Melania Trump UNSC की अध्यक्षता करने जा रही हैं, और यह खबर ऐसे वक्त में आई है जब मिडिल ईस्ट में बमों की गूंज थमने का नाम नहीं ले रही। एक तरफ अमेरिका और इजराइल के हमलों से दहला ईरान जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहा है, तो दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक ऐतिहासिक बैठक होने जा रही है। सवाल यह है कि जब जंग अपने चरम पर हो, तब इस कूटनीतिक मंच का क्या संदेश होगा?
’28 फरवरी से बदला मिडिल ईस्ट का नक्शा’
शनिवार 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों ने मिडिल ईस्ट की सियासत को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू हुई इस सैन्य कार्रवाई में तेहरान सहित कई बड़े शहरों को निशाना बनाया गया। इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमताओं को कमजोर करना बताया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को भी निशाना बनाया गया, जिनमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है।
‘इतिहास में पहली बार: Melania Trump संभालेंगी UNSC की कमान’
इसी उथल-पुथल के बीच सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक का आधिकारिक शीर्षक है: “संघर्ष में बच्चे, प्रौद्योगिकी और शिक्षा।” खास बात यह है कि इस बैठक की अध्यक्षता करेंगी अमेरिका की प्रथम महिला Melania Trump।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक यह पहला मौका होगा जब किसी विश्व नेता की पत्नी सुरक्षा परिषद जैसे सबसे शक्तिशाली निकाय की अध्यक्षता करेंगी। मार्च महीने के लिए अमेरिका UNSC की अध्यक्षता संभाल रहा है, इसलिए उसे यह बैठक नेतृत्व करने का अधिकार मिला है।
‘सिर्फ एक दिन की अध्यक्षता, लेकिन संदेश बड़ा’
Melania Trump UNSC की पूरे महीने की अध्यक्ष नहीं होंगी। उनकी अध्यक्षता सिर्फ इस एक विशेष बैठक तक सीमित रहेगी। यह बैठक युद्ध शुरू होने से पहले ही तय कर दी गई थी, यानी इसका एजेंडा सीधे तौर पर मौजूदा हमलों से जुड़ा नहीं है। लेकिन मौजूदा हालात इसे कहीं ज्यादा प्रासंगिक और अहम बना रहे हैं।
प्रथम महिला के कार्यालय के मुताबिक बैठक का फोकस इस बात पर होगा कि शिक्षा और तकनीक कैसे संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बन सकती है। साथ ही सहिष्णुता और विश्व शांति को बढ़ावा देने में शिक्षा की भूमिका पर भी चर्चा होगी।
‘जंग की असली वजह क्या है?’
एक्सपर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजराइल की इस कार्रवाई का असली उद्देश्य मिडिल ईस्ट में ईरान के बढ़ते प्रभाव को सीमित करना है। इजराइल लंबे समय से ईरान की सैन्य गतिविधियों और परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंतित रहा है। वहीं अमेरिका का दावा है कि यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए जरूरी था।
दूसरी तरफ ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बता रहा है और जवाबी कार्रवाई को अपना अधिकार मान रहा है। यही टकराव अब एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने का खतरा पैदा कर रहा है।
‘बम और बातचीत एक साथ’
Melania Trump UNSC अध्यक्षता का यह पल दुनिया के सामने एक अजीब तस्वीर पेश कर रहा है। एक तरफ मिडिल ईस्ट में बम और मिसाइलें बरस रही हैं, दूसरी तरफ न्यूयॉर्क में बच्चों, शिक्षा और शांति पर चर्चा होने जा रही है। यह विरोधाभास ही असल में इस पूरे संकट की सबसे बड़ी त्रासदी है। जंग के साए में कूटनीति का यह मंच कितना असरदार साबित होगा, यह आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन फिलहाल सोमवार की इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी होंगी।
‘क्या है पूरी पृष्ठभूमि’
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव कोई एक दिन में नहीं बना। इजराइल वर्षों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हिजबुल्लाह जैसी प्रॉक्सी ताकतों को लेकर चिंतित रहा है। 28 फरवरी के हमलों ने इस पुराने तनाव को एक खुले युद्ध में बदल दिया। अब Melania Trump UNSC की अध्यक्षता ऐसे नाजुक समय में हो रही है जब दुनिया को कूटनीति की सबसे ज्यादा जरूरत है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है।
- Melania Trump UNSC की अध्यक्षता करेंगी, इतिहास में किसी नेता की पत्नी का यह पहला मौका होगा।
- बैठक का विषय “संघर्ष में बच्चे, प्रौद्योगिकी और शिक्षा” है, यह बैठक युद्ध से पहले ही तय थी।
- मार्च में अमेरिका UNSC का अध्यक्ष है, इसीलिए Melania Trump को यह बैठक चलाने का अधिकार मिला।








