Maiya Samman Yojana से जुड़े लाखों लाभार्थियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। झारखंड में इस योजना के तहत कई महिलाओं को शुरुआत में तो नियमित रूप से राशि मिली, लेकिन तीन-चार किस्तें मिलने के बाद अचानक उनका भुगतान बंद हो गया। अब राज्य सरकार ने ऐसी सभी पात्र महिलाओं को दोबारा राशि देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से जानकारी मांगी है और आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य भर से शिकायतें मिल रही थीं कि बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं, जो योजना के सभी मापदंडों को पूरा करती हैं और उन्हें प्रारंभ में राशि भी दी गई थी, लेकिन बाद में किसी कारणवश उनका भुगतान रोक दिया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने अब कार्रवाई तेज कर दी है।
निदेशालय ने मांगी जानकारी, कागजातों में होगा सुधार
सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए सभी जिलों से विस्तृत जानकारी मांगी है। निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन लाभुकों का भुगतान बीच में रुक गया है, उनकी पूरी सूची तैयार की जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वे सभी योजना के पात्र हैं या नहीं।
निदेशालय की ओर से कहा गया है कि लाभुकों के कागजातों में जहां कहीं भी कमी या सुधार की जरूरत है, उसे दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश पहले ही जारी कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही सभी जिलों से रिपोर्ट आ जाएगी, पात्र महिलाओं को दोबारा राशि देना शुरू कर दी जाएगी।
51 लाख महिलाओं को मिलता है हर महीने 2500 रुपए
बता दें कि झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत राज्य की करीब 51 लाख महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभुकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। इसके लिए विभाग द्वारा हर महीने राशि जिलों को उपलब्ध कराई जाती है।
महिलाओं को इस राशि का बेसब्री से इंतजार रहता है, क्योंकि यह उनके घर के खर्चों में काफी मददगार साबित होती है। ऐसे में जब अचानक किस्तें बंद हो गईं, तो हजारों परिवारों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई। अब सरकार के इस फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हेमंत सोरेन सरकार की बड़ी सौगात
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। मंईयां सम्मान योजना इसी कड़ी का एक हिस्सा है। अब जिन महिलाओं का भुगतान रुक गया था, उन्हें दोबारा राशि दिए जाने का फैसला सरकार की महिला-हितैषी नीति को दर्शाता है।
हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि जिन महिलाओं का भुगतान बंद हुआ है, उन्हें बकाया किस्तें एक साथ मिलेंगी या फिर आगे से नियमित रूप से राशि दी जाएगी। इस बारे में विभाग से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन इतना तय है कि सरकार ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।
‘जानें पूरा मामला’
झारखंड सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत राज्य की 21 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को प्रति माह 2500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से भेजी जाती है। हाल ही में यह सामने आया कि कई पात्र महिलाओं को शुरू की कुछ किस्तें तो मिलीं, लेकिन बाद में उनका भुगतान रोक दिया गया। महिलाओं ने इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन और सरकार से की। शिकायतों के बाद सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने मामले की गंभीरता को समझते हुए सभी जिलों से ऐसी महिलाओं की सूची मांगी है और उनके कागजातों को दुरुस्त कर दोबारा भुगतान शुरू करने का निर्देश दिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
झारखंड में मंईयां सम्मान योजना के तहत कई महिलाओं का भुगतान तीन-चार किस्तों के बाद बंद हो गया था।
सरकार ने अब ऐसी सभी पात्र महिलाओं को दोबारा राशि देने की तैयारी शुरू कर दी है।
सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से ऐसे लाभुकों की जानकारी मांगी है और कागजातों में सुधार के निर्देश दिए हैं।
राज्य में करीब 51 लाख महिलाओं को इस योजना के तहत हर महीने 2500 रुपए दिए जाते हैं।
हेमंत सोरेन सरकार का यह फैसला महिलाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।








