नितिन गडकरी कॉन्फ्रेंस में दिए अपने खुद के ब्यान में फंसे, अब दे रहें है सफाई

नई दिल्‍ली, 19 मई

वैक्सीन की कमी को दूर करने का तरीका बताने के एक दिन बाद ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने बयान पर सफाई दे दी है। उन्होंने कहा है कि जब उन्होंने दूसरी कंपनियों को भी वैक्सीन बनाने का फॉर्मूला दिए जाने का सुझाव दिया था, तब उन्हें पता नहीं था कि भारत सरकार पहले ही ऐसा कर चुकी है। गडकरी ने मंगलवार को ही एक कॉन्फ्रेंस के दौरान यह कहा था कि वैक्सीन कि किल्लत दूर करने के लिए इसका फॉर्मूला 10 कंपनियों को दिया जाए और इसके एवज में उनसे रॉयल्टी भी ली जाए। उन्होंने कहा था कि इससे 15-20 दिनों के अंदर वैक्सीन की कमी दूर हो जाएगी।

गडकरी ने कहा, ‘कल जब मैं एक कॉन्फ्रेंस में बोल रहा था, तब मैंने वैक्सीन उत्पादन को बढ़ाने का एक सुझाव दिया था। मुझे नहीं पता था कि मेरे बोलने से पहले ही केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से बता चुके हैं।’

गडकरी ने इसके बाद कहा, ‘कॉन्फ्रेंस के बाद उन्होंने मुझे बताया कि भारत सरकार पहले ही 12 अलग कंपनियों द्वारा वैक्सीन निर्माण की सुविधा दे रही है और जल्द ही इन प्रयासों का असर दिखेगा और वैक्सीन उत्पादन बढ़ेगा। मुझे जानकारी नहीं थी कि मनसुख मांडविया के मंत्रालय ने मेरे सुझाव दिए जाने से पहले ही ये कोशिशें शुरू कर दी थीं। मुझे खुशी हुई और मैं उनको और उनकी टीम को बधाई देना चाहूंगा कि उन्होंने सही समय पर सही दिशा में काम शुरू किया।’

नितिन गडकरी ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मडाविया से कहा, ‘जब डिमांड बढ़ती है, तो सप्लाई में दिक्कत आती है। वैक्सीन कंपनी 1 की बजाय 10 को लाइसेंस दे और रॉयलटी भी लें। हर राज्य में पहले से 2-3 लैबोरेटरी है। उनके पास इंफ्रास्ट्रक्चर भी है। फॉर्मूला देकर इनका उनके साथ समन्वय करके संख्या बढ़ाएं। मुझे लगता है ये 15-20 दिन में हो सकता है।’ वैक्सीन के एक्सपोर्ट पर गडकरी बोले, ‘पहले उनको (कंपनियों) कहिए कि देश में दीजिए बाद में ज्यादा हो तो निर्यात करिए। अगर आपको उचित लगे तो इस पर जरूर विचार करिए।’ 

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नितिन गडकरी के सुझाव को हथियार बनाकर पीएम मोदी पर तंज कसा। उन्होंने नितिन गडकरी का वीडियो शेयर करते हुए, बिना नाम लिए कहा, ‘क्या उनके बॉस सुन रहे हैं? 8 अप्रैल को डॉ. मनमोहन सिंह ने भी ऐसा ही सुझाव दिया था।’

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