Navjot Sidhu Shayari: पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की एक नई शायरी सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक चर्चा का विषय बनी हुई है। अपनी बेबाक जुबान और शायरी के लिए पहचाने जाने वाले सिद्धू ने इस बार भी सीधे शब्दों में कुछ न कहकर, इशारों-इशारों में राजनीति को जवाब दे दिया है। उनकी यह शायरी पंजाब की मौजूदा राजनीतिक हलचल और कांग्रेस के भीतर चल रहे अंदरूनी घमासान का आईना बन गई है।
“मतलब पड़ा तो सारे अनबंद हो गए”
सिद्धू ने अपनी शायरी में कहा है – “मतलब पड़ा तो सारे अनबंद हो गए, गुरु-नेवलों के भी सांपों से संबंध हो गए।” यह शायरी इतनी गहरी और संकेतों से भरी है कि किसी का नाम लिए बिना ही यह साफ संदेश दे रही है कि राजनीति में स्वार्थ के लिए दुश्मनी भी दोस्ती में बदल जाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह शायरी पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रहे गुटबाजी, खींचतान और विश्वासघात की ओर इशारा करती है। “नेवलों के भी सांपों से संबंध हो गए” – यह पंक्ति विशेष रूप से उन लोगों की ओर इशारा करती प्रतीत होती है जो कभी एक-दूसरे के खिलाफ थे, लेकिन अब स्वार्थवश साथ खड़े हैं।
कांग्रेस की बैठक से बाहर रखे गए सिद्धू
जनवरी 2026 में, नवजोत सिंह सिद्धू ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा जताई थी जब उन्हें पंजाब राजनीति पर एक महत्वपूर्ण कांग्रेस नेतृत्व की बैठक से बाहर रखा गया। यह बैठक पंजाब की राजनीतिक स्थिति की समीक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की दलित प्रतिनिधित्व पर टिप्पणियों और जारी गुटबाजी जैसे मुद्दों को संबोधित करने के लिए थी।
सिद्धू के करीबी सूत्रों ने बताया कि वह इस बात से “दिल टूटा हुआ” महसूस कर रहे थे क्योंकि उन्हें कांग्रेस नेतृत्व से किसी आउटरीच की उम्मीद थी जो नहीं मिली। उन्होंने उस समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश पोस्ट किया था जिसमें कहा गया – “जो नहीं मिला, उसे जाने दो।”
पत्नी के विवादित बयान ने बढ़ाई मुश्किलें
नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के विवादित बयानों ने भी कांग्रेस के भीतर विवाद पैदा किया है। दिसंबर 2025 में, उन्होंने दावा किया था कि पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के लिए “₹500 करोड़ की सूटकेस” की जरूरत होती है। इस बयान के बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया।
नवजोत कौर ने दिसंबर 2025 में कांग्रेस के प्रति अपनी वफादारी दोहराई, लेकिन कुछ पार्टी नेताओं की आलोचना करना जारी रखा, उन पर पार्टी को “बर्बाद” करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा था कि नवजोत सिंह सिद्धू तभी सक्रिय राजनीति में वापसी करेंगे जब उन्हें पंजाब के लिए मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर अलग-अलग व्याख्याएं
सोशल मीडिया पर लोग इस शायरी को अलग-अलग तरीके से पढ़ रहे हैं। कुछ इसे सिद्धू की राजनीति में वापसी का संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे उन लोगों के लिए चेतावनी बता रहे हैं जो राजनीति को सिर्फ खेल समझ बैठे हैं।
कई राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह शायरी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी राजनीति, सत्ता की लड़ाई और गुटबाजी पर एक तीखी टिप्पणी है।
सिद्धू की राजनीतिक यात्रा
नवजोत सिंह सिद्धू की राजनीतिक यात्रा काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। उन्होंने अपनी राजनीतिक करियर BJP से शुरू की थी, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में उन्हें अपनी सीट से हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
तब से, वह औपचारिक राजनीति में कम सक्रिय रहे हैं और क्रिकेट कमेंट्री में वापस लौट गए हैं। उन्होंने 2024 में एक YouTube चैनल भी लॉन्च किया, जो क्रिकेट, लाइफस्टाइल और प्रेरक विषयों पर केंद्रित है।
BJP में वापसी की अटकलें
नवजोत कौर सिद्धू की सोशल मीडिया पोस्ट्स में BJP नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें सामने आने के बाद यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू BJP में वापसी की संभावना तलाश रहे हैं। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
2027 चुनाव की तैयारी में कांग्रेस
पंजाब की कांग्रेस पार्टी वर्तमान में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले आंतरिक विभाजन और गुटबाजी से जूझ रही है। इन समस्याओं को देखते हुए, पार्टी हाई कमान ने एक मुख्यमंत्री चेहरा प्रोजेक्ट न करने का फैसला किया है और इसके बजाय सामूहिक रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
सिद्धू की स्थिति पंजाब में कांग्रेस के लिए प्रमुख चिंताओं में से एक है। उनकी शायरी ने यह साफ कर दिया है कि वह पार्टी के भीतर हो रहे घटनाक्रम पर गहरी नजर रखे हुए हैं।
शायरी से सियासत तक
नवजोत सिंह सिद्धू अपनी अनोखी शैली के लिए जाने जाते हैं, जिसमें वह अक्सर “शायरी” (कविता) और वाक्पटुता भरे भाषणों को अपने राजनीतिक प्रवचन में शामिल करते हैं। यह उनकी सार्वजनिक उपस्थिति की एक पहचान है।
कुल मिलाकर, नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि शायरी जब सियासत से टकराती है, तो आवाज दूर तक जाती है। बिना नाम लिए, बिना सीधे हमला किए सिर्फ अलफाजों से राजनीति को जवाब देना, यही सिद्धू का खास अंदाज है।
मुख्य बातें (Key Points)
नवजोत सिंह सिद्धू की ताजा शायरी “मतलब पड़ा तो सारे अनबंद हो गए, नेवलों के भी सांपों से संबंध हो गए” सोशल मीडिया पर वायरल।
राजनीतिक विश्लेषक इसे पंजाब कांग्रेस के भीतर गुटबाजी, खींचतान और विश्वासघात का संकेत मानते हैं।
जनवरी 2026 में सिद्धू को कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक से बाहर रखा गया, जिससे वह निराश हुए।
पत्नी नवजोत कौर के विवादित बयानों ने भी पार्टी में विवाद बढ़ाया; BJP में वापसी की अटकलें तेज।








