Iran Nuclear Facility Isfahan Satellite Images : पिछले 24 घंटों से ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर बड़ी हलचल है। इस्फ़हान में ईरानी न्यूक्लियर फैसिलिटी की सैटेलाइट तस्वीरों में नई एक्टिविटी देखी जा रही है। इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के अनुसार, तेहरान ने एक बार फिर अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स के सेंट्रल एंट्रेंस को मिट्टी से भर दिया है और दक्षिणी पोर्टल पर ताज़ी मिट्टी की एक परत डाल रहा है।
408 किलो यूरेनियम को बचाने की जंग
इसका मकसद संभावित हवाई हमलों से लगभग 408 किलोग्राम हाईली एनरिच्ड यूरेनियम वाले स्टोरेज फैसिलिटी को अतिरिक्त सुरक्षा देना है।
दरअसल ईरान बखूबी जानता है कि अमेरिका सिर्फ इस समय धमकी नहीं दे रहा। वो दरअसल उस पर कोई बड़ा हमला या कारवाई करने वाला है।
इसलिए ईरान अपने परमाणु ठिकानों पर मौजूद सर्वाधिक यूरेनियम को बचाने में भी जुट गया है।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी बड़ी एक्टिविटी
बड़ी खबर यह है कि इसी मकसद से पिछले 24 घंटों से ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर बड़ी हलचल देखी गई है।
इस्फ़हान में ईरानी न्यूक्लियर फैसिलिटी की सैटेलाइट तस्वीरों में नई एक्टिविटी देखी गई है।
इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के अनुसार तेहरान ने एक बार फिर से अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स के सेंट्रल एंट्रेंस को मिट्टी से भर दिया है।
दक्षिणी पोर्टल पर भी ताजी मिट्टी
दक्षिणी पोर्टल यानी दक्षिणी इलाके में भी ताजी मिट्टी एक तरफ डाली गई है।
इसका मकसद है संभावित हवाई हमलों में लगभग 408 किलोग्राम हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को स्टोर करके फैसिलिटी को सुरक्षित रखा जाए।
24 जनवरी के बाद से अचानक यहां पर गतिविधियां तेज हो गई।
इंजीनियरिंग का काम रोका, एंट्रेंस बंद किए
पहले इंजीनियरिंग के काम रोक दिए गए। एंट्रेंस के कुछ इलाकों को जो खुले थे, उनको बंद कर दिया गया।
इसी दौरान सुरंग को अल्ट्रा हाई स्ट्रेंथ कंक्रीट से मजबूत कर दिया गया।
यानी कंक्रीट की मोटी-मोटी चादर इस पर बिछा दी गई है। यह छिपे हुए स्टोरेज को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है।
Bunker Buster Missile से बचाव की तैयारी
यह इसलिए किया जाता है कि अगर अमेरिका कोई बंकर बस्टर मिसाइल का इस्तेमाल करे या अटैक करने की कोशिश करे तो नीचे मौजूद यूरेनियम सुरक्षित रह सके।
खास ध्यान जमीन के ऊपर की इमारत में हो रही एक्टिविटी पर दिया जा रहा है।
तस्वीरों में नजर आ रहा है कि कैसे ईरान की तरफ से यहां पर अब पिछले चार से पांच दिनों में कंस्ट्रक्शन के काम तेज किए गए हैं।
एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स को कंक्रीट से ढका
जो एंट्री एग्जिट पॉइंट्स हैं उनको कंक्रीट की मोटी चादर से ढक दिया गया है या बंद कर दिया गया है।
यह यूरेनियम करीबन 90% तक एनरिच हो चुका है। कई न्यूक्लियर वेपंस बनाने के लिए यह काफी होता है।
इसलिए किसी भी कीमत पर ईरान इसको बचाने में जुटा हुआ है।
अमेरिका-इजराइल का लक्ष्य है यूरेनियम को खत्म करना
जबकि अमेरिका और इजराइल इसे हर हाल में खत्म करना चाहते हैं।
एक्सक्लूसिव सैटेलाइट तस्वीरें बता रही हैं कि इस समय ईरान के कई न्यूक्लियर साइट्स पर हलचल तेज होती नजर आ रही है।
यह स्थिति US-Iran के बीच बढ़ते तनाव का सीधा संकेत है।
पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव
इस्फ़हान की न्यूक्लियर फैसिलिटी ईरान के परमाणु कार्यक्रम का अहम हिस्सा है।
अमेरिका और पश्चिमी देश लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंतित हैं।
ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, लेकिन अमेरिका और इजराइल इस पर संदेह जताते हैं।
90% एनरिच्ड यूरेनियम का खतरा
90% तक एनरिच हो चुका यूरेनियम परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त माना जाता है।
यही कारण है कि अमेरिका और इजराइल इस स्टॉक को खत्म करने के लिए सैन्य विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
ईरान की यह तैयारी साफ संकेत है कि वह अमेरिकी या इजराइली हमले की आशंका से बचाव कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता
अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस विकास पर नजर रखे हुए है।
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी IAEA भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नजर रखती है।
लेकिन ईरान ने कई बार निरीक्षकों को पूरी जानकारी देने से इनकार किया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- इस्फ़हान में ईरानी न्यूक्लियर फैसिलिटी पर पिछले 24 घंटों में बड़ी हलचल
- सैटेलाइट तस्वीरों में अंडरग्राउंड एंट्रेंस को मिट्टी से भरते हुए देखा गया
- 408 किलोग्राम हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को बचाने की कोशिश
- अल्ट्रा हाई स्ट्रेंथ कंक्रीट से सुरंगों को मजबूत किया गया
- बंकर बस्टर मिसाइल से बचाव के लिए विशेष तैयारी
- 90% एनरिच्ड यूरेनियम – कई परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त
- US-Iran तनाव चरम पर, अमेरिका-इजराइल की नजर इस फैसिलिटी पर








