गुरूवार, 26 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Cervical Cancer की चपेट में आ रही हैं भारत की महिलाएं: वैक्सीन है बचाव

Cervical Cancer की चपेट में आ रही हैं भारत की महिलाएं: वैक्सीन है बचाव

जानें कैसे एक टेस्ट और वैक्सीन से रोक सकते हैं यह जानलेवा बीमारी

The News Air Team by The News Air Team
मंगलवार, 20 जनवरी 2026
A A
0
Cervical Cancer
105
SHARES
702
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Cervical Cancer India : भारत में हर साल लगभग 1 लाख 27 हजार महिलाओं को सर्विकल कैंसर होता है और करीब 80 हजार महिलाओं की इस बीमारी से मौत हो जाती है। यह आंकड़े किसी चेतावनी से कम नहीं हैं। सबसे दुखद बात यह है कि सर्विकल कैंसर एकमात्र ऐसा कैंसर है जिसे वैक्सीन से पूरी तरह रोका जा सकता है, लेकिन फिर भी देश में केवल 1.9 प्रतिशत महिलाओं की ही कभी इसकी जांच हुई है।

जनवरी महीना सर्विकल कैंसर अवेयरनेस मंथ है। इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना इसलिए जरूरी है क्योंकि भारत में 60-70 प्रतिशत मामलों का पता उस वक्त चलता है जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है। यशोदा मेडिसिटी की गायनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. सतिंदर कौर बताती हैं कि सर्विकल कैंसर से बचाव संभव है, बस जरूरत है समय पर जांच और वैक्सीन लगवाने की।

क्या होता है सर्विकल कैंसर और कितना खतरनाक है?

सर्विकल कैंसर यानी गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर। बच्चेदानी के मुंह को सर्विक्स कहा जाता है। जब इस हिस्से की कोशिकाएं बेकाबू तरीके से बढ़ने लगती हैं, तो वहां कैंसर विकसित हो जाता है। यह महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है।

डॉ. सतिंदर कौर बताती हैं कि भारत में 15 साल से ऊपर की महिलाओं और लड़कियों में 50 करोड़ से ज्यादा ऐसी हैं जो इस कैंसर के खतरे में हैं। हर साल करीब 1 लाख 3 हजार महिलाएं इस कैंसर की शिकार होती हैं। इनमें से लगभग 80 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है। यह आंकड़े बताते हैं कि हर दिन करीब 200 से ज्यादा भारतीय महिलाओं की जान इस बीमारी से जा रही है।

क्यों होता है सर्विकल कैंसर?

सर्विकल कैंसर के पीछे मुख्य कारण है ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) का संक्रमण। यह एक यौन संचारित वायरस है। डॉ. कौर बताती हैं कि कम उम्र में शादी, कम उम्र में यौन संबंध, कई पार्टनर होना, निम्न सामाजिक-आर्थिक स्थिति जिसके कारण स्वच्छता बनाए नहीं रखी जा सकती, अन्य यौन संचारित संक्रमण, एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और कई बच्चे होना – ये सभी रिस्क फैक्टर हैं।

ज्यादातर मामलों में एचपीवी संक्रमण अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन जिन महिलाओं में ये रिस्क फैक्टर होते हैं, उनमें यह संक्रमण बना रहता है। अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो यह पहले प्री-कैंसर और फिर कैंसर में बदल जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में 10 से 15 साल लग जाते हैं।

पहचानें सर्विकल कैंसर के लक्षण

सर्विकल कैंसर के लक्षण काफी सामान्य होते हैं, इसलिए अक्सर महिलाएं इन्हें नजरअंदाज कर देती हैं। डॉ. कौर कहती हैं कि अगर माहवारी के बीच में खून आ रहा है, संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग हो रही है, गंदी बदबूदार डिस्चार्ज हो रहा है, तो यह चिंता की बात है।

बाद की स्टेज में बहुत तेज कमर दर्द होता है। कई बार पेशाब और मल योनि से लीक होने लगता है। ऐसे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

एक सिंपल टेस्ट से बचा सकते हैं जान

सर्विकल कैंसर से बचने के दो सबसे महत्वपूर्ण तरीके हैं – स्क्रीनिंग और वैक्सीनेशन। डॉ. कौर बताती हैं कि हर महिला जो 21 साल से ऊपर और 65 साल तक की है, उसे स्क्रीनिंग करानी चाहिए।

