Petrol Diesel Excise Duty Cut को लेकर केंद्र सरकार ने गुरुवार 27 मार्च को एक ऐतिहासिक फैसला लिया है जिससे देश भर के करोड़ों आम लोगों को सीधी राहत मिलेगी। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल के बावजूद नरेंद्र मोदी सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को ₹13 से घटाकर मात्र ₹3 प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर लगने वाली ₹10 प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इस बड़े फैसले पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चंडीगढ़ से प्रधानमंत्री का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है।
दुनिया भर में तेल की कीमतों में भारी उछाल, भारत बना अपवाद
Petrol Diesel Excise Duty Cut का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया ईंधन की बढ़ती कीमतों से जूझ रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें पिछले एक महीने में लगभग $70 प्रति बैरल से बढ़कर $122 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। यह उछाल लगभग 74 प्रतिशत की है, जिसका सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है।
सुनील जाखड़ ने बताया कि इस वैश्विक संकट के चलते दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में ईंधन की कीमतें 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ी हैं, उत्तरी अमेरिका में लगभग 30 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत और अफ्रीकी देशों में तो करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे कठिन समय में भारत एक अपवाद के रूप में सामने आया है, जहां सरकार ने कीमतें बढ़ाने की बजाय खुद कटौती का रास्ता चुना।
सरकार के पास थे दो विकल्प, मोदी ने चुना जनता का रास्ता
Petrol Diesel Excise Duty Cut पर बोलते हुए पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सरकार के सामने दो रास्ते थे। पहला रास्ता यह था कि दूसरे देशों की तरह कीमतें बढ़ाकर बोझ सीधे आम जनता पर डाल दिया जाए। दूसरा रास्ता यह था कि सरकार खुद वित्तीय दबाव सहे और लोगों को राहत दे।
जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी हिचकिचाहट के दूसरा रास्ता चुना और आम आदमी को वैश्विक महंगाई के बोझ से बचाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अच्छी तरह जानते हैं कि आम लोगों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े और इसीलिए उन्होंने अपने कर संग्रह में बड़ी कटौती करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
तेल कंपनियों को भी मिलेगी राहत, जनता पर नहीं पड़ेगा बोझ
Petrol Diesel Excise Duty Cut के इस फैसले का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे सिर्फ आम जनता को ही नहीं, बल्कि तेल कंपनियों को भी राहत मिलेगी। सुनील जाखड़ ने बताया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय तेल कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव पड़ रहा था। एक्साइज ड्यूटी में कटौती से इन कंपनियों पर पड़ने वाला नुकसान भी कम होगा और साथ ही आम उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमतें सीधे तौर पर हर चीज की कीमत को प्रभावित करती हैं। परिवहन से लेकर खेती तक, सब्जियों से लेकर दूध तक, हर वस्तु की ढुलाई लागत डीजल पर निर्भर करती है। ऐसे में डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह खत्म करने का फैसला किसानों, ट्रांसपोर्टरों और आम उपभोक्ताओं सभी के लिए बड़ी राहत की खबर है।
निर्यात शुल्क लगाकर देश में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की
Petrol Diesel Excise Duty Cut के साथ ही सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। सुनील जाखड़ ने बताया कि डीजल पर ₹21.5 प्रति लीटर और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) पर ₹29.5 प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया है। इसके पीछे मकसद यह है कि देश में इन ईंधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और कोई भी कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमतों का फायदा उठाकर देश का ईंधन बाहर न बेच सके।
यह कदम सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। एक तरफ जहां घरेलू बाजार में कीमतें कम की गई हैं, वहीं दूसरी तरफ निर्यात शुल्क लगाकर यह सुनिश्चित किया गया है कि देश में ईंधन की कमी न हो। यह संतुलित दृष्टिकोण आर्थिक प्रबंधन की एक मिसाल है।
पंजाब और देश के आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
Petrol Diesel Excise Duty Cut का सीधा असर पंजाब सहित पूरे देश के करोड़ों लोगों की जेब पर पड़ेगा। पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती और डीजल पर पूरी ड्यूटी खत्म होने से पेट्रोल पंपों पर कीमतों में गिरावट आएगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन किसानों को होगा जो खेती के लिए डीजल पर निर्भर हैं, उन ट्रांसपोर्टरों को होगा जो माल ढुलाई करते हैं और उन आम नागरिकों को होगा जो रोजाना अपने दोपहिया और चार पहिया वाहनों में पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं।
पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में डीजल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ट्यूबवेल चलाने, ट्रैक्टर से खेत जोतने और फसल की ढुलाई में डीजल की भारी खपत होती है। इस कटौती से किसानों की उत्पादन लागत सीधे तौर पर कम होगी।
कठिन वैश्विक हालात में सरकार की प्राथमिकता जनहित: जाखड़
सुनील जाखड़ ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि Petrol Diesel Excise Duty Cut का यह फैसला दर्शाता है कि मोदी सरकार कठिन से कठिन वैश्विक परिस्थितियों में भी आर्थिक स्थिरता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के तमाम देश अपने नागरिकों पर ईंधन की बढ़ी कीमतों का बोझ डाल रहे हैं, तब भारत में सरकार ने अपनी आमदनी में कटौती करके जनता को राहत दी है। यह नेतृत्व की असली पहचान है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर की गई, जबकि डीजल पर ₹10 की ड्यूटी पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
- सुनील जाखड़ ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $70 से बढ़कर $122 प्रति बैरल हुई हैं, लेकिन भारत ने कीमतें बढ़ाने की बजाय कटौती का रास्ता चुना।
- डीजल पर ₹21.5 और एटीएफ पर ₹29.5 प्रति लीटर निर्यात शुल्क लगाया गया है ताकि देश में ईंधन की उपलब्धता बनी रहे।
- यह फैसला किसानों, ट्रांसपोर्टरों और आम उपभोक्ताओं सभी को सीधे तौर पर राहत देगा।







