Mukhyamantri Sehat Yojana के तहत पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को हर घर तक पहुंचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सेहत कार्ड पंजीकरण अभियान को तेज़ करने के लिए 19,000 से अधिक आशा कार्यकर्ताओं और 900 सहायकों की विशाल फौज को मैदान में उतार दिया है। ये कार्यकर्ता पंजाब के गांव-गांव जाकर परिवारों को सेहत कार्ड बनवाने में मदद कर रही हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बुधवार को चंडीगढ़ में इस अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि भगवंत मान सरकार की गारंटी है कि पंजाब में कोई भी परिवार इलाज के खर्च के कारण परेशान नहीं होगा।
20 दिनों में 10 लाख पंजीकरण: Mukhyamantri Sehat Yojana की रफ्तार अभूतपूर्व
Mukhyamantri Sehat Yojana के पंजीकरण अभियान की रफ्तार अभूतपूर्व है। पिछले सिर्फ 20 दिनों में आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से करीब 10 लाख नए पंजीकरण किए गए हैं। वर्तमान में हर रोज़ लगभग 50,000 लोग अपना सेहत कार्ड बनवा रहे हैं और अब तक पूरे पंजाब में 35 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
यह आंकड़ा बताता है कि ज़मीनी स्तर पर चलाया जा रहा यह अभियान कितना प्रभावी साबित हो रहा है। लुधियाना, पटियाला और जालंधर जैसे जिले पंजीकरण के मामले में सबसे आगे हैं, जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में इस योजना की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
हर आशा कार्यकर्ता की ज़िम्मेदारी: 250 परिवार और 1,000 लोग
इस राज्यव्यापी अभियान में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम है। Mukhyamantri Sehat Yojana की पहुंच को ज़मीनी स्तर तक विस्तारित करने के लिए प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को लगभग 1,000 लोगों और करीब 250 परिवारों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
ये कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों में योजना के प्रति जागरूकता फैला रही हैं और परिवारों को सेवा केंद्रों तथा कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) में पंजीकरण कराने में सहयोग दे रही हैं। यह पहल खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में बेहद कारगर साबित हो रही है, जहां कई परिवारों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देर से पहुंचती है या पंजीकरण की प्रक्रिया को लेकर भ्रम रहता है। आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से पंजीकरण और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया बिना किसी देरी या उलझन के सुचारू रूप से पूरी हो रही है।
प्रोत्साहन राशि से बढ़ रहा उत्साह: जवाबदेही भी, सम्मान भी
अभियान की गति बनाए रखने के लिए पंजाब सरकार ने एक समझदारी भरा कदम उठाया है। आशा कार्यकर्ताओं को हर सफल पंजीकरण पर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इससे न केवल कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है बल्कि जवाबदेही और निरंतर कार्य भी सुनिश्चित हो रहा है।
यह मॉडल बताता है कि जब सरकार ज़मीनी कार्यकर्ताओं के प्रयासों को मान्यता और आर्थिक प्रोत्साहन देती है तो नतीजे कितने बेहतर आते हैं। 20 दिनों में 10 लाख पंजीकरण का आंकड़ा इसी रणनीति की सफलता का प्रमाण है।
डॉ. बलबीर सिंह बोले: “यह कागज़ों की योजना नहीं, घर-घर पहुंचने वाली गारंटी है”
Mukhyamantri Sehat Yojana के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में कोई भी परिवार इलाज के खर्च के कारण परेशान नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता इस भरोसे को लोगों के घर तक पहुंचा रही हैं ताकि हर परिवार योजना से अवगत हो और आसानी से पंजीकरण कर सके। डॉ. बलबीर सिंह ने ज़ोर देकर कहा कि यह केवल कागज़ों तक सीमित योजना नहीं है बल्कि एक ऐसी गारंटी है जिसे आम आदमी पार्टी सरकार हर घर तक पहुंचा रही है।
300 करोड़ रुपये के 2 लाख से ज़्यादा इलाज: दिल से लेकर कैंसर तक का मुफ्त उपचार
Mukhyamantri Sehat Yojana सिर्फ कार्ड बनवाने तक सीमित नहीं है। पंजीकरण के साथ-साथ योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाएं भी तेज़ी से दी जा रही हैं। अब तक 300 करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत वाले 2 लाख से ज़्यादा उपचार किए जा चुके हैं।
इनमें 40,000 से अधिक सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल हैं जो आम परिवारों के लिए कैशलेस रही हैं। इन उपचारों में हृदय रोग, डायलिसिस, अस्थि शल्य चिकित्सा (आर्थोपेडिक्स), कैंसर उपचार और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये वे बीमारियां हैं जिनका इलाज निजी अस्पतालों में लाखों रुपये का होता है और कई गरीब परिवार पैसों की कमी के कारण इलाज ही नहीं करा पाते थे।
पंजाब बजट 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
Mukhyamantri Sehat Yojana के विस्तार के लिए पंजाब सरकार ने बजट 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। यह राशि बताती है कि सरकार इस योजना को लेकर कितनी गंभीर है और आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ाने की योजना है।
शिविरों, सेवा केंद्रों और घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से पंजाब सरकार लगातार लोगों को प्रेरित कर रही है कि वे अपना सेहत कार्ड बनवाएं और कैशलेस इलाज का लाभ उठाएं।
आम आदमी के लिए क्यों अहम है Mukhyamantri Sehat Yojana?
इस योजना का सीधा असर पंजाब के उन लाखों परिवारों पर पड़ रहा है जो अब तक इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे। एक गंभीर बीमारी पूरे परिवार को आर्थिक रूप से तबाह कर देती थी। कई बार लोग ज़मीन बेचकर या भारी कर्ज लेकर इलाज कराते थे। Mukhyamantri Sehat Yojana ने इस तस्वीर को बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब सेहत कार्ड धारक परिवार सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकते हैं। 19,000 आशा कार्यकर्ताओं का यह नेटवर्क सुनिश्चित कर रहा है कि दूरदराज के गांवों में रहने वाला आखिरी व्यक्ति भी इस योजना से वंचित न रहे।
मुख्य बातें (Key Points)
- Mukhyamantri Sehat Yojana के तहत 19,000 आशा कार्यकर्ता और 900 सहायक पंजाब भर में घर-घर जाकर सेहत कार्ड पंजीकरण करा रहे हैं, 20 दिनों में 10 लाख पंजीकरण हुए।
- अब तक 35 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी हो चुके हैं और रोज़ाना 50,000 नए पंजीकरण हो रहे हैं, लुधियाना, पटियाला और जालंधर अग्रणी जिले हैं।
- योजना के तहत 300 करोड़ रुपये से अधिक के 2 लाख से ज़्यादा उपचार किए गए हैं जिनमें 40,000 सर्जरी शामिल हैं, बजट 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
- स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह सिर्फ कागज़ी योजना नहीं बल्कि हर घर तक पहुंचने वाली स्वास्थ्य गारंटी है।