स्क्रीनिंग के लिए बहुत सिंपल टेस्ट होता है जिसे पैप स्मीयर कहते हैं। इसमें सर्विक्स से कोशिकाओं का सैंपल लेकर जांच की जाती है। या फिर आप डायरेक्ट एचपीवी टेस्ट भी करा सकती हैं। एचपीवी टेस्ट में वायरस की जांच की जाती है।

अगर पैप स्मीयर करा रही हैं, तो हर 3 साल में एक बार करवाना जरूरी है। एचपीवी टेस्ट 5 साल में एक बार कराएं। यह बहुत सरल और दर्द रहित टेस्ट है। लेकिन यह बेहद जरूरी है कि हर महिला यह टेस्ट कराए।

समय पर मिल जाए तो 100 प्रतिशत ठीक हो सकता है कैंसर

अगर स्क्रीनिंग समय पर की जाए, तो कैंसर होने से बहुत पहले ही इसका पता चल जाता है। डॉ. कौर समझाती हैं कि एचपीवी संक्रमण से प्री-कैंसर बनने और फिर कैंसर बनने में 10 से 15 साल लगते हैं। यानी हमारे पास एक विंडो ऑफ अपॉर्चुनिटी होती है जब हम स्क्रीनिंग करके इस वायरल संक्रमण को पहले ही पकड़ सकते हैं और तभी इलाज कर सकते हैं।

इस स्टेज पर इलाज के बहुत सरल तरीके होते हैं। आपको गर्भाशय निकालने या रेडिएशन-कीमो की जरूरत नहीं पड़ती। सिंपल प्रक्रिया से ही प्री-कैंसर को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। यानी कैंसर का खतरा ही नहीं रहता।

एचपीवी वैक्सीन: सर्विकल कैंसर से 100 प्रतिशत सुरक्षा

एचपीवी वैक्सीन सर्विकल कैंसर और एचपीवी टाइप 16 और 18 से होने वाले अन्य कैंसर से लगभग 100 प्रतिशत सुरक्षा देती है। यह वैक्सीन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को एचपीवी से संक्रमित कोशिकाओं से लड़ने के लिए तैयार करती है।

डॉ. कौर बताती हैं कि वैक्सीन 10 से 26 साल की उम्र तक लगवाना सबसे बेहतर है। आदर्श उम्र 10 से 15 साल है। 45 साल की उम्र तक यह वैक्सीन ली जा सकती है। यह वैक्सीन लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए फायदेमंद है।

डॉ. कौर समझाती हैं कि एचपीवी वैक्सीन केवल सर्विकल कैंसर से ही नहीं बचाती। यह योनि, वल्वा, गुदा और मलाशय के कैंसर से भी बचाती है। लड़कों में भी यह गुदा, लिंग और मलाशय के कैंसर से बचाती है। यहां तक कि मुंह के कुछ कैंसर जो एचपीवी से जुड़े होते हैं, उनसे भी यह सुरक्षा देती है।

वैक्सीन की कितनी डोज चाहिए?

पहले 3 डोज लगाने की सलाह दी जाती थी। लेकिन अब विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि युवा आयु वर्ग में सिंगल डोज भी काफी है। आदर्श रूप से 2 डोज लेनी चाहिए।

9 से 14 साल की उम्र में 2 डोज लें। पहली डोज के 6 महीने बाद दूसरी डोज लें। 15 से 26 साल की उम्र में 3 डोज की जरूरत होती है – पहली डोज, उसके 2 महीने बाद दूसरी और 6 महीने बाद तीसरी डोज।

भारत में गार्डासिल और गार्डासिल-9 नामक वैक्सीन उपलब्ध हैं। इसके अलावा 2023 से भारत की अपनी स्वदेशी वैक्सीन सर्वावैक भी बाजार में आ गई है, जो ज्यादा किफायती और सुलभ है।

भारत में कितनी कम है स्क्रीनिंग

राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के अनुसार भारत में 30 से 49 साल की केवल 1.9 प्रतिशत महिलाओं ने कभी सर्विकल कैंसर की जांच कराई है। शहरी इलाकों में यह 2.2 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में 1.7 प्रतिशत है।

यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि केवल 46.6 प्रतिशत महिलाओं ने सर्विकल कैंसर के बारे में सुना था। एचपीवी संक्रमण, धूम्रपान और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसे रिस्क फैक्टर के बारे में जागरूकता बेहद कम थी – क्रमशः 2.7, 2.4 और 2.0 प्रतिशत।

