Nepal Supreme Court ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए छात्रों पर हुए गोलीकांड मामले में गिरफ्तार नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की रिहाई का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने ओली के साथ ही उनकी सरकार में गृह मंत्री रहे रमेश लेखक को भी रिहा करने को कहा है। कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
सिर्फ एक दिन पहले मिली थी पुलिस कस्टडी
यह फैसला इसलिए भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि सिर्फ एक दिन पहले ही काठमांडू की एक अदालत ने दोनों नेताओं को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े फैसले के बाद दोनों दिग्गज नेताओं के जेल से बाहर आने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
सितंबर 2025 के जेंजी आंदोलन से जुड़ा है पूरा मामला
दरअसल यह पूरा मामला सितंबर 2025 में नेपाल में हुए जेंजी आंदोलन से जुड़ा हुआ है। इस बड़े छात्र आंदोलन को दबाने के लिए सख्त कार्रवाई हुई थी। इस हिंसक कार्रवाई में 77 लोगों की जान चली गई थी। इस गंभीर मामले में पिछले महीने ही पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को उनके घर से गिरफ्तार किया गया। फिर नेपाल पुलिस ने पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली को भी भक्तपुर स्थित उनके घर से पकड़ लिया।
जांच आयोग ने की थी सख्त कार्रवाई की सिफारिश
नेपाल के गृह मंत्रालय ने इस मामले में बकायदा एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई एक जांच आयोग की सिफारिशों के आधार पर हुई। इस जांच आयोग की कमान पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कारकी के पास थी।
आयोग ने अपनी रिपोर्ट में साफ शब्दों में कहा था कि पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली, रमेश लेखक और तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक चंद्र कुबेर खापुम पर आपराधिक लापरवाही का मुकदमा चलना चाहिए। इनके खिलाफ राष्ट्रीय दंड संहिता की धारा 181 और 182 के तहत सख्त कार्रवाई की बात कही गई, जिसमें अधिकतम 10 साल तक की जेल हो सकती है।
कई बड़े अफसर भी हैं निशाने पर
इस मामले की आंच नेपाल के कई बड़े अफसरों तक भी पहुंची है। आयोग ने तत्कालीन गृह सचिव गोकर्ण मणि दबाड़ी, सशस्त्र पुलिस बल के प्रमुख राजू अरियाल और पूर्व खुफिया प्रमुख हुतराज थापा के खिलाफ भी मुकदमा चलाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि यह पूरी घटना गैर-जिम्मेदारी और आपराधिक लापरवाही का नतीजा थी। अधिकारियों को हिंसा भड़कने की खुफिया जानकारी पहले से मिल चुकी थी, इसके बावजूद उन्होंने वक्त रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया और इसी लापरवाही के कारण 77 लोगों की जान चली गई।
अब इन दोनों बड़े नेताओं की रिहाई के बाद नेपाल की राजनीति में आगे क्या होता है और उनके खिलाफ कोई बड़ा एक्शन देखने को मिलता है या नहीं, यह आने वाले वक्त में साफ हो जाएगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व PM ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की जमानत मंजूर की
- सितंबर 2025 के जेंजी आंदोलन में 77 लोगों की मौत से जुड़ा है मामला
- धारा 181 और 182 के तहत अधिकतम 10 साल की जेल का प्रावधान
- कई बड़े अफसरों के खिलाफ भी मुकदमे की सिफारिश













