Japan Earthquake Swarm : जापान के पूर्वी तट पर पिछले 24 घंटे दहशत भरे रहे हैं। यहां एक के बाद एक कई भूकंपों का झुंड (Earthquake Swarm) आया है, जिसमें सबसे शक्तिशाली झटका 6.8 तीव्रता का था। यह भूकंप इवाते प्रांत के यमादा शहर से 126 किलोमीटर पूर्व में समुद्र के अंदर आया। जापान की मौसम एजेंसी ने इसके तुरंत बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी।
यह सबसे बड़ा भूकंप आज शाम करीब 5:03 बजे (स्थानीय समय) आया, जिसका केंद्र उत्तर प्रशांत महासागर में 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इसके झटके इतने तेज थे कि आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। मियाको और यमादा जैसे तटीय इलाकों में 1 मीटर तक ऊंची लहरें आने की आशंका के चलते अलर्ट जारी किया गया।
An earthquake swarm has just started up off the coast of Japan in the last 24 hours, with five magnitude 5+ earthquakes already having ruptured. This increases the risk of there being a high-magnitude earthquake here in the near future. pic.twitter.com/X4aoyglWj9
— Stefan Burns (@StefanBurnsGeo) November 8, 2025
24 घंटे में आए 7 बड़े भूकंप
पिछले 24 घंटों में इस इलाके में भूकंपों का एक पूरा झुंड (Swarm) देखा गया है। मुख्य 6.8 तीव्रता वाले भूकंप से पहले ही 5.0 से ज्यादा तीव्रता के 5 झटके महसूस किए जा चुके थे। इनमें सुबह 6:04 बजे (5.4), 7:33 बजे (5.0), और अन्य समय पर 5.6, 5.1 और 5.1 तीव्रता के भूकंप शामिल हैं। मुख्य भूकंप के बाद भी कम से कम एक 5.1 तीव्रता का आफ्टरशॉक आया है। यानी कुल मिलाकर 7 बड़े झटके लग चुके हैं।
क्यों आ रहे हैं लगातार भूकंप?
जापान ‘रिंग ऑफ फायर’ (Ring of Fire) नामक क्षेत्र में स्थित है, जो भूकंप और ज्वालामुखी के लिए दुनिया का सबसे सक्रिय इलाका है। यहां प्रशांत टेक्टॉनिक प्लेट ओखोटस्क प्लेट के नीचे धंस रही है, जिससे जमीन के नीचे तनाव बढ़ता है। जब यह तनाव अचानक रिलीज होता है, तो भूकंप आते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह ‘स्वार्म’ उसी तनाव के छोटे-छोटे रिलीज का नतीजा है, जो किसी बड़े खतरे का संकेत भी हो सकता है।
मुख्य बातें (Key Points):
- जापान के पूर्वी तट पर 24 घंटे में 5.0 से ज्यादा तीव्रता के 7 भूकंप आए।
- सबसे बड़ा भूकंप 6.8 तीव्रता का था, जिसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई।
- यह भूकंप ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में टेक्टॉनिक प्लेटों के खिसकने से आ रहे हैं।
- फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन आफ्टरशॉक्स का खतरा बना हुआ है।








