Dhurandhar Movie Ban News : रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना और संजय दत्त की फिल्म ‘धुरंधर’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रखा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे एक बड़ा झटका लगा है। 5 दिसंबर को रिलीज हुई इस फिल्म को सऊदी अरब, यूएई और कुवैत समेत कई गल्फ देशों में बैन कर दिया गया है। इन देशों ने फिल्म के ‘एंटी-पाकिस्तान’ थीम और राजनीतिक संदेश को वजह बताते हुए इसकी रिलीज पर रोक लगा दी है।
भारतीय सिनेमाघरों में जहां ‘धुरंधर’ की गूंज सुनाई दे रही है, वहीं खाड़ी देशों (Gulf Countries) में इस फिल्म को लेकर सन्नाटा पसरा है। पीएम मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताने वाले इन इस्लामिक देशों ने पाकिस्तान की ‘सच्चाई’ से मुंह मोड़ लिया है। खबर है कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन में दर्शकों को यह फिल्म देखने को नहीं मिलेगी।
क्यों डरे हुए हैं गल्फ देश?
आखिर ऐसा क्या है इस फिल्म में जिससे इस्लामिक देश चिढ़ गए हैं? दरअसल, ‘धुरंधर’ एक हाई-ऑक्टेन जासूसी और एक्शन ड्रामा है, जिसकी कहानी भारतीय खुफिया एजेंसी के एक गुप्त ऑपरेशन के इर्द-गिर्द घूमती है। यह फिल्म पाकिस्तान के भीतर चल रहे आतंकी नेटवर्क और उसे मिलने वाले सरकारी समर्थन की पोल खोलती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे सीमा पार से आतंकवाद को रणनीतिक रूप से चलाया जाता है, आतंकियों को फंड और ट्रेनिंग दी जाती है। गल्फ देशों का तर्क है कि फिल्म में पाकिस्तान को नकारात्मक रूप से दिखाया गया है और इसमें गहरा राजनीतिक संदेश है, जिससे कूटनीतिक तनाव बढ़ सकता है।
बलूचिस्तान का दर्द और पाक की तिलमिलाहट
फिल्म में सिर्फ आतंकवाद ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान की दुखती रग ‘बलूचिस्तान’ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। कहानी में बलूच समुदाय के दर्द, वहां गायब होते लोगों, पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन को दिखाया गया है। एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘धुरंधर’ ने पहली बार बलूचिस्तान की आजादी की पीड़ा को बॉलीवुड की मुख्यधारा में जगह दी है। यही वह बिंदु है जो पाकिस्तान और उसके समर्थक देशों को सबसे ज्यादा चुभ रहा है। यह फिल्म राष्ट्रवाद के साथ-साथ बलूच स्वतंत्रता आंदोलन को एक वैश्विक मंच प्रदान करती है।
बॉक्स ऑफिस पर कमाई की सुनामी
तमाम विवादों के बावजूद फिल्म की कमाई की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्षय खन्ना और रणवीर सिंह की इस फिल्म ने महज 8 दिनों में ही ‘वॉर 2’ के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। ‘धुरंधर’ ने रिलीज के पहले हफ्ते में 207.25 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया। इसके बाद आठवें दिन 32.5 करोड़ और नौवें दिन करीब 53 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि गल्फ देशों में बैन लगने से फिल्म की विदेशी कमाई (International Collection) पर निश्चित रूप से असर पड़ेगा।
देशभक्ति या राजनीति? बटी हुई है राय
भारत में भी फिल्म को लेकर दर्शकों की राय दो हिस्सों में बटी हुई नजर आ रही है। एक वर्ग फिल्म की देशभक्ति, दमदार एक्शन और रणवीर-संजय दत्त की एक्टिंग की जमकर तारीफ कर रहा है। वहीं, दूसरा वर्ग इसमें दिखाई गई हिंसा और राजनीति के खुलकर इस्तेमाल पर सवाल उठा रहा है। कुछ लोगों का आरोप है कि फिल्म के जरिए एक खास राजनीतिक विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि, कट्टरपंथियों को फिल्म का कंटेंट रास नहीं आ रहा है, लेकिन बॉक्स ऑफिस के आंकड़े बता रहे हैं कि आम जनता इसे खूब पसंद कर रही है।
कूटनीतिक रिश्तों का संतुलन
जानें पूरा मामला: गल्फ देशों द्वारा भारतीय फिल्मों को बैन करना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले ‘आर्टिकल 370’, ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘बेल बॉटम’ और ‘द कश्मीर फाइल’ जैसी फिल्मों पर भी वहां रोक लग चुकी है। दरअसल, गल्फ देश भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक रिश्ते संतुलित रखना चाहते हैं। वे नहीं चाहते कि उनके सिनेमाघरों में ऐसी कोई फिल्म चले जो किसी एक देश के खिलाफ हो और जिससे क्षेत्र में कूटनीतिक तनाव पैदा हो। यही वजह है कि ‘धुरंधर’ को वहां रिलीज की अनुमति नहीं मिली है।
मुख्य बातें (Key Points)
Dhurandhar फिल्म को सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और कतर जैसे देशों में बैन कर दिया गया है।
फिल्म में पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क और बलूचिस्तान के मुद्दे को दिखाया गया है।
फिल्म ने 8 दिनों में ‘वॉर 2’ का रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहले हफ्ते में 207 करोड़ से ज्यादा कमाए।
गल्फ देशों ने कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए फिल्म पर रोक लगाई है।








