Indian Railway Vistadome coach Kashmir अब धरती के स्वर्ग कहे जाने वाली कश्मीर घाटी की सैर को और भी यादगार बना देगा। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए बड़गाम-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रूट पर चलने वाली विशेष ट्रेन में एक शानदार विस्टाडोम कोच जोड़ा है। इस कोच की कांच की छत और चौड़ी खिड़कियां यात्रियों को घाटी के नज़ारों का लुत्फ उठाने का मौका देंगी। यह ट्रेन पहले सिर्फ बनिहाल तक जाती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर कटड़ा तक कर दिया गया है।
कश्मीर की खूबसूरती अब ट्रेन की छत से, विस्टाडोम ने बदली यात्रा की परिभाषा
उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए बड़गाम-कटड़ा के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन संख्या 04688/04687 में एक विस्टाडोम कोच शामिल कर दिया है। यह वही कोच है जो पहले दार्जिलिंग जैसे पर्यटन स्थलों पर अपनी धाक जमा चुका है। अब कश्मीर आने वाले सैलानी ट्रेन में बैठे-बैठे बर्फ से लदे पहाड़ों, बहती नदियों और अंधेरी सुरंगों के रोमांचक सफर का 360 डिग्री एंगल से आनंद ले सकेंगे।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यात्रियों को बेहतर सुविधा देने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि विस्टाडोम कोच यात्रियों की यात्रा को न सिर्फ आरामदायक बनाएगा, बल्कि उन्हें एक यादगार अनुभव भी देगा।
जब सफर ही बन जाए मंजिल, तो क्या कहें उस कश्मीर का…
अक्सर कहा जाता है कि कश्मीर देखा तो दुनिया देखा, लेकिन अब यह कहावत बदलने वाली है कि ‘विस्टाडोम में कश्मीर देखा तो असली मजा आया’। आम ट्रेनों में खिड़की से झांककर पहाड़ देखना और कांच की छत से सीधे बादलों को छूने का एहसास, दोनों में जमीन-आसमान का फर्क है। रेलवे का यह प्लान सिर्फ एक कोच जोड़ने भर नहीं, बल्कि पर्यटन को नई ऊंचाई देने की तैयारी है। यह वह बदलाव है जिसका इंतजार हर उस शख्स को था जो प्रकृति से प्यार करता है और सफर को सिर्फ सफर नहीं, एक इबादत मानता है।
कितने सीट और कितना किराया? जानें हर डिटेल
आईआरसीटीसी के अनुसार, इस विशेष ट्रेन में जोड़े गए विस्टाडोम कोच में कुल 29 सीटें हैं। इस शानदार सफर का टिकट प्रति यात्री ₹1265 रखा गया है। यह किराया आम कोच के मुकाबले ज्यादा जरूर है, लेकिन इसके बदले मिलने वाला अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
ट्रेन का समय और रूट:
बड़गाम से कटड़ा: सुबह 7:20 बजे रवाना, दोपहर 1:20 बजे पहुंचेगी।
कटड़ा से बड़गाम: दोपहर 1:45 बजे रवाना, रात 8:00 बजे पहुंचेगी।
यह विशेष रेलगाड़ी शनिवार तक संचालित होगी। यानी पर्यटक वीकेंड पर इस खूबसूरत सफर का पूरा मजा ले सकते हैं।
आम आदमी पर क्या असर?
यह सुविधा सिर्फ पर्यटकों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी फायदेमंद है। कश्मीर घाटी में रहने वाले लोग अब अपने ही राज्य की खूबसूरती को एक नए नजरिए से देख सकेंगे। साथ ही, इससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। विस्टाडोम कोच की शुरुआत से कश्मीर आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है, जिससे होटल, ट्रैवल एजेंसी और हस्तशिल्प कारोबार से जुड़े लोगों को सीधा फायदा होगा।
‘जानें पूरा मामला’
दरअसल, भारतीय रेलवे पिछले कुछ सालों से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए प्रयोग कर रहा है। विस्टाडोम कोच इसी कड़ी का एक हिस्सा है। ये कोच खासतौर पर उन रूट्स पर चलाए जाते हैं जहां प्राकृतिक सुंदरता भरपूर हो। दार्जिलिंग, गोवा, नीलगिरि और अब कश्मीर में इन कोचों को शामिल किया गया है। इससे पहले कश्मीर घाटी में ट्रेनों की सुविधा सीमित थी, लेकिन अब बड़गाम से कटड़ा तक सीधा कनेक्शन मिलने से श्री माता वैष्णो देवी यात्रा करने वाले श्रद्धालु भी कश्मीर की सैर का मजा ले सकेंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
उत्तर रेलवे ने बड़गाम-कटड़ा रूट पर विस्टाडोम कोच शुरू किया, ट्रेन नंबर 04688/04687।
कोच में कांच की छत और चौड़ी खिड़कियां, 360° व्यू में दिखेंगे बर्फीले पहाड़ और घाटियां।
कुल 29 सीटें, प्रति यात्री किराया ₹1265 निर्धारित।
ट्रेन बड़गाम से सुबह 7:20 बजे और कटड़ा से दोपहर 1:45 बजे चलेगी, शनिवार तक परिचालन।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल के मुताबिक, इससे पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।








