अब प्राईवेट अस्पतालों के बाहर लगेगी कोविड-19 संबंधी खर्चों की पूरी रेट लिस्ट

चंडीगढ़, 2 जूनः

प्राईवेट अस्पतालों द्वारा कोविड-19 के इलाज के लिए अधिक पैसे वसूलने पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आज सभी सिविल सर्जनों को हिदायत की वह अस्पतालों के बाहर कोविड-19 के उपचार खर्च संबंधी बड़े आकार का बोर्ड लगाए जाने को यकीनी बनाएं। उन्होंने कहा कि बोर्ड पर दिखाऐ जाने वाले उपचार खर्च पंजाब सरकार द्वारा तय खर्च से अधिक नहीं होने चाहिएं।
सिद्धू ने स्पष्ट किया कि कोई भी प्राईवेट अस्पताल नोटीफाईड उपचार खर्चों से अधिक पैसे नहीं वसूल सकता और यदि किसी व्यक्ति से सरकार द्वारा नोटीफायी किये गए उपचार खर्च से अधिक पैसे वसूले जाते हैं तो ऐसा व्यक्ति संबंधित डिप्टी कमिश्नर या सिविल सर्जन के पास अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। पंजाब सरकार इस संबंधी जिला प्रशासन को पहले ही हिदायतें जारी कर चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनके ध्यान में लाया गया है कि पंजाब सरकार द्वारा जारी निर्देशों के बाद भी कुछ अस्पतालों द्वारा कोविड मरीजों से अधिक पैसे वसूले गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं का गंभीर नोटिस लेते हुए और उनके निर्देशों पर अधिक पैसे वसूलने वाले राज्य भर के निजी अस्पतालों के खिलाफ महामारी रोग अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किये गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने उन सिविल सर्जनों की प्रशंसा भी की जिन्होंने शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की और इसके बाद कोविड के उपचार के लिए अधिक पैसे वसूलने वाले बहुत से निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों के परिवारों को पैसे वापस किए गए हैं।
सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जायेगा और उन्होंने निजी अस्पतालों में वित्तीय नुकसान झेल रहे कोविड मरीजों के पारिवारिक सदस्यों को भरोसा दिलाया कि एक महीने के अंदर-अंदर ऐसे सभी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।
कोविड के नये मामलों के घट रहे रुझान की तरफ इशारा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के दिशा-निर्देशों के अनुसार हाल ही में हुई कोविड समीक्षा मीटिंग में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने सभी सरकारी और प्राईवेट अस्पतालों में गैर-ज़रूरी सर्जरियों की आज्ञा दी है।
अस्पतालों में कोविड मामलों के घटे बोझ के मद्देनजर श्री सिद्धू ने कहा कि आम लोगों की भलाई के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने का फैसला लिया है और निजी तथा सरकारी दोनों स्वास्थ्य संस्थाओं में गैर-ज़रूरी सर्जरी की आज्ञा दी है। परन्तु कोविड-19 संबंधी देखभाल प्रदान करने वाले निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि कोविड के मामलों में स्तर-3 अस्पतालों की क्षमता के साथ किसी किस्म का समझौता न किया जाये।

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