Indian Railway New Rules 2026 सर्दियों के मौसम में जब देशभर में ट्रेनें घंटों लेट हो जाती हैं, तब यात्रियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या टिकट का पैसा वापस मिलेगा। भारतीय रेलवे के नियम साफ कहते हैं कि यदि ट्रेन तय समय से ज्यादा लेट हो और यात्री यात्रा न करें, तो वे पूरे रिफंड के हकदार होते हैं।

सर्दियों में कोहरा और ठंड भारतीय रेल संचालन को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। इसी वजह से कई बार ट्रेनें घंटों देरी से चलती हैं। ऐसी स्थिति में कई यात्री अपनी यात्रा की योजना बदलकर बस या अन्य साधनों से गंतव्य तक पहुंचना पसंद करते हैं। रेलवे ने इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए रिफंड से जुड़े स्पष्ट नियम बनाए हैं।
कितनी देर लेट होने पर मिलेगा पूरा रिफंड
रेलवे नियमों के अनुसार, अगर कोई ट्रेन अपने निर्धारित समय से 3 घंटे या उससे अधिक लेट होती है और यात्री यात्रा नहीं करता, तो उसे फुल रिफंड मिलेगा। यह नियम तभी लागू होता है जब ट्रेन यात्री के बोर्डिंग स्टेशन पर 3 घंटे से ज्यादा देरी से पहुंचे।
किसे मिलेगा रिफंड
इस नियम के तहत पूरी तरह या आंशिक रूप से कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को पूरा किराया वापस किया जाएगा। शर्त यह है कि एक ही PNR पर बुक किए गए सभी यात्रियों ने यात्रा न की हो। अगर किसी एक यात्री ने भी यात्रा कर ली, तो यह नियम लागू नहीं होगा।
रिफंड के लिए जरूरी शर्त
पूरा रिफंड पाने के लिए ट्रेन के असल डिपार्चर से पहले ऑनलाइन TDR फाइल करना अनिवार्य है। अगर ट्रेन कैंसिल हो जाती है या ट्रेन के चलने के बाद रिफंड के लिए ऑनलाइन रिक्वेस्ट की जाती है, तो ऐसे मामलों में किराए का कोई रिफंड नहीं मिलता।

TDR फाइल कैसे करें
यात्री IRCTC की वेबसाइट पर लॉगिन करके आसानी से TDR फाइल कर सकते हैं।
इसके लिए सबसे पहले लॉगिन करें, फिर My Account के अंदर My Transactions में जाकर File TDR विकल्प चुनें। इसके बाद संबंधित PNR सेलेक्ट करें और ड्रॉपडाउन में कारण के रूप में “ट्रेन लेट होने” का विकल्प चुनें।
TDR फाइल करने की पूरी प्रक्रिया
कारण चुनने के बाद यात्रियों की संख्या सेलेक्ट करें और File TDR बटन पर क्लिक करें। निर्देश पढ़ने के बाद Yes पर क्लिक करते ही TDR सफलतापूर्वक दर्ज हो जाता है। इसके बाद तय प्रक्रिया के अनुसार रेलवे द्वारा रिफंड जारी किया जाता है।
आम यात्रियों पर इसका असर
यह नियम उन यात्रियों के लिए बड़ी राहत है, जिन्हें सर्दियों में ट्रेन लेट होने की वजह से बार-बार परेशानी झेलनी पड़ती है। अब यात्री बिना नुकसान उठाए अपनी यात्रा रद्द कर सकते हैं और वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

विश्लेषण
रेलवे का यह नियम दिखाता है कि यात्रियों के अधिकारों को लेकर सिस्टम धीरे-धीरे ज्यादा पारदर्शी हो रहा है। हालांकि, रिफंड पाने के लिए तय समय से पहले TDR फाइल करना सबसे अहम कड़ी है। कई यात्री इसी जानकारी के अभाव में रिफंड से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह नियम तभी कारगर साबित होगा, जब यात्रियों को इसकी पूरी जानकारी हो।
जानें पूरा मामला
सर्दियों में ट्रेनें लेट होना आम समस्या है। इसी वजह से भारतीय रेलवे ने यह साफ कर दिया है कि यदि ट्रेन 3 घंटे या उससे ज्यादा देरी से चलती है और यात्री यात्रा नहीं करते, तो वे पूरे किराए की वापसी के हकदार हैं, बशर्ते तय नियमों का पालन किया गया हो।
मुख्य बातें (Key Points)
- ट्रेन 3 घंटे या उससे ज्यादा लेट होने पर फुल रिफंड का नियम
- बोर्डिंग स्टेशन पर 3 घंटे की देरी जरूरी
- ट्रेन चलने से पहले ऑनलाइन TDR फाइल करना अनिवार्य
- सभी यात्रियों द्वारा यात्रा न करने पर ही रिफंड संभव