महिलाओं में जागरूकता की कमी सबसे बड़ी समस्या

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में कम स्क्रीनिंग के पीछे सीमित बुनियादी ढांचा, जागरूकता की कमी और सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाएं जैसे कि शर्म, गोपनीयता का डर और जांच के दौरान होने वाली असुविधा प्रमुख कारण हैं।

ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है। वहां स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचना मुश्किल है। महिलाओं को स्क्रीनिंग के बारे में पता ही नहीं है। और अगर पता भी हो, तो परिवार के पुरुष सदस्यों की अनुमति नहीं मिलती।

देश की योजनाएं और चुनौतियां

भारत सरकार ने 2024 में घोषणा की थी कि 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान चलाया जाएगा। हालांकि यह अभी राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल नहीं है। पंजाब और सिक्किम जैसे कुछ राज्यों ने 2016 में एचपीवी वैक्सीनेशन शुरू की थी।

2016 में भारत सरकार ने सर्विकल कैंसर स्क्रीनिंग गाइडलाइंस जारी की थीं। इसमें विज़ुअल इंस्पेक्शन विद एसिटिक एसिड (वीआईए) को प्राथमिक स्क्रीनिंग विधि के रूप में अपनाया गया। लेकिन 2016 के बाद भी सर्विकल कैंसर से मृत्यु दर बढ़ती रही, जो 2012-2016 में 6.06 से 6.78 प्रति 100,000 महिलाओं तक पहुंच गई और 2016-2019 में 6.82-6.91 तक बढ़ी।

विशेषज्ञों का कहना है कि वीआईए टेस्ट पर्याप्त नहीं है। एचपीवी-डीएनए टेस्टिंग अधिक प्रभावी है और इसमें सेल्फ-सैंपलिंग भी संभव है, जिससे ज्यादा महिलाएं स्क्रीनिंग के लिए तैयार हो सकती हैं।

वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स न के बराबर

किसी भी वैक्सीन या दवा की तरह, एचपीवी वैक्सीन के भी कुछ मामूली साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। सबसे आम साइड इफेक्ट्स हैं – इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, लालिमा या सूजन, चक्कर आना या बेहोशी, जी मचलना और सिर दर्द।

विशेषज्ञों का कहना है कि एचपीवी वैक्सीनेशन के फायदे संभावित साइड इफेक्ट्स के जोखिम से कहीं ज्यादा हैं। बेहोशी और चोट से बचने के लिए, किशोरों को टीकाकरण के दौरान और इंजेक्शन लगने के 15 मिनट बाद तक बैठाया या लिटाया जाना चाहिए।

ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने कैसे जीती जंग

ऑस्ट्रेलिया और भूटान जैसे देशों ने एचपीवी-आधारित स्क्रीनिंग और टीकाकरण के माध्यम से सर्विकल कैंसर की घटनाओं और मृत्यु दर को सफलतापूर्वक कम किया है। इन देशों ने व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम चलाए और स्क्रीनिंग को आसान बनाया।

अनुमान है कि भारत जैसे मध्यम मानव विकास सूचकांक वाले देश में, लक्षित आबादी के 80-100 प्रतिशत को कवर करने वाले एचपीवी टीकाकरण और जीवन में दो बार सर्विकल कैंसर स्क्रीनिंग के प्रयासों से 2070-79 तक सर्विकल कैंसर को खत्म करने में मदद मिलेगी।

मोजे पहनकर सोना सही या गलत?

सर्दियों के मौसम में जब पैर ठंडे हो जाते हैं तो नींद नहीं आती। इसलिए कई लोग मोजे पहनकर सोते हैं। शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं कि मोजे पहनकर सोने से जल्दी नींद आती है।

नींद आने से पहले शरीर का तापमान थोड़ा कम होता है। मोजे पहनने से पैर गर्म रहते हैं। इससे पैर की नसें फैल जाती हैं और खून का प्रवाह बेहतर होता है। शरीर की अतिरिक्त गर्मी बाहर निकलने में मदद मिलती है। जब शरीर का तापमान कम होता है, तो दिमाग को संकेत मिलता है कि सोने का समय हो गया। नींद लाने वाला हार्मोन मेलाटोनिन का स्राव बढ़ जाता है।

मोजे पहनने से फटी एड़ियों से भी छुटकारा मिलता है। अगर मॉइस्चराइजर लगाने के बाद कॉटन के मोजे पहनें तो एड़ियां जल्दी भरती हैं।

