कोरोना के बीच रहस्यमयी बुख़ार का कहर, हालात हुए ख़राब

लखनऊ, 3 सितंबर (The News Air)
लखनऊ में रहस्यमयी बुख़ार के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले दो दिनों में राज्य की राजधानी के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में 40 बच्चों सहित 400 से ज़्यादा वायरल रोगियों को भर्ती कराया गया है। ओपीडी में 20 फ़ीसदी से ज़्यादा मरीज़ बुख़ार, सर्दी और कंजेशन की शिकायत कर रहे हैं। जहां डॉक्टर बदलते मौसम की वजह से इन मामलों को मौसमी फ्लू बता रहे हैं, वहीं मरीज़ों में दहशत फैल रही है, उन्हें डर है कि यह कोविड महामारी की तीसरी लहर की शुरूआत हो सकती है।
वहीं बात करें फिरोज़ाबाद की तो यहां बुख़ार से मौतों की संख्या एक सप्ताह में क़रीब 50 हो गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान 6 लोगों के जान गंवाने की ख़बरें आ रही हैं। वहीं, लखनऊ में बुख़ार से पीड़ित 400 से ज़्यादा मरीज़ कई सरकारी अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। चिंता की बात यह भी है कि पीड़ितों में बच्चों की संख्या अच्छी ख़ासी है। फिरोज़ाबाद में हाल में सीएमओ का ट्रांसफर किए जाने और एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम तैनात किए जाने के बाद अब 3 डॉक्टरों को सस्पेंड करने का क़दम उठाया गया है।
फिरोज़ाबाद में जिस बुख़ार से पिछले एक हफ़्ते में कम से कम 32 बच्चों की मौत हो जाने की ख़बर है, उसे डेंगू बताया जा रहा है। इस बुख़ार से कम से कम 40 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि ख़बरों में मौत का यह आंकड़ा 47 और 60 तक भी बताया जा रहा है। बुधवार रात चार लोगों और गुरुवार को दो बच्चों की मौत से यह आंकड़ा गंभीर होता जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की पुष्टि के हवाले से ख़बर है कि फिरोज़ाबाद मेडिकल कॉलेज में 285 बच्चों समेत कुल 375 बुख़ार पीड़ित मरीज़ों का इलाज चल रहा है। कुछ ही दिन पहले यहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दौरे पर आए थे और अस्पतालों में जाकर बच्चों का हाल जाना था। उस समय उन्होंने विभाग को संबंधित निर्देश भी दिए थे। इसके बाद बावज़ूद यहां हालात बेक़ाबू दिख रहे हैं। ज़िला मजिस्ट्रेट चंद्रविजय सिंह ने लापरवाही के आरोप में यहां तीन डॉक्टरों को सस्पेंड भी किया।
उप्र की राजधानी के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में 40 बच्चों के साथ ही कुल क़रीब 400 मरीज़ भर्ती हुए हैं, जिन्हें बुख़ार की शिकायत है। ख़बरों की मानें तो यहां ओपीडी में 20 फ़ीसदी केस बुख़ार, सर्दी और कंजेस्शन संबंधी आ रहे हैं। बलरामपुर अस्पताल, लोहिया अस्पताल और सिविल अस्पताल में ख़ासी संख्या में ऐसे मरीज़ पहुंच रहे हैं. यह भी बताया जा रहा है कि पिछले हफ़्ते की तुलना में इन केसों में 15 प्रतिशत का इज़ाफा हो गया है।

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