Pakistan Drone Attack Attempt Poonch – साल 2026 के स्वागत में जब पूरा देश और दुनिया जश्न मना रही थी, ठीक उसी वक्त पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अपनी पुरानी और घटिया हरकतों से बाज नहीं आया। नए साल की पहली ही सुबह जम्मू-कश्मीर के पुंछ (Poonch) जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक पाकिस्तानी ड्रोन (Pakistan Drone) ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की। इस ड्रोन के जरिए आतंकवादियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचाने की कोशिश की गई थी, लेकिन भारतीय सेना (Indian Army) की मुस्तैदी ने इस साजिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया।
नए साल की रात, खौफनाक साजिश
घटना 31 दिसंबर की रात और 1 जनवरी 2026 की सुबह के बीच की है। पुंछ के खाड़ी करमारा (Khari Karmara) इलाके में एलओसी के करीब एक पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ। यह ड्रोन करीब 5 मिनट तक भारतीय सीमा में मंडराता रहा और फिर एक संदिग्ध पैकेट गिराकर वापस पाकिस्तान की ओर लौट गया। अंधेरे का फायदा उठाकर की गई इस कोशिश का मकसद घाटी में दहशत फैलाना था।
क्या था उस पैकेट में?
ड्रोन से गिराए गए पैकेट की जब जांच की गई, तो सुरक्षाबल भी हैरान रह गए। इसमें भारी मात्रा में आईईडी (Improvised Explosive Device), गोला-बारूद, कारतूस और रिपोर्ट्स के मुताबिक नशीले पदार्थ (Drugs) भी शामिल थे। यह साफ है कि पाकिस्तान न केवल बारूद से, बल्कि नशे (Narco-Terrorism) के जरिए भी जम्मू-कश्मीर की युवा पीढ़ी और शांति को निशाना बनाना चाहता है।
सेना का ‘सर्च एंड डिस्ट्रॉय’ ऑपरेशन
ड्रोन की गतिविधि रडार पर आते ही भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस (J&K Police) तुरंत हरकत में आ गई। सेना की रोमियो फोर्स (Romeo Force) ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर ‘कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन’ (Cordon and Search Operation) शुरू किया। जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए संदिग्ध पैकेट को बरामद कर लिया और एक बड़ी आतंकी घटना को होने से पहले ही रोक दिया। यह 24 घंटे में दूसरी ड्रोन घुसपैठ थी, इससे पहले सांबा जिले में भी ऐसी ही कोशिश की गई थी।
विश्लेषण: ‘ड्रोन वॉरफेयर’ – नई चुनौती (Expert Analysis)
पाकिस्तान अब आमने-सामने की लड़ाई की हिम्मत खो चुका है, इसलिए वह ‘प्रॉक्सी वॉर’ के नए तरीकों पर उतर आया है। ड्रोन का इस्तेमाल करके हथियार और ड्रग्स भेजना एक सस्ता और कम जोखिम वाला तरीका है, जिसे ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ (Hybrid Warfare) कहा जाता है। 2025 में सैकड़ों ड्रोन घुसपैठ की कोशिशें हुईं, लेकिन भारतीय सेना के पास अब आधुनिक ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’, जैमर और स्पूफर्स मौजूद हैं, जो दुश्मन के हर मंसूबे को हवा में ही खत्म कर रहे हैं। नए साल के जश्न के बीच यह हमला पाकिस्तान की हताशा को दिखाता है कि वह कश्मीर में शांति बर्दाश्त नहीं कर सकता।
आम लोगों पर असर (Human Impact)
सरहद पर रहने वाले लोगों के लिए यह तनाव का विषय है। ड्रोन की आवाज और सर्च ऑपरेशन की हलचल उनके दैनिक जीवन को प्रभावित करती है। हालांकि, सेना की सतर्कता से उन्हें सुरक्षा का भरोसा भी मिलता है। यह घटना याद दिलाती है कि हमारी सुरक्षा के लिए जवान अपनी खुशियां त्यागकर सीमा पर डटे हैं।
जानें पूरा मामला (Background)
जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी सेक्टर पिछले कुछ समय से आतंकियों के निशाने पर रहे हैं। पाकिस्तान लगातार इन इलाकों में घुसपैठ की कोशिशें करता रहा है। 1 जनवरी 2026 को हुई यह घटना उसी कड़ी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नए साल के जश्न में खलल डालना और आतंकी नेटवर्क को फिर से खड़ा करना था।
मुख्य बातें (Key Points)
1 जनवरी 2026 को Poonch में पाकिस्तानी ड्रोन ने घुसपैठ की।
ड्रोन से IED, गोला-बारूद और ड्रग्स गिराए गए।
Indian Army और पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर सामग्री बरामद की।
24 घंटे में यह Second Drone Infiltration की कोशिश थी।
सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान की Terror Plot को पूरी तरह विफल कर दिया।