मोजे पहनते समय इन बातों का रखें ध्यान

डॉ. श्रीवास्तव चेतावनी देते हैं कि मोजे बहुत टाइट नहीं होने चाहिए। नहीं तो खून का प्रवाह घट जाएगा। नींद भी नहीं आएगी। जिन लोगों के पैरों में ज्यादा पसीना आता है या फंगल इंफेक्शन है, उन्हें मोजे पहनकर सोना अवॉइड करना चाहिए।

ढीले, साफ और सूती मोजे पहनें ताकि हवा लगती रहे। आप बेड सॉक्स भी खरीद सकते हैं। ये खास सोने के लिए ही बने होते हैं। मोजे हमेशा साफ और सूखे होने चाहिए। अगर मोजे पहनने पर पैर में गर्मी लगे या बेचैनी महसूस हो, तो बिना मोजे पहने ही सोएं।

खाली पेट पानी पीने के अद्भुत फायदे

रोज सुबह उठते ही एक गिलास पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। आरजी हॉस्पिटल की क्लीनिकल डाइटिशियन एंड न्यूट्रिशनिस्ट पायल बताती हैं कि कई घंटे सोने के बाद शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है। 8-9 घंटे आप प्यासे रहते हैं, लेकिन पसीने और पेशाब के जरिए शरीर से पानी निकलता रहता है।

सुबह उठते ही पानी पीने से शरीर हाइड्रेट होता है। इससे दिमाग, मांसपेशियां और बाकी अंग ठीक से काम कर पाते हैं। थकान कम होती है, दिमाग ठीक से काम करता है, मूड सुधरता है और शरीर अलर्ट हो जाता है।

रात भर कुछ न खाने-पीने की वजह से पाचन तंत्र रेस्ट मोड में होता है। जब आप सुबह एक गिलास पानी पीते हैं, तो आंतों को संकेत मिलता है कि सक्रिय होने का समय हो गया है। पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और पेट अच्छे से साफ होता है।

कोशिकाओं को मिलती है ताकत

पानी पीने से शरीर की कोशिकाएं बेहतर काम करती हैं। कोशिकाएं शरीर की बुनियादी इकाई हैं। जब कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं या उन्हें नुकसान पहुंचता है, तब हम बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। लेकिन पानी पीने से कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं।

सुबह-सुबह पानी पीने से भूख भी कंट्रोल में रहती है। पेट भरा हुआ महसूस होता है। आप ज्यादा नहीं खाते। इससे वजन घटाने में मदद मिलती है। रोज सुबह पानी पीने से त्वचा भी स्वस्थ रहती है। खून का प्रवाह सुधरता है। त्वचा तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही मात्रा में पहुंचते हैं। त्वचा में नमी और लचीलापन बना रहता है। त्वचा ज्यादा फ्रेश और ग्लोइंग दिखती है।

कैसे पिएं पानी?

आप नॉर्मल या गुनगुना पानी पी सकते हैं। चाहें तो उसमें नींबू का रस भी डाल सकते हैं। एक गिलास पानी काफी है। बहुत ज्यादा पानी एक साथ न पिएं।

मुख्य बातें (Key Points)

• भारत में हर साल लगभग 1 लाख 27 हजार महिलाओं को सर्विकल कैंसर होता है और करीब 80 हजार महिलाओं की मौत होती है

• देश में केवल 1.9 प्रतिशत महिलाओं की ही कभी सर्विकल कैंसर की जांच हुई है

• 21 से 65 साल की हर महिला को हर 3-5 साल में पैप स्मीयर या एचपीवी टेस्ट कराना चाहिए

• एचपीवी वैक्सीन 10 से 26 साल की उम्र में लगवानी चाहिए, आदर्श उम्र 10-15 साल है

• समय पर जांच और इलाज से सर्विकल कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है

यह भी पढे़ं 👇

Breaking News Live Updates 26 March 2026

Breaking News Live Updates 26 March 2026: Today Big Updates, हर पल खबर

गुरूवार, 26 मार्च 2026
Today in History 26 March

Today in History 26 March: बांग्लादेश की आजादी से लेकर पाकिस्तान का परमाणु परीक्षण, जानें आज का इतिहास

गुरूवार, 26 मार्च 2026
IMD Weather

IMD Weather Forecast: दो पश्चिमी विक्षोभ से 31 मार्च तक भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट

गुरूवार, 26 मार्च 2026
Aaj Ka Rashifal 26 March 2026

Aaj Ka Rashifal 26 March 2026: रामनवमी पर इन राशियों का चमकेगा भाग्य, जानें राशिफल

गुरूवार, 26 मार्च 2026

• मोजे पहनकर सोने से जल्दी और गहरी नींद आती है, लेकिन मोजे ढीले और सूती होने चाहिए

• सुबह खाली पेट पानी पीने से शरीर हाइड्रेट होता है, पाचन सुधरता है और त्वचा स्वस्थ रहती है


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या वर्जिन लड़कियों को भी सर्विकल कैंसर हो सकता है?

