Indian Railways ने यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन सेवाओं को तकनीक के ज़रिए और सशक्त बनाने के उद्देश्य से Visakhapatnam Railway Station पर ह्यूमनॉइड रोबोट ASC Arjun को तैनात किया है। 23 जनवरी 2026 को की गई यह तैनाती रेलवे नेटवर्क में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रोबोट को सीधे स्टेशन संचालन और सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है।
यह ह्यूमनॉइड रोबोट विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले समय में स्टेशन परिसर में Railway Protection Force (RPF) कर्मियों के साथ मिलकर काम करेगा। इसका उद्देश्य यात्रियों की आवाजाही पर निगरानी, सुरक्षा जोखिमों की पहचान और सेवाओं की त्वरित डिलीवरी को सुनिश्चित करना है, जिससे स्टेशन पर मौजूद मानव संसाधन का बेहतर उपयोग हो सके।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ अनावरण
ASC Arjun का औपचारिक अनावरण इंस्पेक्टर जनरल (RPF) Alok Bohra, संभागीय रेलवे प्रबंधक Lalit Bohra और वरिष्ठ संभागीय सुरक्षा कमांडेंट A.K. Dubey की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर रेलवे की ओर से स्वदेशी नवाचार और नई तकनीकों को जमीनी स्तर पर लागू करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।
पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित रोबोट
ASC Arjun को विशाखापत्तनम में ही स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए डिजाइन और विकसित किया गया है। एक समर्पित तकनीकी टीम ने एक वर्ष से अधिक समय तक इस परियोजना पर काम किया। यह प्रयास भारतीय रेलवे की उस क्षमता को दर्शाता है, जिसमें वह आधुनिक और उन्नत प्रणालियों को अपने दैनिक संचालन में सफलतापूर्वक एकीकृत कर रहा है।
AI आधारित निगरानी और बहुभाषी घोषणाएं
यह ह्यूमनॉइड रोबोट फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों और घुसपैठ का पता लगाने में सक्षम है। इसके साथ ही, एआई आधारित भीड़ निगरानी प्रणाली के ज़रिए यह RPF नियंत्रण कक्ष को रियल-टाइम अलर्ट भेज सकता है। यात्रियों की सहायता के लिए ASC Arjun हिंदी, अंग्रेजी और तेलुगु भाषाओं में स्वचालित सार्वजनिक घोषणाएं भी करता है।
24×7 गश्त और आपातकालीन प्रतिक्रिया
पूर्वनिर्धारित मार्गों पर आंशिक रूप से स्वायत्त नेविगेशन और बाधाओं से बचने की क्षमता के साथ, ASC Arjun चौबीसों घंटे प्लेटफार्मों पर गश्त कर सकता है। इसमें आग और धुएं का पता लगाने वाली उन्नत प्रणालियां भी शामिल हैं, जिससे आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो पाती है।
यात्री-अनुकूल डिज़ाइन
यात्रियों के साथ सहज संवाद को ध्यान में रखते हुए, ASC Arjun को मित्रतापूर्ण व्यवहार के साथ डिज़ाइन किया गया है। यह यात्रियों का स्वागत ‘नमस्ते’ के साथ करता है और RPF कर्मियों को सलामी देता है। इसके साथ ही, सूचना और सहायता के लिए इसमें एक सरल और उपयोग में आसान इंटरफ़ेस भी दिया गया है।
विश्लेषण
भारतीय रेलवे द्वारा ASC Arjun की तैनाती यह संकेत देती है कि रेलवे अब पारंपरिक सुरक्षा मॉडल से आगे बढ़कर स्मार्ट और तकनीक-आधारित समाधानों की ओर बढ़ रहा है। बढ़ती यात्री संख्या और सुरक्षा चुनौतियों के बीच, ऐसे ह्यूमनॉइड रोबोट न केवल निगरानी को मजबूत करेंगे, बल्कि भविष्य में रेलवे स्टेशनों को स्मार्ट ट्रांसपोर्ट हब में बदलने की नींव भी रखेंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
- विशाखापत्तनम स्टेशन पर AI आधारित ह्यूमनॉइड रोबोट ASC Arjun तैनात
- भारतीय रेलवे नेटवर्क में अपनी तरह की पहली पहल
- फेस रिकग्निशन, भीड़ निगरानी और रियल-टाइम अलर्ट की सुविधा
- 24×7 गश्त, आग और धुएं का पता लगाने की क्षमता








