Kidney Stone Diet को लेकर लोगों के मन में आज भी सबसे बड़ा भ्रम यही है कि दो बीयर पी लो तो पथरी अपने आप निकल जाएगी। न दवाई की जरूरत, न सर्जरी की नौबत। लेकिन PSRI Hospital के यूरोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. प्रशांत जैन ने इस मिथ को पूरी तरह तोड़ते हुए बताया कि बीयर पीने से पथरी निकलना तो दूर, उलटे नई पथरी बनने का खतरा और बढ़ जाता है। डॉक्टर ने साफ शब्दों में बताया कि किडनी स्टोन होने पर कैसी डाइट होनी चाहिए, कौन सी छह चीजें जरूर खानी चाहिए, किन चीजों को कम करना चाहिए और किन्हें बिल्कुल छूना भी नहीं चाहिए।
इसके अलावा राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के न्यूरो एंड स्पाइन ऑन्कोलॉजी सर्विसेज के चीफ डॉ. प्रो. ईश्वर चंद प्रेमसागर ने बताया कि ब्लूटूथ इयरफोन से ब्रेन कैंसर होता है या नहीं, और सर्वोदय हॉस्पिटल फरीदाबाद की चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी ने मिडनाइट क्रेविंग्स से निपटने के हेल्दी तरीके बताए।
Kidney Stone Diet: ये छह चीजें जरूर खाएं
डॉ. प्रशांत जैन ने Kidney Stone Diet के बारे में बताते हुए कहा कि किडनी स्टोन के मरीजों को छह चीजें अपनी डाइट में जरूर शामिल करनी चाहिए।
पहला: पानी। अगर किडनी फंक्शन ठीक है तो रोजाना दो से ढाई लीटर सादा पानी पीना चाहिए। कुल मिलाकर तीन से साढ़े तीन लीटर लिक्विड्स लेने चाहिए। दिन में थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहिए ताकि कम से कम डेढ़ लीटर यूरिन बने। यह बेहद जरूरी है।
दूसरा: नींबू पानी और नारियल पानी। ये दोनों बैलेंस्ड लिक्विड्स हैं। नारियल पानी एक नेचुरल लिक्विड है जिसमें ऐसे अवयव होते हैं जो स्टोन बनने नहीं देते। यह कैल्शियम को ऑक्सिलेट से जुड़ने से रोकता है। किडनी स्टोन के मरीजों को यह जरूर लेना चाहिए।
तीसरा: कैल्शियम युक्त प्राकृतिक पदार्थ। दूध, दही, लस्सी, पनीर और छाछ जैसी चीजें खानी चाहिए। डॉक्टर ने बताया कि यह एक बहुत बड़ा मिथ है कि कैल्शियम खाने से पथरी बनती है। असल में जब कैल्शियम की टैबलेट खाई जाती है तब स्टोन बनने के चांस ज्यादा होते हैं। लेकिन अगर प्राकृतिक कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में नहीं लिया जाए तो शरीर के दूसरे अंगों जैसे हड्डियों से कैल्शियम अनियमित तरीके से खून में आता है और वही पथरी बनाता है। इसलिए नेचुरल कैल्शियम लेना जरूरी है।
चौथा: मौसमी फल। खासतौर पर वो फल जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा हो जैसे खीरा, तरबूज और खरबूजा। ब्रोकली भी अच्छी है क्योंकि इसमें पोटेशियम होता है जो स्टोन बनने से रोकता है।
पांचवां: जौ। यह एक बहुत अच्छा अनाज है। इसकी रोटी खा सकते हैं या जौ को भिगोकर उसका पानी पी सकते हैं। इससे पथरी बनने के चांस कम हो जाते हैं।
छठा: कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट। रागी और बाजरे की रोटी खाना ज्यादा बेहतर है। चावल में भी ब्राउन राइस खाइए। यह Kidney Stone Diet का अहम हिस्सा है।
किडनी स्टोन में ये चीजें कम खाएं
डॉ. प्रशांत जैन ने बताया कि कुछ चीजें हैं जिन्हें पूरी तरह बंद नहीं करना है लेकिन इनकी मात्रा काफी कम कर देनी चाहिए।
नमक कम खाइए, यह सबसे जरूरी है। चीनी भी कम करिए। चाय और कॉफी में ऑक्सिलेट ज्यादा होता है और ये शरीर में डायबिटिक का काम करती हैं यानी शरीर में पानी की कमी करती हैं, इसलिए इन्हें कम लेना है।
साधारण कार्बोहाइड्रेट जैसे गेहूं का आटा और सफेद चावल कम मात्रा में खाइए। ऑक्सिलेट युक्त पदार्थ जैसे पालक और बैंगन को भी बंद नहीं करना है क्योंकि इनके अपने फायदे हैं, लेकिन दिन में तीन बार या हफ्ते भर लगातार नहीं खाने चाहिए। ज्यादा खाने से इनका कंसंट्रेशन बढ़ जाता है जो नुकसानदेह है।
ड्राई फ्रूट्स भी ज्यादा नहीं लेने चाहिए क्योंकि उनमें ऑक्सिलेट होता है जो पथरी बनाने में मदद करता है। नॉनवेज फूड को भी कम करना चाहिए। डॉक्टर ने कहा कि इन सब बातों का ध्यान रखेंगे तो खाने का आनंद भी उठा पाएंगे और पथरी भी नहीं बनेगी।
ये तीन चीजें किडनी स्टोन में बिल्कुल न खाएं
Kidney Stone Diet में कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिन्हें पूरी तरह से अवॉयड करना चाहिए।
