Namo Bharat Rapid Train: देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) नमो भारत रैपिड ट्रेन (Namo Bharat Rapid Train) में सफर करना अब और सुरक्षित और स्वच्छ बनाने की तैयारी है, लेकिन अगर आप नियम तोड़ते हैं तो यह सफर महंगा पड़ सकता है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन से लेकर स्टेशन परिसर तक हर जगह यात्री कैमरे की निगरानी में हैं। अगर कोई यात्री गंदगी फैलाता है, धूम्रपान करता है या शराब पीकर उत्पात मचाता है, तो उसे मेट्रो रेलवे (परिचालन और अनुरक्षण) अधिनियम 2002 के तहत भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।
कुछ गंभीर मामलों में जुर्माने के साथ-साथ सजा का प्रावधान भी है। एनसीआरटीसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन और स्टेशन को साफ-सुथरा रखने और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सहयोग करें।
किन कृत्यों पर कितना जुर्माना?
मेट्रो रेलवे अधिनियम 2002 के तहत विभिन्न अपराधों के लिए अलग-अलग अर्थदंड (जुर्माना) निर्धारित किए गए हैं। यात्रियों को इन नियमों का उल्लंघन न करने की सलाह दी जाती है, नहीं तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। आइए जानते हैं प्रमुख अपराध और उन पर लगने वाला जुर्माना:
थूकना (Spitting): ट्रेन या स्टेशन परिसर में कहीं भी थूकने पर ₹200 का जुर्माना लगाया जाएगा।
गंदगी फैलाना (Littering): गुटखा, पान खाकर थूकना या कोई भी कचरा फैलाने पर भी ₹200 का जुर्माना है।
धूम्रपान (Smoking): नमो भारत ट्रेन या मेट्रो स्टेशन पर बीड़ी-सिगरेट पीते पकड़े जाने पर आपको ₹500 का जुर्माना भरना पड़ेगा।
शराब पीकर उत्पात (Drunk & Disorderly): नशे की हालत में गाली-गलौच या उत्पात मचाने पर ₹500 का जुर्माना लगाया जाएगा।
खतरनाक सामग्री (Dangerous Goods): विस्फोटक या ज्वलनशील पदार्थ जैसी खतरनाक चीजें ले जाने पर आपको ₹5,000 का जुर्माना और 4 साल की जेल भी हो सकती है।
आपत्तिजनक सामग्री (Objectionable Material): कोई भी अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री ले जाने या दूसरों को दिखाने पर ₹500 का जुर्माना लग सकता है।
प्रदर्शन (Protest): स्टेशन परिसर में बिना अनुमति किसी भी तरह का प्रदर्शन या धरना देने पर ₹1,000 जुर्माना और 6 महीने की जेल का प्रावधान है।
पोस्टर-पेंटिंग (Posters/Graffiti): कोच या स्टेशन परिसर में पोस्टर चिपकाने या दीवारों पर चित्र बनाने पर भी ₹1,000 जुर्माना और 6 महीने की जेल हो सकती है।
ट्रेन की छत पर चढ़ना: ट्रेन की छत (रूफटॉप) पर चढ़ने या सफर करने का प्रयास करने पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
जुर्माना न भरने पर क्या होगा?
अधिकारियों ने बताया कि अगर कोई यात्री जुर्माना भरने से इनकार करता है, तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा और मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जा सकता है। ऐसे में कानूनी कार्रवाई और अधिक सख्त हो सकती है। एनसीआरटीसी ने स्पष्ट किया है कि कैमरे की निगरानी में पकड़े जाने पर बचना मुश्किल होगा।
‘जानें पूरा मामला’
नमो भारत रैपिड ट्रेन दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चलने वाली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी। यह ट्रेन अपनी आधुनिक सुविधाओं और तेज रफ्तार के लिए जानी जाती है। ऐसे में ट्रेन और स्टेशनों की साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है। मेट्रो रेलवे अधिनियम 2002 इसी उद्देश्य से बनाया गया था, ताकि यात्री अनुशासन में रहें और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। यात्रियों से अपेक्षा है कि वे नियमों का पालन करें और सफर को सुखद बनाएं।
मुख्य बातें (Key Points)
नमो भारत रैपिड ट्रेन और मेट्रो में थूकने, गंदगी फैलाने, धूम्रपान करने पर भारी जुर्माना है।
मेट्रो रेलवे अधिनियम 2002 के तहत थूकने पर ₹200, धूम्रपान पर ₹500 और शराब पीकर उत्पात पर ₹500 जुर्माना तय है।
खतरनाक सामग्री ले जाने पर ₹5000 जुर्माना और 4 साल की जेल का प्रावधान।
बिना अनुमति प्रदर्शन या पोस्टर चिपकाने पर ₹1000 जुर्माना और 6 महीने की जेल हो सकती है।
यात्रियों को हर वक्त सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखा गया है, जुर्माना न भरने पर पुलिस कार्रवाई होगी।








