Mission Samrath 4.0 Punjab — पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी व दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को चंडीगढ़ में Mission Samrath 4.0 को लॉन्च किया। यह पंजाब सरकार की शिक्षा क्रांति (Sikhya Kranti) का सबसे नया और सबसे महत्वाकांक्षी चरण है, जिसमें पहली बार राज्यव्यापी Attendance Tracking System शामिल किया गया है। इस सिस्टम के तहत अभिभावकों को उनके बच्चे की रोजाना हाजिरी का SMS अलर्ट मिलेगा।
क्या है Mission Samrath 4.0 का नया फॉर्मूला?
Mission Samrath 4.0 के तहत पंजाब सरकार ने कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए Foundational Learning को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब बच्चों को उनकी क्लास के हिसाब से नहीं, बल्कि उनके सीखने के स्तर (Learning Level) के हिसाब से पढ़ाया जाएगा। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि Mission Samrath ने क्लासरूम की पूरी गतिविधि को बदल दिया है और अब यह चरण पढ़ाई की गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों को अगले स्तर पर ले जाएगा।
Attendance Tracking System: अब हर गैरहाजिरी का हिसाब
इस नई व्यवस्था के तहत अगर कोई बच्चा स्कूल नहीं आता, तो उसके माता-पिता को तुरंत SMS अलर्ट भेजा जाएगा। अगर कोई बच्चा लगातार 7 दिन गैरहाजिर रहता है, तो जिला स्तर पर अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा। 15 दिन से अधिक गैरहाजिरी की स्थिति में मामला सीधे राज्य मुख्यालय (State Headquarters) को भेजा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इससे न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी, बल्कि उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
₹19,279 करोड़ का शिक्षा बजट: फाइलों से निकलकर स्कूलों तक पहुंचा पैसा
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिक्षा बजट को 2021-22 के ₹12,657 करोड़ से बढ़ाकर 2026-27 में ₹19,279 करोड़ कर दिया है, जो पंजाब में किसी भी सेक्टर के लिए सबसे बड़ा बजट आवंटन है। उन्होंने कहा कि यह पैसा सिर्फ कागजों पर नहीं रहा, बल्कि हर स्कूल तक पहुंचा है। पहले शिक्षकों को शौचालय ठीक कराने या झाड़ू खरीदने के लिए चंदा इकट्ठा करना पड़ता था, लेकिन अब स्कूल कहते हैं कि ग्रांट भेजना बंद करो, पिछली ग्रांट अभी खर्च नहीं हुई।
PARAKH में नंबर-1: अब ग्लोबल एक्सीलेंस की ओर कदम
पंजाब ने PARAKH (Performance Assessment, Review, and Analysis of Knowledge for Holistic Development) राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब ने Foundational Learning में राष्ट्रीय औसत से कक्षा 3 में 18% और कक्षा 6 में 26-28% अधिक अंक हासिल किए हैं। उन्होंने रोपड़ के गरदाले गांव की एक कक्षा 8 की छात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने बताया, “मैं कक्षा 5 पास कर गई थी, लेकिन मुझे कुछ नहीं आता था। Samrath की वजह से आज मैं आपसे आत्मविश्वास से बात कर पा रही हूं।”
38 बेहतरीन क्लासरूम प्रैक्टिसेज की किताब हुई लॉन्च
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया ने Mission Samrath Compendium भी जारी किया, जिसमें पंजाब के शिक्षकों द्वारा विकसित 38 प्रमाणित क्लासरूम प्रैक्टिसेज को दर्ज किया गया है। इन प्रैक्टिसेज को अब पूरे राज्य के सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा ताकि जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई को और तेजी से बेहतर बनाया जा सके।
“हर बच्चा उम्मीद है, उम्मीद को बॉटम लाइन से नीचे नहीं छोड़ सकते”: मनीष सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब ने साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूल देश का नेतृत्व कर सकते हैं। PARAKH 2024 में नंबर-1 रैंक इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को IIT नहीं भेजा जा सकता, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा बॉटम लाइन से नीचे न रहे। अगर कोई व्यवस्था किसी बच्चे को उस रेखा से नीचे रहने देती है, तो सरकार असफल है। एक बच्चा सिर्फ आंकड़ा नहीं है, एक बच्चा उम्मीद है और उम्मीद को बॉटम लाइन से नीचे नहीं छोड़ा जा सकता।
उन्होंने जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि देश भर में लोग शिक्षा मंत्रियों, प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के भाषण पढ़ते हैं, लेकिन भाषणों से जीवन नहीं बदलता, उदाहरणों से बदलता है। जब एक अभिभावक को सीधा संदेश मिलता है कि “आपका बच्चा सुरक्षित स्कूल पहुंच गया है” — तो यह छोटी सी जवाबदेही हजार बड़ी-बड़ी घोषणाओं से ज्यादा कीमती है।
स्कूलों का बुनियादी ढांचा भी बदला
शिक्षा मंत्री ने बताया कि अब 500 से अधिक छात्रों वाले हर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक समर्पित कैंपस मैनेजर तैनात है, जबकि 100 से अधिक छात्रों वाले स्कूलों में सिक्योरिटी गार्ड और सफाई कर्मचारी दिए गए हैं — ये सुविधाएं पहले कभी उपलब्ध नहीं थीं। इस साल सरकार ने 1 अप्रैल को ही हर बच्चे को मुफ्त किताबें वितरित कर दीं, जबकि पहले सितंबर-अक्तूबर तक शिक्षक पन्ने फोटोकॉपी कराकर पढ़ाते थे।
शिक्षकों को फिनलैंड भेजने की पहल
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि वे खुद फिनलैंड नहीं गए, लेकिन सरकारी स्कूल के शिक्षकों को फिनलैंड भेजा जा रहा है ताकि वे वहां से बेहतरीन शिक्षण पद्धतियां सीखकर पंजाब की कक्षाओं में लागू कर सकें। Mission Samrath अब भारत के सबसे बड़े Foundational Learning कार्यक्रमों में से एक बन चुका है, जो करीब 12 लाख छात्रों और 70,000 से अधिक शिक्षकों को कवर करता है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा फायदा उन लाखों परिवारों को होगा जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। अब अभिभावकों को अपने बच्चे की हाजिरी की रियल-टाइम जानकारी मिलेगी और कोई भी बच्चा सिस्टम से बाहर नहीं छूटेगा। यह एक ऐसा कदम है जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को और मजबूत करेगा।
सचिव स्कूल शिक्षा सोनाली गिरि, निदेशक SCERT किरण शर्मा, सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन की सलाहकार बोर्ड सदस्य श्वेता शर्मा कुकरेजा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब में Mission Samrath 4.0 लॉन्च, Attendance Tracking System के साथ शिक्षा क्रांति का नया चरण शुरू
- अभिभावकों को बच्चों की रोजाना हाजिरी का SMS अलर्ट मिलेगा; 7 दिन गैरहाजिरी पर जिला स्तरीय संपर्क, 15 दिन पर राज्य मुख्यालय को रिपोर्ट
- शिक्षा बजट ₹12,657 करोड़ से बढ़कर ₹19,279 करोड़ हुआ; PARAKH में पंजाब देश में नंबर-1
- Mission Samrath 12 लाख छात्रों और 70,000+ शिक्षकों को कवर करता है; 38 बेस्ट क्लासरूम प्रैक्टिसेज का कंपेंडियम जारी