बाहर का खाना बिल्कुल न खाएं। बाहर के खाने का तेल, मसाला और उसमें पड़ने वाले अवयव मल्टी ऑर्गन्स को नुकसान पहुंचाते हैं। ये फूड अब्सॉर्प्शन में प्रॉब्लम करते हैं, कैल्शियम और बाकी चीजों के अब्सॉर्प्शन के बैलेंस को बिगाड़ते हैं, इंटेस्टाइन को नुकसान पहुंचाते हैं और डिहाइड्रेशन भी करते हैं।
तली-भुनी चीजों को अवॉयड करिए। बाहर का तेल चाहे कितना भी अच्छा लगे, स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता।
लाल मांस को बिल्कुल अवॉयड करिए। यह स्टोन बनाने में काफी सहायक सिद्ध होता है और इससे गंभीर नुकसान हो सकता है।
बीयर से पथरी निकलती है: सबसे बड़ा मिथ
डॉ. प्रशांत जैन ने Kidney Stone Diet के संदर्भ में बीयर के मिथ को पूरी तरह तोड़ा। उन्होंने बताया कि लोगों में यह बहुत बड़ा भ्रम है कि बीयर पीने से पथरी नहीं बनती या पथरी निकल जाती है।
डॉक्टर ने समझाया कि बीयर एक डायबिटिक है। अगर कोई छोटी सी पथरी कहीं फंसी होगी तो ज्यादा यूरिन बनने से वो शायद निकल जाए, लेकिन इसके नुकसान फायदे से कहीं ज्यादा हैं।
पहला: बीयर में प्यूरिन और ऑक्सिलेट होता है जो पथरी बनाता है।
दूसरा: बीयर बॉडी को डिहाइड्रेट करती है। जब शरीर में पानी नहीं होगा तो पथरी बनेगी। हाइड्रेशन स्टोन को कम करता है जबकि डिहाइड्रेशन बढ़ाता है।
तीसरा: बीयर शरीर में फैट बढ़ाती है, मोटापा बढ़ता है, डायबिटीज और दूसरी बीमारियां हो सकती हैं और ये सब भी पथरी बनाने में मदद करती हैं।
डॉक्टर ने कहा कि किडनी स्टोन कोई खतरनाक बीमारी नहीं है लेकिन यह दर्द बहुत देता है। इसलिए डॉक्टर से मिलकर प्रॉपर इलाज कराएं, बीयर के चक्कर में न पड़ें।
Bluetooth Earphones से ब्रेन कैंसर होता है? जानिए सच
आजकल ज्यादातर लोग वायर्ड इयरफोन छोड़कर Bluetooth Earphones, नेक बैंड या एयर बड्स पर शिफ्ट हो गए हैं। इन्हें इस्तेमाल करना आसान है, बस ब्लूटूथ से फोन कनेक्ट करो और फोन चाहे जेब में रखो या बैग में। लेकिन इनकी सेफ्टी को लेकर एक बड़ा सवाल अक्सर पूछा जाता है कि कहीं ब्लूटूथ इयरफोन से ब्रेन ट्यूमर या कैंसर का खतरा तो नहीं बढ़ता।
डॉ. प्रो. ईश्वर चंद प्रेमसागर ने इस सवाल का जवाब देते हुए साफ कहा कि Bluetooth Earphones से निकलने वाली रेडिएशन से कैंसर नहीं होता। इसकी वजह यह है कि इनसे निकलने वाली किरणें नॉन आयनाइजिंग होती हैं। यानी ये किरणें डीएनए को नुकसान नहीं पहुंचातीं और न ही शरीर के सेल्स को तोड़ती हैं। कैंसर तब होता है जब डीएनए को नुकसान पहुंचता है या उसमें किसी तरह का बदलाव आता है। नॉन आयनाइजिंग रेडिएशन सेफ मानी जाती है।
डॉक्टर ने यह भी बताया कि ब्लूटूथ इयरफोन से ज्यादा रेडिएशन तो आपके मोबाइल फोन से निकलती है। अब तक किसी भी रिसर्च में Bluetooth Earphones और ब्रेन कैंसर के बीच कोई सीधा संबंध नहीं मिला है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।
इयरफोन से सुनने की क्षमता पर जरूर पड़ता है असर
हां, अगर आप इयरफोन लगातार बहुत देर तक इस्तेमाल करते हैं तो सुनने की क्षमता पर असर जरूर पड़ सकता है। डॉक्टर ने 60-60 रूल फॉलो करने की सलाह दी। इसका मतलब है कि 60 प्रतिशत से कम वॉल्यूम पर ऑडियो सुनें और लगातार 60 मिनट से ज्यादा इयरफोन इस्तेमाल न करें।
बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें, खासकर अगर आप गेमिंग करते हैं या काम की वजह से घंटों इयरफोन लगाने पड़ते हैं। गाड़ी चलाते वक्त इयरफोन का इस्तेमाल न करें। जहां तक मुमकिन हो फोन को कान से दूर रखें और स्पीकर पर बात करें।
ब्रेन ट्यूमर के ये लक्षण जरूर जानें
डॉक्टर ने ब्रेन ट्यूमर के कुछ अहम लक्षण भी बताए जो हर किसी को पता होने चाहिए। लगातार सिर दर्द और बार-बार उल्टी आना ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उसके आकार और दिमाग में उसकी जगह पर निर्भर करते हैं।
अगर ट्यूमर दिमाग के आगे वाले हिस्से में है तो पर्सनालिटी और याददाश्त में बदलाव आ सकता है। कुछ मामलों में हॉर्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है। कम सुनाई देना या कम दिखाई देना भी ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति ऐसे लक्षण लगातार महसूस कर रहा है तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलना चाहिए।
Midnight Cravings क्यों होती हैं और कैसे करें कंट्रोल?
