Iran Protests Indians Arrested : ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार उग्र होते जा रहे हैं और इसी बीच भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी की खबरों ने नई दिल्ली से तेहरान तक हलचल मचा दी। दिसंबर 2025 के आखिरी सप्ताह से शुरू हुए इन प्रदर्शनों में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत और 10,600 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। इसी तनावपूर्ण माहौल में यह दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान छह भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अब ईरान की ओर से आधिकारिक सफाई सामने आ गई है।

भारतीयों की गिरफ्तारी की खबर से मचा सियासी भूचाल
एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान में जारी प्रदर्शनों के दौरान भारतीय नागरिकों को ईरानी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जैसे ही यह खबर सामने आई, नई दिल्ली से लेकर तेहरान तक कूटनीतिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई। विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया।
ईरानी राजदूत ने बताया सच्चाई
इन तमाम रिपोर्टों पर विराम लगाते हुए भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने साफ शब्दों में कहा कि भारतीयों की गिरफ्तारी की खबरें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ईरान से जुड़ी कुछ जानकारियां विदेशी अकाउंट्स द्वारा गलत तरीके से फैलाई जा रही हैं और लोगों को भरोसेमंद स्रोतों से ही खबरें लेनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद भारतीयों की गिरफ्तारी को लेकर फैली आशंकाओं पर काफी हद तक विराम लगा।
ईरान में क्यों भड़क रहे हैं प्रदर्शन
ईरान में ये प्रदर्शन 28 दिसंबर से शुरू हुए थे, जो धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गए। लोगों का आरोप है कि ईरानी करेंसी रियाल लगातार कमजोर हो रही है और डॉलर के मुकाबले उसकी स्थिति गिरती जा रही है। महंगाई, खराब अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा।

अमेरिका और ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव
इन प्रदर्शनों के बीच अमेरिका की ओर से भी सख्त रुख सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके जवाब में ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों की आड़ में किसी तरह की सैन्य कार्रवाई की, तो अमेरिकी सेना और इजराइल उसके निशाने पर होंगे। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है।
सड़कों पर उतरे लोग, इंटरनेट बंद
ईरान में हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसके चलते बाहर की दुनिया तक सही जानकारी पहुंचना मुश्किल हो गया है। हालांकि, ऑनलाइन सामने आए कुछ वीडियो में उत्तरी तेहरान के पुनाक इलाके में प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर उतरते और मोबाइल फोन जलाते हुए देखा गया है। कई जगहों पर सड़कों को बंद कर दिया गया है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
राजशाही के वारिस की अपील
इस बीच ईरान के हटाए गए शाह के बेटे रजा पहलवी ने भी सुरक्षा बलों से अपील की है कि वे आम लोगों के साथ खड़े हों। उनके बयान से यह साफ है कि प्रदर्शन अब केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि राजनीतिक चुनौती का रूप ले चुके हैं।

क्या है इस पूरे घटनाक्रम का असर
ईरान में जारी इस संकट का असर सिर्फ वहां की राजनीति तक सीमित नहीं है। क्षेत्रीय स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और विदेशों में रह रहे नागरिकों की सुरक्षा भी इससे जुड़ गई है। भारतीयों की गिरफ्तारी की खबर भले ही गलत निकली हो, लेकिन इससे यह साफ हो गया कि ऐसे हालात में अफवाहें कितनी तेजी से माहौल बिगाड़ सकती हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 500 से ज्यादा मौतें हुईं।
- भारतीयों की गिरफ्तारी की खबरों को ईरानी राजदूत ने फर्जी बताया।
- अमेरिका की चेतावनी और ईरान के जवाब से तनाव और बढ़ा।
- इंटरनेट बंद होने से ईरान की वास्तविक स्थिति जानना मुश्किल हो गया।








