Mahashivratri 2026 से पहले कई लोग अपने घर में भगवान शिव की पूजा की विशेष तैयारी करते हैं। मान्यता है कि अगर सही स्वरूप में भगवान शिव का चित्र या प्रतिमा घर में स्थापित की जाए तो परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है और आपसी कलह कम होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विशेषकर शादीशुदा और परिवार वाले लोगों को घर में शिव परिवार का चित्र अवश्य लगाना चाहिए।
कौन सा चित्र सबसे शुभ माना जाता है?
घर में जिस चित्र को सबसे शुभ माना गया है, उसमें भगवान शिव के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और नंदी अवश्य हों।
ऐसा कहा जाता है कि शिव परिवार की तस्वीर लगाने से घर में तरक्की होती है, संतान के साथ मनमुटाव कम होता है और पारिवारिक वातावरण मधुर बना रहता है।
चित्र में भगवान शिव को प्रसन्न मुद्रा में दिखाया जाना शुभ माना गया है।
भगवान शिव का स्वरूप कैसा हो?
धार्मिक ग्रंथों में वर्णन मिलता है कि भगवान शिव का वर्ण अत्यंत गौर यानी कपूर के समान उज्ज्वल बताया गया है। उनका कंठ नीला माना जाता है, क्योंकि समुद्र मंथन के समय उन्होंने विष धारण किया था।
इसलिए यदि घर में प्रतिमा या चित्र स्थापित करें तो ध्यान रखें कि शिव जी का स्वरूप शांत, प्रसन्न और गौर वर्ण में हो तथा कंठ नीला हो।
नंदी पर विराजमान शिव का महत्व
मान्यता है कि नंदी पर विराजमान भगवान शिव का चित्र घर में लगाने से एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक स्थिरता मिलती है।
कार्तिकेय के साथ शिव-पार्वती का चित्र मनोकामना पूर्ति और सुख-सुविधा का प्रतीक माना जाता है।
ब्रह्मा-विष्णु वाले चित्र के बारे में मान्यता
कुछ मान्यताओं में बताया जाता है कि जिस चित्र में उत्तर दिशा में भगवान विष्णु और दक्षिण दिशा में ब्रह्मा का चित्र हो, उसकी पूजा से रोगों से मुक्ति मिलती है।
हालांकि परंपरा में यह भी कहा गया है कि ब्रह्मा जी की पूजा व्यापक रूप से नहीं की जाती और उनका प्रमुख मंदिर राजस्थान के पुष्कर में स्थित है।
ग्रहणीय उपाय: महादेव का नाम जप
धार्मिक विश्वास है कि भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं। इसलिए शिवरात्रि से पहले या किसी भी दिन शिव मंदिर जाकर श्रद्धा से “महादेव” का नाम पुकारना भी विशेष फलदायी माना गया है।
मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पुकार और सरल भक्ति बड़े से बड़ा संकट भी दूर कर सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- शादीशुदा लोगों को घर में शिव परिवार का चित्र लगाने की सलाह।
- चित्र में शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और नंदी का होना शुभ।
- भगवान शिव का गौर वर्ण और नीला कंठ धार्मिक मान्यता के अनुसार।
- नंदी पर विराजमान शिव का चित्र एकाग्रता बढ़ाने वाला माना जाता है।
- सच्चे मन से “महादेव” का नाम जप विशेष फलदायी।








