Insurance Coverage India 2047 : वर्ष 2047 तक देश के हर व्यक्ति को इंश्योरेंस के दायरे में लाने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठा सकती है। फरवरी में पेश होने वाले Union Budget 2026 में ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेष इंश्योरेंस उत्पाद की घोषणा संभव है, जिसे प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) से जोड़ा जा सकता है। अभी तक जन-धन योजना के तहत 55 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खुल चुके हैं, जिनमें 55 प्रतिशत से अधिक खाते महिलाओं के हैं।

ग्रामीण महिलाओं पर सरकार का खास फोकस
प्रस्तावित योजना के तहत यदि इंश्योरेंस उत्पाद को जन-धन खाते से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाता है, तो करोड़ों ग्रामीण महिलाएं अपने आप बीमा सुरक्षा के दायरे में आ जाएंगी। सरकार जन सुरक्षा स्कीम को भी जन-धन खातों से लिंक करने पर विचार कर रही है, जिससे सामाजिक सुरक्षा का दायरा और व्यापक हो सके।
इंश्योरेंस को सस्ता बनाने की तैयारी
बजट में इंश्योरेंस को आम लोगों के लिए किफायती बनाने के उपाय भी सामने आ सकते हैं। हाल ही में Reserve Bank of India (RBI) ने चिंता जताई थी कि डिजिटल व्यवस्था के बावजूद इंश्योरेंस प्रीमियम की लागत कम नहीं हुई है। सरकार एजेंटों के अधिक कमीशन को घटाने पर विचार कर सकती है, ताकि बीमा की कुल लागत कम हो सके।

GST हटने के बाद भी क्यों महंगा है बीमा
सरकार ने सितंबर में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर लगने वाला GST खत्म कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद बीमा महंगा बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह एजेंट कमीशन और वितरण लागत को बताया जा रहा है। बजट में इसी ढांचे को सुधारने के संकेत मिल सकते हैं।
धोखाधड़ी और गलत बिक्री पर लगाम
इंश्योरेंस सेक्टर में गलत लालच देकर पॉलिसी बेचने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, बजट में ऐसी धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए मजबूत तंत्र बनाने या नियामक प्राधिकरण को और सशक्त करने की घोषणा की जा सकती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बिकने वाले बीमा उत्पादों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया जा सकता है।
किसानों और जलवायु जोखिम पर ध्यान
इफको टोक्यो जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ सुब्रुता के अनुसार, सरकार किसानों के फसल और जलवायु जोखिम बीमा फ्रेमवर्क को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन कर सकती है। बाढ़ और चक्रवात जैसे जोखिमों के लिए कवरेज बढ़ाने से किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।
हेल्थ इंश्योरेंस में बदलता ट्रेंड
हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर में अब उपयोग-आधारित छोटे उत्पादों की मांग बढ़ रही है। साल 2025 में मेटरनिटी कवर खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या 2024 की तुलना में 150 प्रतिशत तक बढ़ी है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में हेल्थ इंश्योरेंस की मांग में भी 55 प्रतिशत तक का इजाफा दर्ज किया गया है।

आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा
यदि ये प्रस्ताव बजट में लागू होते हैं, तो ग्रामीण महिलाएं, किसान और छोटे शहरों के परिवार कम लागत में बीमा सुरक्षा पा सकेंगे। इससे इलाज, आपदा और अनिश्चित परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।
जानें पूरा मामला
सरकार 2047 तक ‘सबके लिए इंश्योरेंस’ के लक्ष्य को लेकर काम कर रही है। जन-धन खातों, जन सुरक्षा योजनाओं और हेल्थ इंश्योरेंस सुधारों के जरिए बजट 2026 इस दिशा में अहम पड़ाव बन सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 2047 तक सभी नागरिकों को इंश्योरेंस के दायरे में लाने का लक्ष्य।
- बजट 2026 में ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेष बीमा योजना संभव।
- एजेंट कमीशन घटाकर इंश्योरेंस सस्ता किया जा सकता है।
- किसानों और जलवायु जोखिम बीमा पर अतिरिक्त फोकस।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








