Pahalgam Terrorist Attack : पहलगाम (Pahalgam) आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय सेना को खुली छूट (Free Hand) दे दी है। मंगलवार शाम प्रधानमंत्री आवास (PM Residence) पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ पीएम ने साफ संदेश दिया कि आतंकवाद (Terrorism) के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद पर करारा प्रहार करना भारत का राष्ट्रीय संकल्प है और सुरक्षा बलों को यह अधिकार है कि कब, कहां और किस प्रकार की कार्रवाई करनी है, यह वे स्वयं तय करें।
'Mode, Targets and Timing' – Armed Forces to have full operational autonomy, says PM Modi. pic.twitter.com/zZKPJFeYn3
— Asawari Jindal (@AsawariJindal15) April 29, 2025
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकियों और उनके आकाओं को “पृथ्वी के अंतिम छोर तक” खोजा जाएगा और “उनकी कल्पना से परे” दंड दिया जाएगा। यह बयान देश की सुरक्षा नीति में निर्णायक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। पहलगाम में हुआ हमला पिछले कुछ वर्षों में नागरिकों पर सबसे घातक हमला माना जा रहा है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी और 17 अन्य घायल हुए थे। देश भर में इस हमले को लेकर भारी आक्रोश है।
करीब डेढ़ घंटे चली इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (Ajit Doval), चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान (Gen. Anil Chauhan), थलसेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी (Gen. Upendra Dwivedi), वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह (Air Chief Marshal A. P. Singh) और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी (Admiral Dinesh Tripathi) शामिल हुए। यह पहली बार है जब तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने एक साथ इस तरह की उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में भाग लिया।
इस बैठक के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) भी प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए उनके आवास पहुंचे। इससे पहले दिन में गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) में भी एक हाई लेवल मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन (Govind Mohan), BSF, असम राइफल्स (Assam Rifles), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), CRPF, SSB और CISF के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
22 अप्रैल को पहलगाम (Pahalgam) में सेना की वेशभूषा में आए आतंकवादियों ने धर्म पूछ-पूछकर पर्यटकों पर गोलियां चलाईं, जिसमें 26 लोगों की मौत और 17 घायल हो गए। इस घटना के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को स्थगित कर दिया। पाकिस्तान अब इस स्थिति से घबराया हुआ है और उसकी सेना हाई अलर्ट पर है।
भारत पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) और एयर स्ट्राइक (Air Strike) के ज़रिए पाकिस्तान को जवाब दे चुका है – जैसे 2016 में उरी (Uri) हमला और 2019 में पुलवामा (Pulwama) हमले के बाद। अब पहलगाम की घटना के बाद देश एक और निर्णायक कदम की उम्मीद कर रहा है।








