Indian Navy High Alert Iran War: अमेरिका और इजराइल के ईरान पर भीषण हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में जो तनाव भड़का है, उसकी आंच भारत की समुद्री सीमाओं तक पहुंच गई है। भारतीय नौसेना पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर आ गई है और ऑपरेशन संकल्प को फिर से तेज कर दिया गया है। अगर जरूरत पड़ी तो संघर्ष क्षेत्र में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने का ऑपरेशन शुरू करने के लिए नौसेना पूरी तरह सक्षम और तैयार है।
CDS जनरल अनिल चौहान 1 मार्च की देर रात Cabinet Committee on Security (CCS) की उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। साउथ ब्लॉक मुख्यालय में नौसेना और वायुसेना 24 घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
‘ऑपरेशन संकल्प: 21 युद्धपोत, 5000 कर्मी, 900 घंटे की निगरानी’
ऑपरेशन संकल्प 2019 से चल रहा है और इसका मकसद हमेशा से भारतीय जहाजों और उनके क्रू की सुरक्षा रहा है। इसकी शुरुआत उस समय के ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान हुई थी और अब इसे फिर से पूरी ताकत से सक्रिय किया जा रहा है।
नौसेना की ताकत: 5000 से अधिक कर्मी और 21 युद्धपोतों का मजबूत बेड़ा किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। अब तक 900 घंटे की समुद्री निगरानी उड़ानें भरी जा चुकी हैं। बहरीन में INS सूरत तैनात है। अदन की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में कई विध्वंसक और फ्रीगेट तैनात हैं।
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: भारत के लिए सबसे अहम जलमार्ग’
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत का भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात होता है। इस जलमार्ग से भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना अभी भारतीय नौसेना की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऑपरेशन संकल्प के तहत तैनात युद्धपोत कार्गो जहाजों की सुरक्षा के साथ-साथ समुद्री डकैती विरोधी अभियान भी सफलतापूर्वक चला रहे हैं।
‘युद्ध का मंजर: खामेनेई की मौत, 9 नौसैनिक जहाज डूबे’
पिछले कुछ ही दिनों में स्थिति बदल गई है। अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर बड़ा हमला किया जिसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी कहा जा रहा है। अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। ईरान की नौसेना के 9 जहाज डुबोए गए और मुख्यालय तबाह कर दिए गए। अमेरिका ने B-2 Bomber से 2000 पाउंड के बम गिराए और 1000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए। जवाब में ईरान ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। दुबई, अबू धाबी, दोहा, बहरीन में धमाके हुए।
‘खाड़ी में फंसे हजारों भारतीय: MEA ने जारी किया अलर्ट’
विदेश मंत्रालय (MEA) ने इजराइल, ईरान और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए अलर्ट जारी किया है। उनसे कहा गया है कि सतर्क रहें, खबरें फॉलो करते रहें और जरूरी कारण के बिना बाहर न निकलें। इजराइल में भारतीय दूतावास ने भी अत्यंत सावधानी बरतने की अपील की है।
खाड़ी देशों में हजारों भारतीय छात्र और मजदूर फंसे हुए हैं। एयरपोर्ट बंद हो रहे हैं और उड़ानें रद्द हो रही हैं। सरकार बैकचैनल से सभी देशों से संपर्क में है।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
ऑपरेशन संकल्प 2019 में ईरान-अमेरिका तनाव के समय शुरू हुआ था। इसका मकसद समुद्री क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अब ईरान-इजराइल-अमेरिका के नए युद्ध के बीच इसे फिर से सक्रिय करते हुए नौसेना हर संभावित खतरे के लिए तैयार है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- भारतीय नौसेना हाई अलर्ट पर, ऑपरेशन संकल्प फिर से सक्रिय, 21 युद्धपोत और 5000+ कर्मी तैनात।
- अदन की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में निगरानी तेज।
- CDS जनरल अनिल चौहान 1 मार्च की देर रात CCS की उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए।
- MEA ने ईरान, इजराइल और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए अलर्ट जारी किया।
- जरूरत पड़ने पर संघर्ष क्षेत्र में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए नौसेना पूरी तरह तैयार।








