Petrol-Diesel Price: राहत! पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती महंगाई से मिलेगी राहत, सरकार ले सकती है बड़ा फ़ैसला

नई दिल्ली, 14 सितंबर (The News Air)
Petrol- Diesel Price: पेट्रोल-डीज़ल (Petrol-Diesel Price Hike) की बढ़ती महंगाई से आम जनता को राहत मिल सकती है. मंत्रियों का एक पैनल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) पर सिंगल नेशनल रेट के तहत पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स लगाने को लेकर विचार किया जाएगा. मामले की जानकारी रखने वालों के अनुसार, कंज्यूमर प्राइस और सरकारी राजस्व में संभावित बड़े बदलाव के लिए अहम क़दम को उठाया जा सकता है.
शुक्रवार को लखनऊ में होने वाली 45वीं जीएसटी काउंसिल (GST Council) के बैठक में इस पर फ़ैसला लिया जा सकता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) की अध्यक्षता वाला पैनल इस पर विचार करेगा.

कैसे होता है जीएसटी सिस्टम में बदलाव?-दरअसल, जीएसटी सिस्टम में अगर कोई भी बदलाव करना हो तो उसमें पैनल के तीन-चौथाई से अप्रूवल की ज़रूरत होती है. इसमें सभी राज्यों और क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. हालांकि इस प्रस्ताव में से कुछ ने फ्यूल को जीएसटी में शामिल करने का विरोध किया है क्योंकि उनका कहना है कि ऐसे में केंद्र सरकार को एक प्रमुख राजस्व जुटाने वाला टूल सौंप देंगे.

पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें तोड़ रही कमर-गौरतलब है कि देश भर में पेट्रोल-डीज़ल (Petrol Diesel Price Today) की क़ीमतें लगातार बढ़ रही हैं जिससे आम जनता बेहाल है. हालांकि इसी बीच आपको बता दें कि मंगलवार 14 सितंबर, 2021 को लगातार नौवें दिन इनके दाम स्थिर हैं. बावज़ूद इसके राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 101.19 पैसे प्रति लीटर की दर पर है. वहीं, डीज़ल 88.62 रुपये प्रति लीटर है. मुंबई में पेट्रोल 107.26 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, डीज़ल 96.19 पैसे प्रति लीटर है.

महंगे पेट्रोलियम उत्पादों से भरा सरकारी ख़ज़ाना-दरअसल, सरकार का पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क कलेक्शन चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में 48 प्रतिशत बढ़ा है. यानी बढ़ती क़ीमत के बीच पेट्रोल-डीज़ल ने सरकार के ख़ज़ाने को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है. अप्रैल से जुलाई 2021 के दौरान उत्पाद शुल्क कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 67,895 करोड़ रुपये था. वहीं, वित्त वर्ष 2020-21 में पेट्रोल-डीज़ल पर केंद्र सरकार की तरफ़ से वसूले जाने वाले टैक्स में 88 फ़ीसदी का उछाल आया है और यह रक़म 3.35 लाख करोड़ रही.

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