परकाश सिंह बादल की ख़राब हुई तबीयत, उधर एसआईटी मामले को लेकर नार्को टेस्ट करवाने की तैयारी में

चंडीगढ़, 14 जून
Parkash Singh Badal: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल की तबीयत बिगड़ गई है। शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने उनके ख़राब स्वास्थ्य की पुष्टि की है। सरदार परकाश बादल को कोटकपूरा गोलीकांड मामले में गठित नई एसआईटी ने 16 जून को तलब किया हुआ था। अब वह एसआईटी के समक्ष पेश नहीं होंगे। एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल को 16 जून को सुबह 10:30 बजे पावर हाउस रेस्ट हाउस, फेज 8, मोहाली में तलब किया हुआ है।
गौरतलब है कि इसी वर्ष अप्रैल माह में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कोटकपूरा गोलीकांड पर पेश की गई एसआईटी की जांच रिपोर्ट को रद्द कर दिया था और नई एसआईटी गठित करने का निर्देश भी दिया था। इसके बाद मामले की जांच के लिए एडीजीपी एल.के यादव के नेतृत्व में नई एसआईटी का गठन किया गया था। इस टीम को 6 माह में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है। पूछताछ के पीछे का कारण यह है कि अक्तूबर, 2015 में कोटकपूरा गोलीकांड हुआ था, उस समय सरदार परकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री थे।
कोटकपूरा गोलीकांड मामले एसआईटी अब पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी समेत तीन पुलिस अफ़सरों का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में है। एसआईटी ने शुक्रवार को फरीदकोट की अदालत में आवेदन दाखिल कर पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल व पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा का नार्को, लाई डिटेक्टर व ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाने की इजाज़त माँगी है। इस आवेदन पर अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
अक्तूबर, 2015 में फरीदकोट में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन अंग बिखरे पाए जाने के बाद कोटकपूरा में सिखों ने विरोध व धरना प्रदर्शन किया था। 14 अक्तूबर, 2015 को कोटकपूरा में पुलिस ने प्रदर्शन कर रही भीड़ पर फायरिंग कर दी थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर घायल हुए थे।

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