Magh Mela 2026 : पौष पूर्णिमा के साथ ही तीर्थराज प्रयागराज में आज माघ मेले की विधिवत शुरुआत हो गई। सुबह से ही संगम तट पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां भक्ति, आस्था और सात्विक जीवन का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
माघ महीने की शुरुआत होते ही Prayagraj में आध्यात्मिक माहौल छा गया है। पौष पूर्णिमा से यहां कल्पवास करने वाले श्रद्धालु जुटने लगे हैं, जो एक महीने तक जप-तप, नियम और स्नान के साथ सात्विक जीवन व्यतीत करते हैं। आज पहले स्नान पर्व पर Triveni Sangam गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर आस्था का सैलाब उमड़ा।

पहला स्नान और श्रद्धालुओं की आस्था
आज पौष पूर्णिमा के अवसर पर पहला स्नान हुआ। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि आज के दिन संगम में स्नान करने से दीर्घकाल तक पुण्य की प्राप्ति होती है। सुबह से ही घाटों पर लंबी कतारें दिखीं और हर उम्र के लोग स्नान करते नजर आए।
व्यवस्थाएं रहीं सुचारू
श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार व्यवस्था बेहतर और सुविधाजनक रही। पुलिस बल की तैनाती हर जगह दिखी, जिससे भीड़ नियंत्रित रही और स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सुरक्षा, मार्गदर्शन और रेस्क्यू व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

प्रशासन का भरोसा
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुसार सभी इंतजाम किए गए हैं। हालात सामान्य हैं और आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने के अनुमान के मद्देनज़र अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील की।
श्रद्धालुओं की आवाज
घाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी से सुरक्षा का भरोसा मिला है। रात में किसी घटना की स्थिति में त्वरित रेस्क्यू का अनुभव भी साझा किया गया। भीड़ प्रबंधन और स्नान मार्गों की व्यवस्था की सराहना की गई।

आम जनजीवन पर असर
माघ मेला शुरू होते ही प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन बढ़ गया है। स्थानीय कारोबार, परिवहन और सेवाओं में रौनक दिखने लगी है। वहीं श्रद्धालुओं के लिए यह समय आस्था, अनुशासन और आत्मिक शांति का है।
क्या है पृष्ठभूमि
माघ मेला हिंदू धर्म के सबसे पवित्र आयोजनों में गिना जाता है। यह पौष पूर्णिमा से शुरू होकर फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि तक चलता है। इस दौरान कल्पवासी संगम तट पर निवास कर नियमित स्नान और साधना करते हैं, जिससे मेला पूरे महीने आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहता है।

मुख्य बातें (Key Points)
- पौष पूर्णिमा से माघ मेला 2026 की शुरुआत
- त्रिवेणी संगम पर पहले स्नान के लिए उमड़ी भीड़
- पुलिस और प्रशासन की सख्त सुरक्षा व्यवस्था
- श्रद्धालुओं ने सुविधाओं को बताया संतोषजनक








