1 वर्ष से अब तक 48 बार पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में हुआ इज़ाफा, जनता से कितना टैक्स वसूल कर रही हैं सरकारें

नई दिल्ली, 11 जून
पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती क़ीमतों ने देश के हर आम नागरिक की ज़ेब पर भारी असर डाला है। आज देश भर में पेट्रोल-डीज़ल के दाम आसमान को छू रहे हैं। 100 से ज़्यादा प्रदेशों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के ऊपर पहुंच चुका है। पेट्रोल डीज़ल की अनियंत्रित बढ़ती क़ीमतों के खिलाफ आज कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल पम्पों पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।
आख़िर क्यों बढ़ती जा रही हैं, पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें? सरकारें कितना टैक्स लेती है? इस बारे यहां सबकुछ जानिए.
मई-जून में पेट्रोल-डीज़ल की कितनी बढ़ी क़ीमत-मार्च-अप्रैल में 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमत थमी रहीं। वहीं 2 मई को चुनाव के नतीजे आने के बाद 4 मई से दाम बढ़ना फिर से शुरू हो गए। मई में कुल 16 बार तेल की क़ीमतों में बढ़ोतरी हुई। दिल्ली में मई में पेट्रोल 3.83 रुपये व डीज़ल 4.42 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ। वहीं जून में अबतक 6 बार मूल्य बढ़ चुके हैं। जून में पेट्रोल 1.66 रुपये जबकि डीज़ल 1.60 रुपये महंगा हुआ है। साल 2021 में अब तक क़ीमतें 48 बार बढ़ी हैं। इस दौरान पेट्रोल 12.14 रुपये महंगा हुआ।
मार्च-अप्रैल में पेट्रोल-डीज़ल के रेट हुए थे कम- मार्च व अप्रैल माह में पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में 3 बार कटौती की गई थी। 15 अप्रैल से पहले पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में आखिरी बार बदलाव 30 मार्च 2021 को हुआ था। तब दिल्ली में पेट्रोल 22 पैसे और डीज़ल 23 पैसे सस्ता हुआ था। मार्च माह में पेट्रोल 61 पैसे ही सस्ता हुआ था और डीज़ल के दाम 60 पैसे कम होए थे। मार्च में पेट्रोल डीज़ल की क़ीमतों में 3 बार कटौती की सबसे बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल का कमज़ोर होना था।
पेट्रोल-डीज़ल का पिछले 7 वर्षों में कितना बढ़ा था दाम?
हर वर्ष पेट्रोल-डीज़ल महंगा होता जा रहा है, परन्तु पिछले 7 सालों में क़ीमतों में कुछ ज़्यादा ही इज़ाफा हुआ है। इस दौरान पेट्रोल-डीज़ल में 30-35 रुपए प्रति लीटर की बढ़ौतरी देखने को मिली है।  


2014-15 में पेट्रोल 66.09 रुपए प्रति लीटर, डीज़ल 50.32 रुपए प्रति लीटर
2015-16 में पेट्रोल 61.41 रुपए प्रति लीटर, डीज़ल 46.87 रुपए प्रति लीटर
2016-17 में पेट्रोल 64.70 रुपए प्रति लीटर, डीज़ल 53.28 रुपए प्रति लीटर
2017-18 में पेट्रोल 69.19 रुपए प्रति लीटर, डीज़ल 59.08 रुपए प्रति लीटर
2018-19 में पेट्रोल 78.09 रुपए प्रति लीटर, डीज़ल 69.18 रुपए प्रति लीटर
2019-20 में पेट्रोल 71.05 रुपए प्रति लीटर, डीज़ल 60.02 रुपए प्रति लीटर
2020-21 में पेट्रोल 76.32 रुपए प्रति लीटर, डीज़ल 66.12 रुपए प्रति लीटर
11 जून 2021 में पेट्रोल 95.85 रुपए प्रति लीटर, डीज़ल 86.75 रुपए प्रति लीटर

सरकारें कितना टैक्स वसूल रही हैं पेट्रोल-डीज़ल पर?- सरकार कहती है कि दाम तो अंतर्राष्ट्रीय क़ीमतों की वजह से बी बढ़ रहे हैं, परन्तु असल में 1 लीटर पेट्रोल पर केंद्र और राज्य सरकारें जनता की ज़ेब से टैक्स के रूप में पैसा वसूल रही हैं। पेट्रोल पर केंद्र सरकार राज्यों के मुक़ाबले ज़्यादा टैक्स वसूल कर रही है। राज्य सरकारों द्वारा पेट्रोल-डीज़ल पर लगाया गया बिक्री कर या वैट हर राज्य में अलग-अलग होता है। औसतन राज्य सरकारें 1 लीटर पेट्रोल पर क़रीब 20 रुपए और केंद्र सरकार क़रीब 33 रुपये टैक्स लेती है। यानी कि पेट्रोल-डीज़ल पर देश की जनता का आधे से ज़्यादा पैसा सरकार को टैक्स के रूप में जा रहा है।

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