Kanpur Lamborghini Case में गुरुवार सुबह बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब कानपुर के ग्वालटोली इलाके में हुए चर्चित हादसे के आरोपी शिवम मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह घटना रविवार को वीआईपी रोड पर हुई थी, जहां एक तेज रफ्तार लैम्बोर्गिनी ने ऑटो और बुलेट को टक्कर मार दी थी। पुलिस का दावा है कि हादसे के समय कार शिवम ही चला रहा था, जबकि वह कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था।
गुरुवार सुबह गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। अब यह फैसला न्यायालय को करना है कि उसे जेल भेजा जाएगा या जमानत मिलेगी।
शादी में जा रहे थे, रास्ते में हुआ हादसा
आर्य नगर निवासी तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा शिवम अपने चालक मोहन के साथ लैम्बोर्गिनी कार से बिठूर जा रहा था। वहां शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ भाजपा के प्रदेश संयोजक डॉ. दिवाकर मिश्रा की आईएएस बेटी कृतिका मिश्रा की शादी में शामिल होना था।
भैरन घाट चौराहे के पास अचानक कार ने ऑटो और बुलेट को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार सड़क किनारे खड़े ऑटो से टकराकर बुलेट के ऊपर चढ़ गई और फिर बिजली के खंभे से जा भिड़ी।
तीन लोग घायल, मुकदमा दर्ज
हादसे में चमनगंज निवासी तौकीफ अहमद को गंभीर चोट आई। वह टक्कर लगने के बाद उछलकर दूर जा गिरे और उनके बाएं पैर में चोट आई।
बुलेट सवार विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी को भी धक्का लगा, हालांकि दोनों की हालत ठीक बताई गई।
तौकीफ ने कार नंबर के आधार पर तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच के बाद मुकदमे में शिवम मिश्रा को आरोपी बनाया।
ड्राइवर या बेटा? किसने चलाई थी कार
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब कारोबारी केके मिश्रा और उनके अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह धर्मू ने दावा किया कि हादसे के समय कार चालक मोहन चला रहा था।
खुद ड्राइवर मोहन भी बार-बार यही कहता रहा कि वही गाड़ी चला रहा था।
लेकिन पुलिस की रिपोर्ट में शिवम को ही चालक बताया गया। अदालत ने ड्राइवर की अर्जी खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस रिपोर्ट में आरोपी शिवम है, मोहन नहीं।
समझौते की बात और पुलिस की कार्रवाई
घायल तौकीफ ने बाद में कहा कि उन्हें चालक की ओर से आर्थिक क्षतिपूर्ति मिल गई है और वह आगे कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते।
इसके बावजूद पुलिस ने जांच जारी रखी और घटना के समय कार चला रहे व्यक्ति के तौर पर शिवम मिश्रा को ही जिम्मेदार माना।
अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम में आगे क्या खुलासा होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
कोर्ट का रुख और आगे की राह
इससे पहले अदालत ने कहा था कि लैम्बोर्गिनी कार फिलहाल थाने में ही रहेगी और मामले की जांच जारी रहेगी। कोर्ट ने ड्राइवर को आरोपी नहीं माना और जांच के आदेश दिए थे।
अब जब पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार कर लिया है, तो अदालत में उसकी पेशी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
सवाल जो उठ रहे हैं
तेज रफ्तार, महंगी सुपरकार और शहर की व्यस्त सड़क—इन तीनों ने मिलकर इस हादसे को चर्चा का विषय बना दिया। आम लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर इतनी महंगी और शक्तिशाली कार को शहर की भीड़भाड़ वाली सड़क पर कैसे नियंत्रित किया गया।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शहर की सड़कों पर हाई-पावर गाड़ियों के लिए अलग से निगरानी और सख्त नियमों की जरूरत है।
क्या है पृष्ठभूमि
रविवार को रिंगवाला चौराहे के पास हुए इस हादसे के बाद से ही मामला सुर्खियों में था। पहले ड्राइवर और मालिक पक्ष के दावों ने भ्रम की स्थिति पैदा की, फिर कोर्ट की टिप्पणी और अब गिरफ्तारी ने इसे और गंभीर बना दिया है।
अब पुलिस की पूछताछ और अदालत का फैसला ही आगे की तस्वीर साफ करेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- वीआईपी रोड पर लैम्बोर्गिनी कार से ऑटो और बुलेट को टक्कर
- चमनगंज निवासी तौकीफ अहमद घायल
- पुलिस का दावा: हादसे के समय शिवम मिश्रा चला रहा था कार
- गुरुवार सुबह गिरफ्तारी, कोर्ट में पेशी के बाद फैसला लंबित








