NIA ने किया D-कंपनी के प्लान का किया खुलासा, बड़े नेताओं और हस्तियों को बनाया टारगेट

The News Air- डी-गैंग की एक साज़िश की ख़बर भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों के हाथ लगी है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने अपनी एफआईआर में इस साज़िश का ज़िक्र किया है। NIA के मुताबिक़ डी-गैंग के सरगना और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी दाउद ने भारत में हमलों के लिए एक स्पेशल यूनिट बनाई है। जिसके निशाने पर बड़े नेता और हस्तियां हैं।

हिंसा को हवा देना है मक़सद

एफआईआर के मुताबिक़, दाउद अपनी स्पेशल यूनिट के ज़रिए भारत में हमले करना चाहता है और उसका फोक्स दिल्ली और मुंबई हैं। यहां के बड़े नेता और बड़ी हस्तियां उसके टारगेट हैं। दाउद विस्फोटक और घातक हथियारों से लैस इस यूनिट के ज़रिए भारत के कई इलाक़ों में हमले करना चाहता है। जांच एजेंसी के मुताबिक़, ये हमलों का मक़सद भारत के विभिन्न हिस्सों में हिंसा भड़काना है।

ED की कस्टडी में दाउद का भाई इक़बाल कासकर

NIA के खुलासे से एक दिन पहले ही यानी शुक्रवार को ED ने दाउद के भाई इक़बाल कासकर को कस्टडी में लिया है। मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ED अगले 7 दिन यानी 24 फरवरी तक इक़बाल से पूछताछ करेगी। ED ने हाल ही में दाउद और उसके करीबियों के ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज़ किया है। ED के मुताबिक़, ये लोग आतंकवादी गतिविधियों की फंडिंग कर रहे हैं।

इक़बाल ने गैंगस्टर से रक़म माँगी थी

ED के असिस्टेंट डायरेक्टर डीसी नाहक ने बताया कि सितंबर 2017 में एक बिल्डर की शिकायत पर इक़बाल कासकर, मुमताज़ अजाज शेख, इसरार जमील सैय्यद और कुछ अन्य लोगों के ख़िलाफ़ वसूली का केस दर्ज़ किया गया था। एक बिल्डर ने शिकायत में कहा था कि उससे इक़बाल और दूसरे लोगों ने वसूली की रक़म माँगी थी। 2015 में बिल्डर से एक दलाल ने सैय्यद के साथ मुलाक़ात की थी। सैय्यद ने कहा था कि वह दाउद का भाई है। उसने इक़बाल से भी बिल्डर की बात कराई थी और धमकी दी थी कि अगर उसने वसूली की रक़म नहीं दी तो उसे मार दिया जाएगा।

गैलेंट्री अवार्ड पा चुका IPS अधिकारी गिरफ़्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को हिमाचल के IPS अधिकारी अरविंद दिग्विजय नेगी को गिरफ़्तार किया। नेगी को नवंबर 2021 में एजेंसी की ओर से दर्ज़ एक OGW नेटवर्क मामले के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया है। ‌‌वे क़रीब एक साल से एजेंसी के रडार पर था। अरविंद को समूह लश्कर-ए-तैयबा के हुर्रियत टेरर फंडिंग मामले की जांच के लिए 2017 में गैलेंट्री अवार्ड (वीरता पुरस्कार) मिला था।

आर्मी कैंप में तैनात था पाकिस्तान का जासूस

राजस्थान के नसीराबाद आर्मी कैंप से एक पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद यूनुस को गिरफ़्तार किया गया है। जासूस पार्किंग में पर्ची काटने का काम करता था। आरोपी व्हाट्सएप के ज़रिए सामरिक सूचनाएं पाकिस्तान भेजता था और इसके बदले उसे पैसे मिलते थे। IB ने निगरानी की तो आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई थी। हिरासत में लेकर जयपुर मुख्यालय में पूछताछ की गई थी, इसके बाद गिरफ़्तार किया गया है।

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