पीजीआई के ठेका कर्मियों ने खत्म की हड़ताल: हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला दे पीजीआई ने..

The News Air- चंडीगढ़ पीजीआई चंडीगढ़ के ठेका कर्मियों ने आज सुबह 6 बजे से साढ़े 10 बजे तक हड़ताल करने के बाद खत्म कर दी। पीजीआई प्रशासन ने यूनियन को हाईकोर्ट के आदेश के बारे में जानकारी दी जिसमें हड़ताल संबंधी नोटिस पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद हड़ताली कर्मी काम पर लौट आए। वहीं पीजीआई ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके साथ ही किसी भी कर्मचारी की एब्सेंट नहीं लगेगी।

सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से जवान भी यहां तैनात किए गए थे। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से सैकड़ों मरीज आज ओपीडी के बाहर आए मगर ओपीडी बंद होने के कारण उन्हें बाहर घंटों इंतजार करना पड़ा।

पीजीआई में सुरक्षा के लिहाज से तैनात पैरा-मिलिट्री फोर्स ।

पीजीआई में सुरक्षा के लिहाज से तैनात पैरा-मिलिट्री फोर्स ।

वहीं अपॉइंटमेंट लेकर आए मरीज भी परेशान हुए। उन्होंने ओपीडी के बाहर जमकर रोष भी व्यक्त किया इस दौरान पीजीआई के सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी खूब बहस भी हुई। जिसके बाद पीजीआई में बीएसएफ के जवानों ने मोर्चा संभाला। न्यू ओपीडी के बाहर बीएसएफ के जवान भीड़ को नियंत्रित करते हुए नजर आए। यहां बीएसएफ के आधा दर्जन जवान तैनात किए गए थे। सुबह करीब 10.45 बजे मरीजों को ओपीडी में जाने दिया गया।

पीजीआई ओपीडी के बाहर मरीजों की भारी भीड़, हड़ताल के दौरान इन्हें ओपीडी में नहीं जाने दिया गया।

पीजीआई ओपीडी के बाहर मरीजों की भारी भीड़, हड़ताल के दौरान इन्हें ओपीडी में नहीं जाने दिया गया।

इससे पहले सुबह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद चंडीगढ़ पीजीआई के ठेका कर्मी आज हड़ताल पर चले गए थे। पीजीआई में उन्होंने अपनी लंबित मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। इससे पहले हाईकोर्ट ने गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान पीजीआई कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की हड़ताल वाले नोटिस पर रोक लगा दी थी।

पीजीआई ने जनहित में यूनियन के इस कदम के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिए थे कि यूनियन किसी भी तरह से संस्थान की फंक्शनिंग में रुकावट पैदा नहीं करेगी। चीफ जस्टिस रवि शंकर झा और जस्टिस अरुण पल्ली की डबल बैंच ने यह आदेश जारी करते हुए उनके स्ट्राइक पर जाने वाले नोटिस पर रोक लगा दी थी।

इसके बावजूद कर्मी हड़ताल पर चले गए थे। 31 मार्च के लिए मामले में सुनवाई रखी गई थी। पीजीआई ने यूनियन के 23 मार्च वाले स्ट्राइक नोटिस को रद्द करने की मांग की थी। इसमें 25 मार्च को एक दिन की स्ट्राइक की घोषणा की गई थी। हाईकोर्ट में पहले से ही दो जनहित याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें हाईकोर्ट पीजीआई कर्मचारी यूनियन के स्ट्राइक करने पर रोक लगा चुका है।

पीजीआई अन्य राज्यों से मरीज न भेजने को कहा था

बीते रोज पीजीआई प्रशासन ने अन्य राज्यों से पहले ही प्रार्थना की थी कि वहां के अस्पताल रेफर केस 25 मार्च को पीजीआई न भेजें। पीजीआई में आज के लिए सभी ओपीडी बंद रखने का फैसला किया गया था। अब हड़ताल वापस लेने से सेवाएं पहले की तरह खोल दी गई हैं।

यह फैसला लिया था पीजीआई ने हड़ताल की सूरत में

नेहरू अस्पताल के सभी ऐच्छिक ऑपरेशन थियेटर्स, एपीसी, एसीसी तथा एइसी आज बंद रहेगें। कैथ लैब, इंडोस्कॉपी, ब्रांकोस्कॉपी, रेडियोडायग्नासिस, पेट सेंटर आदि में तय प्रोसिजर रद्द कर दिए गए थे। पहले से दाखिल मरीजों की देखभाल पहले की तरह की जाएगी। इसके अलावा डायग्नोस्टिक लैब सिर्फ आपातकालीन मरीजों के लिए खुली रहेगी। पीजीआई में टेली-कंसल्टेशन के जरिए मरीजों को देखने की व्यवस्था की गई थी।

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