जवाब: नहीं, सर्विकल कैंसर मुख्य रूप से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) के संक्रमण से होता है, जो यौन संबंध के माध्यम से फैलता है। वर्जिन लड़कियों को सर्विकल कैंसर होने की संभावना बेहद कम होती है। लेकिन वैक्सीन यौन संबंध शुरू करने से पहले ही लगवा लेनी चाहिए ताकि पूर्ण सुरक्षा मिले।

प्रश्न 2: क्या शादी के बाद ही एचपीवी वैक्सीन लगवानी चाहिए?

जवाब: नहीं, एचपीवी वैक्सीन शादी से पहले, यौन संबंध शुरू करने से पहले लगवानी सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है। आदर्श उम्र 10-15 साल है। शादी के बाद भी 45 साल की उम्र तक यह वैक्सीन ली जा सकती है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता कम हो सकती है।

प्रश्न 3: पैप स्मीयर टेस्ट में दर्द होता है क्या?

जवाब: नहीं, पैप स्मीयर टेस्ट बहुत सिंपल और दर्द रहित होता है। इसमें सर्विक्स से कोशिकाओं का सैंपल लिया जाता है। थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन दर्द नहीं होता। यह टेस्ट कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है।

प्रश्न 4: एचपीवी वैक्सीन की कीमत कितनी है?

जवाब: भारत में एचपीवी वैक्सीन की कीमत ब्रांड के अनुसार अलग-अलग होती है। गार्डासिल की एक डोज लगभग 3,500 से 4,000 रुपये की आती है। 2023 में भारत की स्वदेशी वैक्सीन सर्वावैक आई है जो ज्यादा किफायती है। कुछ राज्यों में सरकारी अस्पतालों में मुफ्त या रियायती दरों पर भी उपलब्ध है।

प्रश्न 5: क्या एचपीवी वैक्सीन लड़कों को भी लगवानी चाहिए?

जवाब: हां, एचपीवी वैक्सीन लड़कों के लिए भी फायदेमंद है। यह उन्हें गुदा, लिंग, मलाशय और मुंह के कुछ कैंसर से बचाती है। साथ ही, लड़कों को वैक्सीन लगवाने से उनकी महिला पार्टनर को भी सुरक्षा मिलती है। 10 से 26 साल के लड़कों को यह वैक्सीन लगवानी चाहिए।

Previous Post

Aaj Ka Rashifal 20 January 2026 : आज इन राशियों पर बरसेगी किस्मत, जानें पूरा भविष्यफल

Next Post

Cold Wave Alert: North India में अब ठंड के साथ बरसेगी आफत, जानें कब मिलेगी राहत?

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Breaking News Live Updates 26 March 2026

Breaking News Live Updates 26 March 2026: Today Big Updates, हर पल खबर

गुरूवार, 26 मार्च 2026
Today in History 26 March

Today in History 26 March: बांग्लादेश की आजादी से लेकर पाकिस्तान का परमाणु परीक्षण, जानें आज का इतिहास

गुरूवार, 26 मार्च 2026
IMD Weather

IMD Weather Forecast: दो पश्चिमी विक्षोभ से 31 मार्च तक भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट

गुरूवार, 26 मार्च 2026
Aaj Ka Rashifal 26 March 2026

Aaj Ka Rashifal 26 March 2026: रामनवमी पर इन राशियों का चमकेगा भाग्य, जानें राशिफल

गुरूवार, 26 मार्च 2026
Punjab AI Hackathon

Punjab AI Hackathon: सरकारी स्कूलों के 1000 छात्रों ने सीखी AI तकनीक, बड़ा कदम

बुधवार, 25 मार्च 2026
Punjab Vigilance Bureau

Punjab Vigilance Bureau: रिश्वत लेते ASI को रंगे हाथों दबोचा, खुला चौंकाने वाला मामला

बुधवार, 25 मार्च 2026
Next Post
Cold Wave Alert

Cold Wave Alert: North India में अब ठंड के साथ बरसेगी आफत, जानें कब मिलेगी राहत?

Budget 2026

Budget 2026: टैक्स पेयर्स को मिलेगी बड़ी राहत? New Tax Regime में ये 5 बदलाव होंगे 'गेम चेंजर'!

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।