रात में देर तक जगे रहे, फिर भूख लगी, चिप्स का पैकेट खोला, कोल्ड ड्रिंक पी ली, इंस्टेंट नूडल्स बना लिए। खाने के बाद गिल्ट होने लगा कि इतना अनहेल्दी नहीं खाना चाहिए था। यह कहानी लाखों लोगों की है।
सर्वोदय हॉस्पिटल फरीदाबाद की चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी ने बताया कि Midnight Cravings तब होती हैं जब आप दिन में सही से खाना नहीं खाते। अगर दिन में कम खाना खाया जाए या टाइम पर न खाया जाए तो रात में भूख बढ़ जाती है।
अगर कोई व्यक्ति स्ट्रेस में है, उसे नींद नहीं आ रही है और वो देर तक जाग रहा है तब भी Midnight Cravings होने लगती हैं। कई बार तो भूख सच में लगी भी नहीं होती, बस आदत या बोरियत की वजह से खाने का मन करता है।
Midnight Cravings के लिए ये हेल्दी ऑप्शंस अपनाएं
डाइटिशियन मीना कुमारी ने Midnight Cravings से निपटने के लिए कुछ हेल्दी विकल्प बताए:
गुनगुना दूध पीना। इससे पेट को आराम मिलता है और नींद भी अच्छी आती है।
थोड़े बादाम या अखरोट खा सकते हैं। इन्हें खाने से पेट भरा-भरा लगता है और ये शरीर के लिए भी अच्छे होते हैं।
फल खाएं। अगर घर में केला या सेब है तो फल खाना सबसे बेस्ट है। फल हल्के होते हैं, जल्दी पच जाते हैं और पोषण भी देते हैं।
हर्बल या ग्रीन टी पिएं। अगर कुछ पीने का मन है तो हर्बल या ग्रीन टी पी सकते हैं। इससे मन शांत होता है और अनहेल्दी खाने की इच्छा कम होती है।
Midnight Cravings हो ही नहीं, इसके लिए क्या करें?
डाइटिशियन ने कहा कि कोशिश करें कि Midnight Cravings हो ही नहीं। इसके लिए दिन में टाइम पर और सही मात्रा में खाना खाएं। रात का खाना हल्का रखें और सोने से दो-तीन घंटे पहले खा लें।
रोज 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें क्योंकि नींद पूरी न होने पर ज्यादा भूख लगती है। जब भी सोने जाएं तो कमरे की लाइट बंद कर दें, इससे नींद आने का चांस बढ़ जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। अगर स्ट्रेस है तो योग या मेडिटेशन करें, इससे रात में खाने की आदत कम हो जाती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Kidney Stone Diet में पानी, नींबू पानी, नारियल पानी, प्राकृतिक कैल्शियम वाले पदार्थ, मौसमी फल और जौ जरूर शामिल करें। बाहर का खाना, तली-भुनी चीजें और लाल मांस पूरी तरह अवॉयड करें।
- बीयर से पथरी निकलना सबसे बड़ा मिथ है। बीयर में प्यूरिन और ऑक्सिलेट होता है जो पथरी बनाता है, साथ ही बीयर शरीर को डिहाइड्रेट करती है जिससे पथरी का खतरा और बढ़ता है।
- Bluetooth Earphones से ब्रेन कैंसर नहीं होता क्योंकि इनसे निकलने वाली नॉन आयनाइजिंग रेडिएशन डीएनए को नुकसान नहीं पहुंचाती। हां, लंबे समय तक इस्तेमाल से सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
- Midnight Cravings से बचने के लिए दिन में टाइम पर खाना खाएं, रात का खाना हल्का रखें, 7-8 घंटे की नींद लें और रात में भूख लगे तो गुनगुना दूध, बादाम, फल या ग्रीन टी लें।






