकल वेरिफिकेशन होगी। अधिकारी जमीन पर जाकर जांच करेंगे कि वह रिहाइशी इलाके में है या नहीं और आवेदक के नाम पर रजिस्टर्ड है या नहीं।
जांच सही पाए जाने पर ही सर्टिफिकेट जारी होगा। इसके आधार पर ही पीएम आवास योजना के लाभ का पैसा दिया जाएगा।
फिजिकल वेरिफिकेशन अनिवार्य
सरकार ने धांधली रोकने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है। अब केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा।
निरीक्षण अधिकारी खुद जमीन पर जाएंगे और देखेंगे कि:
- जमीन का मालिकाना हक किसके नाम है
- जमीन रिहाइशी इलाके में है या नहीं
- क्या जमीन पर कोई विवाद तो नहीं है
- आवेदक वास्तव में गरीब और जरूरतमंद है या नहीं
इस जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
धांधली पर लगाम
सरकार अब पीएम आवास योजना को लेकर काफी सख्त हो गई है और इसके नियमों में लगातार बदलाव किया जा रहा है। कई जगह पाया गया था कि लोग फर्जी दस्तावेजों से योजना का लाभ ले रहे थे।
कुछ लोग खाली प्लॉट खरीदकर सिर्फ सरकार से पैसा लेने के लिए आवेदन कर रहे थे। वास्तव में वे मकान बनाने में दिलचस्पी नहीं रखते थे।
अब नए नियमों से ऐसी धांधली पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। केवल असली जरूरतमंदों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
झुग्गी-झोपड़ी वालों को प्राथमिकता
सरकार ने झुग्गी-झोपड़ी या कच्चे मकान में रहने वालों को मिलने वाले लाभ के लिए नियमों को और साफ कर दिया है। इन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
जो लोग वर्षों से कच्ची झोपड़ियों में रह रहे हैं और जिनके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है, उन्हें पहले इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
यह योजना हाउसिंग फॉर ऑल (सभी के लिए आवास) के सपने को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
पीएम आवास योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन करना होगा। आधिकारिक वेबसाइट pmaymis.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है।
आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेज चाहिए:
- आधार कार्ड
- जमीन के कागजात (31 अगस्त 2024 से पहले के)
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- स्वघोषणा पत्र
आवेदन भरने के बाद एक एप्लीकेशन नंबर मिलेगा, जिससे स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है।
पात्रता की शर्तें
पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम होनी चाहिए (EWS के लिए)
- परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पक्का मकान नहीं होना चाहिए
- पहले किसी केंद्रीय या राज्य सरकार की आवास योजना का लाभ नहीं लिया हो
- 31 अगस्त 2024 से पहले जमीन खरीदी हो
- जमीन रिहाइशी इलाके में हो
अन्य कैटेगरी भी उपलब्ध
BLC के अलावा पीएम आवास योजना में तीन और कैटेगरी हैं:
AHP (Affordable Housing in Partnership): निजी डेवलपर्स के साथ साझेदारी में किफायती आवास
ISSR (In-Situ Slum Redevelopment): झुग्गी-झोपड़ियों का पुनर्विकास
CLSS (Credit Linked Subsidy Scheme): होम लोन पर ब्याज सब्सिडी
हर कैटेगरी के अपने नियम और पात्रता मानदंड हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- पीएम आवास योजना शहरी 2.0 में नियम बदले गए हैं
- 31 अगस्त 2024 से पहले जमीन खरीदी होनी चाहिए
- BLC कैटेगरी में 2.5 लाख रुपए की सहायता मिलती है
- जमीन रिहाइशी इलाके में होनी अनिवार्य
- फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद ही सर्टिफिकेट मिलेगा








