AIPOC Lucknow 2026: पंजाब विधानसभा के स्पीकर स कुलतार सिंह संधवां ने लखनऊ में आयोजित 86वीं ऑल इंडिया प्रीसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (ए.आई.पी.ओ.सी.) में भाग लिया। उत्तर प्रदेश विधानसभा द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर की विधानसभाओं और विधान परिषदों के अग्रणी सदस्यों ने सहभागिता की।
इस सम्मेलन के दौरान सुशासन, लोकतांत्रिक संस्थाओं के समक्ष वर्तमान चुनौतियाँ तथा विधायी कार्यों में तकनीक के बढ़ते उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। स्पीकर ने कहा कि इस प्रकार की चर्चाएँ आज के डिजिटल युग में लोकतंत्र को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी।
सम्मेलन के दौरान स्पीकर ने उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री स बलदेव सिंह औलख से भी एक सकारात्मक और रचनात्मक भेंट की। बैठक में कृषि क्षेत्र से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों तथा किसानों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई। स्पीकर स औलख की सादगी, दूरदर्शी सोच और कृषि संबंधी मुद्दों के प्रति उनकी गंभीरता से अत्यंत प्रभावित हुए तथा उन्होंने कृषि मंत्री के प्रति अपना आभार और आत्मीय सम्मान व्यक्त किया।
AIPOC सम्मेलन की 5 बड़ी बातें (Key Highlights)
86वां अखिल भारतीय सम्मेलन: उत्तर प्रदेश विधानसभा द्वारा लखनऊ में आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर की विधानसभाओं और विधान परिषदों के अध्यक्षों ने भाग लिया।
लोकतंत्र और तकनीक: सम्मेलन का मुख्य केंद्र ‘विधायी कार्यों में तकनीक का उपयोग’ रहा। स्पीकर संधवां ने डिजिटल माध्यमों से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर ज़ोर दिया।
सुशासन पर चर्चा: लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने आ रही वर्तमान चुनौतियों और सुशासन (Good Governance) को बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञों के बीच गहन विचार-विमर्श हुआ।
कृषि क्षेत्र पर संवाद: सम्मेलन से इतर, संधवां ने यूपी के कृषि मंत्री बलदेव सिंह औलख से मुलाकात की। इसमें किसानों के कल्याण और कृषि सुधारों के लिए साझा प्रयासों पर चर्चा हुई।
अनुभवों का आदान-प्रदान: स्पीकर ने बताया कि इस प्रकार के सम्मेलन अलग-अलग राज्यों की कार्यप्रणाली को समझने और लोकतंत्र की नींव मज़बूत करने के लिए एक साझा मंच प्रदान करते हैं।








