RSS Chief Mohan Bhagwat Adnan Sami Lunch Controversy की शुरुआत उस वक्त हुई, जब अदनान सामी ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मोहन भागवत के साथ बिताए गए समय की तस्वीर साझा की। यह मुलाकात मुंबई में आयोजित आरएसएस के शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जिसमें अदनान सामी भी शामिल हुए थे।
तस्वीर सामने आते ही राजनीतिक हलचल तेज
जैसे ही यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, वैसे ही कांग्रेस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। महाराष्ट्र कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए आरएसएस और उसके प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा। पार्टी का आरोप है कि इस तरह की सार्वजनिक मुलाकातें देश को गलत संदेश देती हैं और इतिहास से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में मौजूद हस्तियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनके कदमों से समाज में क्या संदेश जा रहा है, खासकर तब जब देश में पहले से ही राजनीतिक और वैचारिक मतभेद गहरे हों।
कांग्रेस ने अदनान सामी के पारिवारिक इतिहास का उठाया मुद्दा
कांग्रेस ने अपने बयान में अदनान सामी के पारिवारिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पिता अरशद सामी खान पाकिस्तान वायुसेना में पायलट रह चुके थे और 1965 के भारत-पाक युद्ध से जुड़े रहे थे। पार्टी ने दावा किया कि ऐसे इतिहास से जुड़े व्यक्ति के साथ आरएसएस प्रमुख का सार्वजनिक रूप से भोजन करना राष्ट्रहित के लिहाज से सही संदेश नहीं देता।
कांग्रेस नेताओं ने इसे “विवादित और असंवेदनशील” करार देते हुए कहा कि आरएसएस जैसी संस्था को ऐसे मामलों में ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए।
संजय राउत ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस के साथ-साथ शिवसेना नेता संजय राउत ने भी इस मुलाकात पर सवाल खड़े किए। उन्होंने इसे लेकर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर ऐसे कदम उठा रहे हैं, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो। राउत के बयान के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
अदनान सामी ने आलोचनाओं पर तोड़ी चुप्पी
लगातार बढ़ते विवाद के बीच अदनान सामी ने भी चुप्पी तोड़ी और एक्स पर एक लंबा पोस्ट साझा किया। उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस और संजय राउत दोनों को टैग करते हुए अपनी बात रखी। सामी ने साफ शब्दों में लिखा कि किसी व्यक्ति को उसके पूर्वजों के इतिहास के आधार पर आंकना न तो सही है और न ही न्यायसंगत।
उन्होंने कहा कि समय के साथ इतिहास में बदलाव आते हैं और लोगों को अतीत से आगे बढ़कर वर्तमान पर ध्यान देना चाहिए। सामी ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत हमले किसी समस्या का समाधान नहीं होते।
संजय राउत पर तंज, संगीत को बताया अपना धर्म
अपने पोस्ट में अदनान सामी ने संजय राउत पर कटाक्ष करते हुए उनके संगीत ज्ञान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि वह एक कलाकार हैं और उनका मकसद राजनीति करना नहीं, बल्कि संगीत के जरिए लोगों को जोड़ना है।
सामी ने यह भी कहा कि वह नफरत की राजनीति से दूर रहना चाहते हैं और उनका विश्वास प्रेम, सौहार्द और सकारात्मकता में है। उन्होंने लिखा कि जो उन्हें प्यार देगा, वह उसे प्यार ही लौटाएंगे।
मोहन भागवत के साथ मुलाकात को बताया प्रेरणादायक
अदनान सामी ने अपनी पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया कि मोहन भागवत के साथ बिताई गई दोपहर उनके लिए प्रेरणादायक रही। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान कई भ्रांतियां और गलतफहमियां दूर हुईं और उन्होंने आरएसएस प्रमुख को एक सौम्य, शांत और विचारशील व्यक्ति पाया।
राजनीतिक बनाम सांस्कृतिक मुलाकात का सवाल
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या किसी सांस्कृतिक या व्यक्तिगत मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से देखना सही है। जहां एक ओर विपक्ष इसे वैचारिक टकराव के रूप में देख रहा है, वहीं दूसरी ओर समर्थक इसे संवाद और सौहार्द का कदम बता रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- मोहन भागवत और अदनान सामी की लंच फोटो से सियासी बवाल
- महाराष्ट्र कांग्रेस और संजय राउत ने मुलाकात पर जताई आपत्ति
- कांग्रेस ने अदनान सामी के पारिवारिक इतिहास को उठाया मुद्दा
- अदनान सामी ने कहा, पूर्वजों के आधार पर किसी को जज करना गलत
- विवाद ने राजनीतिक और सांस्कृतिक सीमाओं पर नई बहस छेड़ी








