रविवार, 8 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home NEWS-TICKER

Maulana Arshad Madani : ‘मर जाएंगे लेकिन शिर्क स्वीकार नहीं’, मौलाना अरशद मदनी का बड़ा बयान

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा, इस्लाम में अल्लाह के सिवा किसी की पूजा हराम है, इसलिए मुसलमान 'वंदे मातरम' नहीं गा सकते।

The News Air Team by The News Air Team
मंगलवार, 9 दिसम्बर 2025
A A
0
Arshad Madani On Vande Mataram
104
SHARES
694
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Maulana Arshad Madani: संसद से सड़क तक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर छिड़ी बहस के बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने एक बड़ा और कड़ा बयान दिया है। मदनी ने दो टूक कहा है कि ‘मर जाएंगे लेकिन शिर्क स्वीकार नहीं करेंगे’। इस बयान ने पहले से ही गरमाए हुए माहौल में और आग लगा दी है।

लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर हुई चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर प्रियंका गांधी तक, सभी ने अपने विचार रखे। अब इस सियासी घमासान में मौलाना अरशद मदनी भी कूद पड़े हैं और उन्होंने अपनी बात रखने के लिए ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट लिखा है।

‘शिर्क’ का मतलब और मदनी का ऐतराज

मौलाना मदनी ने अपने बयान में ‘शिर्क’ शब्द का इस्तेमाल किया है। इस्लाम में ‘शिर्क’ का मतलब होता है अल्लाह के साथ किसी और को शामिल करना या किसी और की पूजा करना, जो कि सबसे बड़ा गुनाह माना जाता है। मदनी का कहना है कि मुसलमान सिर्फ एक अल्लाह की इबादत करता है और उसकी इबादत में किसी को शरीक (शामिल) नहीं किया जा सकता।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘वंदे मातरम’ के कई अंतरों में देश को ‘दुर्गा माता’ के रूप में पेश किया गया है। गीत में ‘मां मैं तेरी पूजा करता हूं’ जैसे शब्द हैं, जो सीधे तौर पर किसी देवी की आराधना दर्शाते हैं। यही कारण है कि यह इस्लामी आस्था के खिलाफ है और इसलिए मुसलमान इसे गा नहीं सकते। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों को दूसरों के ‘वंदे मातरम’ गाने पर कोई ऐतराज नहीं है।

यह भी पढे़ं 👇

Aaj Ka Rashifal 8 March 2026

Aaj Ka Rashifal 8 March 2026: इन राशियों को मिलेगा 100% शुभ फल, जानें सभी 12 राशियां

रविवार, 8 मार्च 2026
Petrodollar Collapse

Petrodollar Collapse: क्या खत्म हो रहा है अमेरिकी डॉलर का राज?

शनिवार, 7 मार्च 2026
Bikram Singh Majithia

Majithia vs Mann: “राज्य का बाजा बजाने में व्यस्त” – बिक्रम मजीठिया का तीखा हमला

शनिवार, 7 मार्च 2026
How Rich Pay Zero Tax

How Rich Pay Zero Tax: अमीर लोग कैसे बिल्कुल जीरो टैक्स देते हैं, जानें पूरा सच

शनिवार, 7 मार्च 2026
संविधान और सुप्रीम कोर्ट का हवाला

अपने तर्क को मजबूती देने के लिए मौलाना मदनी ने संविधान का हवाला दिया है। उन्होंने अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को उसकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ कोई नारा या गीत बोलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।

मदनी ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि किसी को राष्ट्रगान तक गाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, सिर्फ सम्मान में खड़ा होना जरूरी है।

‘वतन से मोहब्बत है, पूजा नहीं’

मौलाना मदनी ने कहा, “हम वतन से मोहब्बत करते हैं, लेकिन पूजा नहीं करते। हमारी देशभक्ति पर सवाल उठाना बंद कीजिए।” उन्होंने याद दिलाया कि आजादी की लड़ाई में मुसलमानों और जमीयत के बुजुर्गों की कुर्बानियां किसी से छिपी नहीं हैं।

उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि 1937 में रवींद्रनाथ टैगोर ने खुद जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखकर कहा था कि ‘वंदे मातरम’ के सिर्फ पहले दो बंद ही राष्ट्रीय गीत के रूप में उपयुक्त हैं, बाकी बंद एकेश्वरवादी धर्मों की आस्था के खिलाफ हैं। मदनी ने आरोप लगाया कि आज टैगोर के नाम का गलत इस्तेमाल कर पूरे गीत को जबरन गाने की बात करना ऐतिहासिक तथ्यों को नकारना है।

सियासी घमासान के बीच उठा मुद्दा

यह पूरा विवाद ऐसे समय में तूल पकड़ रहा है जब संसद में इस पर चर्चा हो रही है और कुछ ही समय बाद 151वीं वर्षगांठ पर एक भव्य कार्यक्रम होने वाला है, जिसकी जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी है। विपक्ष, जिसमें प्रियंका गांधी और गौरव गोगोई शामिल हैं, सवाल उठा रहे हैं कि 150 साल पूरे होने पर ही यह चर्चा अचानक क्यों याद आई। आरोप लग रहे हैं कि यह सब आगामी चुनावों को देखते हुए किया जा रहा है। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने भी सदन में यही बात कही थी कि उनका एक ही खुदा है और वह किसी और को नहीं मानते।

मदनी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल जानबूझकर इस बहस को हवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बहस धार्मिक आस्था के सम्मान के दायरे में होनी चाहिए, न कि वोट बैंक के लिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश की चिंताजनक आर्थिक हालत पर चर्चा नहीं होती क्योंकि उससे वोट नहीं मिलते।

‘मुख्य बातें (Key Points)’
  • मौलाना अरशद मदनी ने कहा, ‘मर जाएंगे लेकिन शिर्क स्वीकार नहीं’।

  • इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी की पूजा (शिर्क) वर्जित है।

  • ‘वंदे मातरम’ में देश को देवी के रूप में पूजने के कारण मुसलमानों को आपत्ति है।

  • मदनी ने संविधान के अनुच्छेद 19, 25 और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया।

  • उन्होंने कहा कि वतन से मोहब्बत है, लेकिन पूजा नहीं की जा सकती।

Previous Post

Owaisi Vande Mataram Speech: ओवैसी बोले- अल्लाह के सिवा कोई खुदा नहीं, वफादारी का सबूत नहीं देंगे

Next Post

TMC Recruitment 2025: सीधे इंटरव्यू से पाएं 45,000 सैलरी वाली शानदार नौकरी

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Aaj Ka Rashifal 8 March 2026

Aaj Ka Rashifal 8 March 2026: इन राशियों को मिलेगा 100% शुभ फल, जानें सभी 12 राशियां

रविवार, 8 मार्च 2026
Petrodollar Collapse

Petrodollar Collapse: क्या खत्म हो रहा है अमेरिकी डॉलर का राज?

शनिवार, 7 मार्च 2026
Bikram Singh Majithia

Majithia vs Mann: “राज्य का बाजा बजाने में व्यस्त” – बिक्रम मजीठिया का तीखा हमला

शनिवार, 7 मार्च 2026
How Rich Pay Zero Tax

How Rich Pay Zero Tax: अमीर लोग कैसे बिल्कुल जीरो टैक्स देते हैं, जानें पूरा सच

शनिवार, 7 मार्च 2026
Gangstaran Te Waar Day 46

Gangstaran Te Waar Day 46: पंजाब पुलिस ने 471 ठिकानों पर मारे छापे, 13,208 गिरफ्तारियों का आँकड़ा पार

शनिवार, 7 मार्च 2026
Hardeep Singh Mundia

GMADA E-Auction: एक नीलामी में ₹3137 करोड़, पंजाब में Real Estate निवेश का नया रिकॉर्ड

शनिवार, 7 मार्च 2026
Next Post
TMC Recruitment 2025

TMC Recruitment 2025: सीधे इंटरव्यू से पाएं 45,000 सैलरी वाली शानदार नौकरी

SECR Railway Recruitment 2025

SECR Railway Recruitment 2025: बिना परीक्षा पाएं डेंटिस्ट की नौकरी, 6 जनवरी को इंटरव्यू

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।