Mohali Exhibition and Convention Centre के निर्माण के साथ अब पंजाब वैश्विक व्यापार और निवेश के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। 8 अप्रैल 2026 को पंजाब के उद्योग और वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने घोषणा की कि मोहाली के सेक्टर 83 में, पलक्ष विश्वविद्यालय और इंफोसिस कैंपस के पास एक अत्याधुनिक मल्टीपर्पज एग्जीबिशन और कन्वेंशन सेंटर (ECC) विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से राज्य में निवेश और बुनियादी ढांचे को नई उड़ान मिलेगी।
₹250 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट
मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि यह प्रोजेक्ट अरविंद केजरीवाल के विजन और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू किया जा रहा है। यह सेंटर लगभग 14 एकड़ भूमि पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत बनाया जाएगा। इसके डेवलपर ‘एक्सीकॉन इवेंट्स मीडिया सॉल्यूशंस लिमिटेड’ होंगे और परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 250 करोड़ रुपये है। इस प्रोजेक्ट की रियायत अवधि 15 वर्ष तय की गई है।
दो चरणों में होगा निर्माण कार्य
परियोजना की समय सीमा को स्पष्ट करते हुए मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण (Phase 01) का काम 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि दूसरे चरण (Phase 02) को 31 दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाएगा। यह सेंटर अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए पूरी तरह सक्षम होगा।
विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और सुविधाएं
इस कन्वेंशन सेंटर की खासियत इसके विशाल ‘कॉलम-फ्री’ एग्जीबिशन हॉल होंगे। इसमें लगभग 40,000 वर्ग फुट और 15,000 वर्ग फुट के दो बड़े हॉल शामिल होंगे। इसके अलावा, कॉन्फ्रेंस रूम, ब्रेकआउट रूम, और लगभग 15,000 वर्ग फुट में फैला रिटेल व फूड एंड बेवरेज जोन होगा। पार्किंग की व्यवस्था भी शानदार होगी, जिसमें कम से कम 1,000 वाहनों के खड़े होने की जगह होगी।
हजारों लोगों की मेजबानी की क्षमता
यह सेंटर बेहद लचीला और बहु-कार्यात्मक होगा। यहाँ 5,000 से 10,000 प्रतिनिधियों के साथ समिट और कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जा सकेंगे। साथ ही, 2,000 लोगों के लिए ‘मीट एंड ग्रीट’ एरिया, 200 से 500 बूथों वाले ट्रेड फेयर और 15,000 लोगों तक के सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन संभव होगा।
सस्टेनेबिलिटी और आधुनिक तकनीक का संगम
डिजाइन की बात करें तो इसमें आधुनिक MEP, AV और IT सिस्टम का एकीकरण किया जाएगा। सुरक्षा के लिए NBC और फायर सेफ्टी मानकों का कड़ाई से पालन होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रोजेक्ट ‘GRIHA 5-स्टार’ टिकाऊ डिजाइन सिद्धांतों पर आधारित होगा, जिससे पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे।
रोजगार के नए अवसर और आर्थिक विकास
इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा प्रभाव पंजाब के युवाओं पर पड़ेगा। संजीव अरोड़ा के अनुसार, पहले पांच वर्षों में इस केंद्र के माध्यम से 15,000 से 25,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यह पंजाब को एक प्रमुख MICE (Meetings, Incentives, Conferences, and Exhibitions) डेस्टिनेशन बनाएगा, जिससे पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
मोहाली बनेगा 21वीं सदी का आईटी हब
यह परियोजना मोहाली को एक आधुनिक शहरी और तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की सरकार की व्यापक दृष्टि का हिस्सा है। इससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में सुधार होगा और वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक्सीकॉन ग्रुप के चेयरमैन एम क्यू सैयद, पुडा के विकास हीरा और आर्किटेक्ट संजय सूर्या भी मौजूद थे।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की राह
मोहाली आईटी सिटी में इस तरह के वैश्विक बुनियादी ढांचे का निर्माण यह संकेत देता है कि पंजाब अब केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था नहीं रहा, बल्कि वह हाई-टेक सर्विसेज और ग्लोबल बिजनेस की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर के इवेंट्स पंजाब में होंगे, तो इससे न केवल विदेशी मुद्रा आएगी, बल्कि स्थानीय स्टार्टअप्स और उद्यमियों को भी ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा।
जानें पूरा मामला
पंजाब सरकार मोहाली के सेक्टर 83 में एक अत्याधुनिक एग्जीबिशन और कन्वेंशन सेंटर बना रही है। यह प्रोजेक्ट PPP मॉडल पर आधारित है और इसका उद्देश्य पंजाब को वैश्विक आयोजनों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
मुख्य बातें (Key Points)
- मोहाली सेक्टर 83 में 14 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड क्लास कन्वेंशन सेंटर।
- प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹250 करोड़ और निर्माण PPP मॉडल पर होगा।
- पहले 5 वर्षों में 15,000 से 25,000 नौकरियों के सृजन की उम्मीद।
- Phase 1 दिसंबर 2026 और Phase 2 दिसंबर 2027 तक पूरा होगा।













