Jet Airways Revival Plan: जेट एयरवेज की उड़ान में फिर रुकावट, समझें पूरा मामला

Jet Airways Revival Plan: जेट एयरवेज के सामने दिक्कतें खत्म ही नहीं हो पा रही है। पिछले साल मई में इसे कॉमर्शियल फ्लाइट शुरू करने के लिए एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट मिल गया था लेकिन अब फिर इसके सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है। अब मामला यह है कि जेट एयरवेज के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल और मॉनीटरिंग कमेटी के प्रमुख Ashish Chhawchharia ने संजीव कुमार को नोटिस भेजा है। संजीव कुमार जेट एयरवेज के सीईओ हैं और आशीष ने संजीव के सीईओ होने पर आपत्ति जताई है। सीएनबीसी-टीवी 18 को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है।

क्या है इस नोटिस में

मॉनीटरिंग कमेटी ने नोटिस में कपूर को जेट एयरवेज के बिहाफ में कोई भी बयान जारी नहीं करने को कहा है। निगरानी समिति ने यह इसलिए कहा है क्योंकि उसका मानना है कि इससे स्टेकहोल्डर्स को कंफ्यूजन हो सकती है। निगरानी समिति के प्रमुख आशीष ने नोटिस पर किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया है। वहीं संजीव कपूर और जालान-कालरॉक कंसोर्टियम से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं प्राप्त हुई है। जालान-कालरॉक कंसोर्टियम ने जेट एयरवेज का अधिग्रहण किया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक अभी तक यह टेक ओवर पूरा नहीं हुआ है और निगरानी समिति रिजॉल्यूशन प्लान के प्रोसेस की जांच कर रही है।

Jet Airways के साथ क्या है दिक्कतें

करीब चार साल पहले अप्रैल 2019 में भारी नुकसान और 8 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ से जेट एयरवेज बंद हो गई। इसके बाद इनसाल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस के तहत लंदन की कालरॉक कैपिटल (Kalrock Capital) और यूएई के मुरारी लाल जालान के कंसोर्टियम ने बोली जीत ली। हालांकि अभी तक जेट एयरवेज के मालिकाना हक का ट्रांसफर पूरा नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक निगारीन समिति ने जो अधिसूचना जारी की है, उसके मुताबिक संजीव कुमार के सीईओ के तौर पर कार्यकाल तब से प्रभावी होगा, जब रिजॉल्यूशन प्लान प्रभावी हो जाएगा और निगरानी समिति उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे देती है।

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