IT Rules 2021 Amendment AI Content Rules India 2026 : Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने IT Rules 2021 में बड़ा संशोधन किया है जो अब सीधे सोशल मीडिया क्रिएटर्स, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूबर्स पर असर डालेगा। यह नई गाइडलाइन AI और Synthetic Content से जुड़ी है और इसके उल्लंघन पर चैनल बैन, डीमोनेटाइजेशन और सीधे कंटेंट डिलीट करने तक की कार्यवाही हो सकती है। हाल ही में कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया कि उनके 9 AI-जनरेटेड वीडियो सरकार द्वारा बिना किसी पूर्व चेतावनी के डिलीट कर दिए गए।
सरकार ने यह कदम क्यों उठाया?
पिछले कुछ महीनों में Deepfake वीडियो, फर्जी न्यूज़ और AI से बनी भ्रामक क्लिप्स बेहद तेजी से सोशल मीडिया पर फैलीं। सरकार का मकसद AI को रोकना नहीं बल्कि उसके दुरुपयोग पर लगाम लगाना है। AI एक टूल है लेकिन उससे अगर झूठी जानकारी फैलती है तो उसका असर समाज पर बहुत गहरा होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए IT Rules 2021 Amendment के तहत AI-जनरेटेड कंटेंट को पहली बार कानूनी दायरे में शामिल किया गया है।
Synthetic Content क्या होता है?
IT Rules के अनुसार Synthetic Content वह वीडियो, ऑडियो, फोटो या कोई भी सामग्री है जो कंप्यूटर एल्गोरिदम या AI टूल से बनाई गई हो और देखने में बिल्कुल वास्तविक लगती हो। किसी नेता की AI इमेज बनाना, सुभाष चंद्र बोस को वर्तमान परिदृश्य में दिखाना, किसी रेल दुर्घटना का नकली दृश्य बनाना या किसी सेलिब्रिटी का Deepfake वीडियो — ये सब अब इस कानून के दायरे में आते हैं।
चार गाइडलाइन जो हर क्रिएटर को जाननी जरूरी हैं
नए नियमों के अनुसार पहला, अगर आप AI से वीडियो, इमेज या ऑडियो बना रहे हैं तो उस पर साफ-साफ लेबल लगाना अनिवार्य है। डिस्कलेमर में लिखना होगा कि यह AI-जनरेटेड कंटेंट है।
दूसरा, YouTube, Instagram और X (Twitter) जैसे प्लेटफॉर्म्स और क्रिएटर्स दोनों की जिम्मेदारी तय की गई है। प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया गया है कि वे AI कंटेंट पर स्वत: डिस्क्लेमर लगाएं।
तीसरा, प्लेटफॉर्म अब आपसे पूछ सकते हैं कि क्या यह कंटेंट AI से बना है। इसके साथ-साथ कंटेंट की फाइल में डिजिटल पहचान यानी Metadata जोड़ना होगा ताकि बाद में यह ट्रेस किया जा सके कि कंटेंट कहाँ से बना।
चौथा, अगर किसी AI वीडियो पर गलत सूचना फैलाने, मानहानि (Defamation) या Deepfake से नुकसान पहुँचाने की शिकायत मिलती है तो क्रिएटर को 2 से 3 घंटे के भीतर उस कंटेंट को हटाना अनिवार्य है। पहले IT Rules 2021 में यह समय सीमा 36 घंटे थी जिसे अब घटाकर सिर्फ 3 घंटे कर दिया गया है।
नहीं माने तो क्या होगा?
अगर नियमों का पालन नहीं किया तो आपका चैनल डीमोनेटाइज हो सकता है, YouTube Strike मिल सकती है, Legal Notice आ सकता है और चैनल बैन तक हो सकता है। यही वो परिणाम है जो सुप्रिया श्रीनेत के 9 वीडियो डिलीट होने के रूप में सामने आया।
क्रिएटर्स के लिए 5 जरूरी सुरक्षा कदम
पहला, जब भी AI से वीडियो बनाएं तो उस पर डिस्क्लेमर जरूर लगाएं। दूसरा, किसी सेलिब्रिटी की आवाज जैसे अमिताभ बच्चन की आवाज का इस्तेमाल न करें, AI के जेनेरिक वॉइस का उपयोग करें। तीसरा, Deepfake वीडियो बनाकर व्यूज लेने की कोशिश बिल्कुल न करें, यह आपके चैनल के लिए घातक हो सकता है। चौथा, खासकर न्यूज़ कंटेंट में हमेशा फैक्ट चेक करें क्योंकि न्यूज़ का मतलब सिर्फ तथ्य होता है। पाँचवाँ, YouTube, Instagram और X की नई AI पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें और उसके अनुसार काम करें।
AI को नहीं, उसके दुरुपयोग को रोकना है मकसद
AI को रोका नहीं जा सकता और न ही यह जरूरी है। सरकार का यह IT Rules 2021 Amendment इसी सोच पर टिका है कि AI का उपयोग जिम्मेदारी से हो। एक जिम्मेदार क्रिएटर वही है जो AI की ताकत का इस्तेमाल करे लेकिन उसे पारदर्शिता के साथ पेश करे। लेबल लगाना कोई कमजोरी नहीं, यह आपकी विश्वसनीयता की पहचान है।
मुख्य बातें (Key Points)
- MeitY ने IT Rules 2021 में 2026 संशोधन करते हुए AI-जनरेटेड और Synthetic Content को कानूनी दायरे में शामिल किया।
- शिकायत मिलने पर विवादित AI कंटेंट को अब 36 घंटे की बजाय सिर्फ 2-3 घंटे में हटाना अनिवार्य है।
- AI कंटेंट पर लेबलिंग, डिस्क्लेमर और Metadata अनिवार्य; उल्लंघन पर चैनल बैन, डीमोनेटाइजेशन और Legal Notice।
- कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के 9 AI वीडियो बिना चेतावनी डिलीट होना — नए नियमों की पहली बड़ी कार्यवाही।








