पंजाब में ब्लैक फंगस मामलों की संख्या 188 तक पहुंची, वैकल्पिक दवाओं की मात्रा बढ़ाने के दिए आदेश

चंडीगढ़, मई 27

राज्य में अब तक म्यूकोरमाईकोसिस (ब्लैक फंगस) के मामलों की संख्या 188 तक पहुँचने के मद्देनजर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरूवार को आदेश दिए कि इस बीमारी के इलाज के लिए ऐमफोटेरीसिन दवा की कमी को देखते हुए राज्य में वैकल्पिक दवाओं के स्टाक की मात्रा बढाई जाये। ऐसा करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है।

राज्य के पास सिर्फ लीपोसोमल ऐमफोटेरीसिन बी के टीके स्टाक में रह जाने और आज इसके केवल 880 और टीके मिलने को देखते हुए मुख्यमंत्री ने वैकल्पिक दवाओं का स्टाक मजबूत करने पर जोर दिया जोकि इस संकट से निपटने के लिए उनकी सरकार की तरफ से गठित किये गए माहिरों के समूह की सिफारिशों के अनुसार है।

यह यकीनी बनाने पर जोर देते हुए कि हरेक मरीज को ब्लैक फंगस, जोकि कोविड के मरीजों खास कर जिनको डायबिटीज हो उन पर स्टीरायड का जरूरत से अधिक इस्तेमाल से होता है, से उभरने का मौका मिलना चाहिए, मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐमफोटेरीसिन को भरपूर मात्रा में हासिल करने के यत्नों के इलावा राज्य सरकार ने माहिर समूह की सलाह अनुसार पहले ही वैकल्पिक दवाओं जैसे कि इट्राकोनाजोल (4000 गोलियाँ) और पोसाकोनाजोल (500 गोलियाँ) उपलब्ध करवा दी हैं।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी संतोष जाहिर किया कि छह सदस्यीय माहिर समूह ने अस्पतालों को इलाज सम्बन्धी प्रोटोकॉल के बारे सलाह देने और अस्पतालों को मुहैया करवाई जा रही विभिन्न दवाओं के इस्तेमाल के बारे भी अवगत करवाने का कार्य आरंभ दिया है।

स्वास्थ्य सचिव हुसन लाल ने इस मौके पर जानकारी दी कि 188 में से 40 मामले कोविड से जुड़े हुये नहीं हैं जबकि 148 व्यक्ति कोविड पीड़ित हैं और 133 व्यक्तियों को स्टीरायड थैरेपी दी जा रही है। इसके इलावा 122 व्यक्ति म्यूकोमाईकोसिस की शुरूआत से पहले आक्सीजन पर थे। कुल 154 व्यक्तियों को डायबिटीज थी जबकि 56 व्यक्तियों की रोगों के साथ लड़ने का सामर्थ्य कम था और 47 व्यक्ति सह-बीमारियाँ वाले थे। मौजूदा समय के दौरान 156 व्यक्ति उपचार अधीन हैं जबकि 9 व्यक्ति ठीक हो चुके हैं और 23 की मौत हो चुकी है।

राज्य सरकार के कोविड माहिर समूह के प्रमुख डा. के. के. तलवाड़ ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। प्रोटोकॉल निर्धारित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के माहिरों के साथ दो सैशन हो चुके हैं और मरीजों पर निगरानी रखी जा रही है। इसके इलावा उनको मदद भी मुहैया करवाई जा रही है।

राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब तक के पुष्ट किये गये ब्लैक फंगस के मामलों के बारे जानकारी देते हुए मैडीकल शिक्षा सचिव डी. के. तिवारी ने आज खुलासा किया कि सबसे अधिक 16 मामले जी.एम.सी, पटियाला में सामने आए हैं जबकि जी.एम.सी, अमतृसर में 10, फरीदकोट में 8 और मोहाली में 2 मामले सामने आए हैं।

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