Iran Israel War Petrol Diesel Price: ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध की लपटें आज भारत की संसद तक पहुंच गईं और जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के जोरदार शोर के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तेल संकट और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर एक बड़ा बयान दिया। यह बयान इसलिए भी और महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इस वक्त लगभग पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की चपेट में है और इसकी सीधी मार आम भारतीय की जेब पर भी पड़ सकती है।
‘$120 प्रति बैरल तेल: 1973 जैसे महासंकट की दहलीज पर दुनिया’
हालात कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इस एक आंकड़े से लगा सकते हैं कि कच्चे तेल की कीमत चंद दिनों में ही 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि दुनिया 1973 जैसे बड़े संकट की दहलीज पर खड़ी है, जब तेल की सप्लाई रुकने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था हिल गई थी।
इस पूरे संकट की असली जड़ है होमूज़ जलसंधि यानी Strait of Hormuz। दुनिया की कुल तेल खपत का 20 प्रतिशत हिस्सा इसी एक रास्ते से गुजरता है। अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा तो भारत, चीन और जापान जैसे देशों को सबसे बड़ा झटका लगेगा।
हर दिन 20 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई अभी खतरे में है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति लंबी खिंची तो दुनिया एक बड़ी महामंदी की ओर धकेली जा सकती है।
‘संसद में Jaishankar का दो टूक जवाब: भारत पूरी तरह सतर्क’
Iran Israel War Petrol Diesel Price के बीच जयशंकर ने संसद में विपक्ष के हंगामे की परवाह किए बिना भारत का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने साफ कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह सतर्क है और खाड़ी देशों के हालात ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है।
जयशंकर ने यह भी स्वीकार किया कि यह इलाका भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है और सप्लाई चेन में कोई भी अस्थिरता भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है, यह झगड़ा दूसरे देशों में भी फैलता हुआ नजर आ रहा है और तबाही लगातार बढ़ रही है।
‘67,000 भारतीय सुरक्षित: सरकार दिन-रात जुटी है काम में’
Iran Israel War Petrol Diesel Price के इस संकट में सबसे बड़ी राहत की खबर यह है। जयशंकर ने संसद में बताया कि सरकार पहले से ही अलर्ट पर थी और समय रहते भारतीय नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी गई थी।
अब तक लगभग 67,000 भारतीय अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चुके हैं। वेस्ट एशिया से अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए भारत सरकार दिन-रात काम कर रही है और सभी नागरिकों से एंबेसी लगातार संपर्क में है।
यह आंकड़ा उन तमाम परिवारों के लिए राहत है जिनके प्रियजन उस इलाके में काम कर रहे थे और जिनकी आंखें हर दिन खबरों पर टिकी हुई थीं।
‘PM Modi और Jaishankar: कूटनीति के मोर्चे पर डटे’
Iran Israel War Petrol Diesel Price के इस पूरे संकट में भारत की कूटनीति बेहद सक्रिय रही है। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद खाड़ी देशों के नेताओं से बात कर रहे हैं। खुद जयशंकर ईरान के विदेश मंत्री से दो बार बात कर चुके हैं।
भारत की तरफ से यह भी साफ किया गया कि भारत का स्टैंड हमेशा से स्पष्ट रहा है, हम शांति चाहते हैं। भारत बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में है, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता करने को तैयार नहीं है।
‘ईरानी जहाज को भारत ने दी शरण, ईरान ने जताया आभार’
इस युद्ध के बीच भारत का एक कदम खासतौर पर चर्चा में है। जयशंकर ने संसद में बताया कि ईरान के निवेदन पर हिंद महासागर में फंसे उसके एक जहाज को भारत ने डॉकिंग की परमिशन दी। इस मानवीय कदम के लिए ईरान ने भारत का आभार भी जताया।
यह घटना बताती है कि युद्ध के माहौल में भी भारत ने अपने मानवीय दायित्व को नहीं भुलाया और अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम रहा।
‘मिडिल ईस्ट में जंग का दायरा बढ़ा: ईरान का अमेरिकी एयरबेस पर दावा’
मिडिल ईस्ट में इस वक्त हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। ईरान की तरफ से लगातार मिसाइल हमले किए जा रहे हैं जो मिडिल ईस्ट के कई देशों में देखने को मिले। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरबेसेस को निशाना बनाया है।
यह युद्ध और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है और इसका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
‘आम आदमी पर असर: पेट्रोल-डीजल से लेकर रसोई तक’
Iran Israel War Petrol Diesel Price का सबसे सीधा असर आम भारतीय की जेब पर पड़ेगा। जब कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल पर है और सप्लाई चेन बाधित है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का दबाव बनेगा।
जो भी चीजें ट्रांसपोर्ट पर निर्भर हैं, उनकी कीमतें बढ़ेंगी। दवाइयों से लेकर सब्जियों तक, हर चीज महंगी हो सकती है। इसीलिए जयशंकर का यह बयान कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह सतर्क है, आम आदमी के लिए भी बड़ी बात है।
‘भारत की नीति: जंग की आग में भी संतुलन बरकरार’
Iran Israel War Petrol Diesel Price के इस पूरे दौर में भारत का रुख बेहद महत्वपूर्ण रहा है। एक तरफ 67,000 नागरिकों को सुरक्षित निकाला, ईरानी जहाज को शरण दी और दूसरी तरफ संसद में ऊर्जा सुरक्षा पर स्पष्ट संदेश दिया।
PM Modi की खाड़ी नेताओं से सीधी बातचीत और जयशंकर का ईरानी विदेश मंत्री से दो बार संवाद यह दर्शाता है कि भारत इस संकट में मूकदर्शक नहीं, बल्कि एक सक्रिय और जिम्मेदार देश की भूमिका निभा रहा है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- Iran Israel War Petrol Diesel Price: कच्चा तेल $120/बैरल तक पहुंचा; Strait of Hormuz से दुनिया का 20% तेल गुजरता है; रोज 20 मिलियन बैरल सप्लाई खतरे में; विशेषज्ञों ने 1973 जैसे महासंकट और महामंदी की चेतावनी दी।
- विदेश मंत्री जयशंकर ने संसद में कहा: ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह सतर्क हैं; सप्लाई चेन में अस्थिरता गंभीर चिंता है; सुरक्षा स्थिति खराब है और संघर्ष अन्य देशों में भी फैल रहा है।
- करीब 67,000 भारतीय अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चुके हैं; भारत सरकार दिन-रात काम में जुटी; एंबेसी हर नागरिक से संपर्क में।
- PM Modi खाड़ी नेताओं से सीधी बातचीत कर रहे हैं; जयशंकर ने ईरानी FM से दो बार बात की; ईरानी जहाज को हिंद महासागर में डॉकिंग परमिशन दी, ईरान ने भारत का आभार जताया।








