पंजाब से किसानों के बड़े काफिले दिल्ली बोर्डर्स के लिए रवाना

नई दिल्ली, 10 मई

कटाई के सीजन के खत्म होने पर किसानों का दिल्ली मोर्चो पर लौटना जारी है। आज पंजाब के अनेक जिलों से किसानों के बड़े काफिले दिल्ली के सिंघु बॉर्डर व टिकरी बॉर्डर के लिए रवाना हुए। हरियाणा के किसानों ने शम्भू बॉर्डर पर स्वागत किया व लंगर की सेवा की।

पंजाब के दोआबा, माझा व मालवा, सभी क्षेत्र के किसान इस आंदोलन के सफलता के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा सरकार द्वारा गोदी मीडिया के सहयोग से यह झूठ फैलाने की कोशिश की जाती रही है कि किसान आंदोलन कमजोर हो रहा है। किसान लगातार मोर्चो पर आ रहे है, मजबूती के साथ लड़ रहे है। यह सिर्फ मोदी सरकार का अड़ियल रवैया है जो किसानों के सब्र को बार बार परख रहा है। किसानों के हौसले हमेशा से बुलंद है व आंदोलन अपनी मजबूत स्थिति में है।

तीन कृषि कानून जिस तरह से देश मे कृषि सेक्टर के निजीकरण को बढ़ावा देकर किसानों की बर्बादी करेंगे व गरीब की रोटी पर हमला करेंगे। पिछले 6 महीनों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर बैठकर व देश के अनेक हिस्सो में जाकर देशवासियों को अपना दर्द बता रहे है। यह केवल सरकार व इनका मीडिया तंत्र है जो किसानों के आंदोलन को दबाकर खत्म करना चाहती है।

पंजाब से आ रहे बड़े जत्थो से यह स्पष्ट है कि किसान अपनी मांगों को मनवाकर ही धरना समाप्त करेंगे। सरकार कोरोना की आड़ में किसानों के दर्द को नहीं छुपा सकती। तीनो कानूनो का रद्द होना व MSP पर कानून बनना ही इस स्थिति का एकमात्र हल है।

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