Indian Railway New Rules 2026 : केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय ने 2026 से लागू होने वाले नए टिकट रिफंड नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। यह फैसला Indian Railways की प्रीमियम ट्रेनों—खासतौर पर अमृत भारत एक्सप्रेस और वंदे भारत स्लीपर—पर लागू होगा। नए नियम 16 जनवरी 2026 से प्रभावी हो चुके हैं और इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो आखिरी वक्त में टिकट कैंसिल करते हैं।
रेल मंत्रालय ने इस संबंध में गजट अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे रेल यात्री टिकट रद्दीकरण एवं किराये का प्रतिदाय संशोधन नियम 2026 नाम दिया गया है। नए प्रावधानों के तहत अब टिकट रद्द करने की समय-सीमा और कटौती, दोनों पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई हैं।
प्रीमियम ट्रेनों में क्या बदला
नए नियमों के मुताबिक Amrit Bharat Express और Vande Bharat Sleeper जैसी प्रीमियम ट्रेनों में कंफर्म टिकट ट्रेन प्रस्थान से 8 घंटे पहले तक ही रद्द किया जा सकेगा। अगर यात्री इस तय समय के भीतर टिकट रद्द नहीं करता या ऑनलाइन TDR दाखिल नहीं करता, तो पूरी टिकट राशि जब्त कर ली जाएगी।
रेलवे ने साफ किया है कि तय समय-सीमा में एक मिनट की भी देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, अगर ट्रेन के चलने में 7 घंटे 59 मिनट बचे हैं, तो रिफंड शून्य माना जाएगा।
कितनी होगी कटौती
नए नियमों के तहत कटौती का ढांचा भी साफ कर दिया गया है।
- ट्रेन प्रस्थान से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर 25% किराया कटेगा।
- 72 घंटे से 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर 50% किराया कटेगा।
- 8 घंटे से 1 मिनट बाद टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
राजधानी–शताब्दी जैसी ट्रेनों में नियम
राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और अन्य मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में कंफर्म टिकट अभी भी ट्रेन के चलने से 4 घंटे पहले तक रद्द किए जा सकते हैं। वहीं RAG और वेटिंग लिस्ट टिकटों को ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक रद्द कराने पर नियमानुसार रिफंड मिलेगा।
यात्रियों के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव
रेलवे का मानना है कि प्रीमियम ट्रेनों में आखिरी समय पर होने वाली कैंसिलेशन से सीटों का सही उपयोग नहीं हो पाता। नए नियमों का मकसद सीट मैनेजमेंट बेहतर करना और बेवजह की अंतिम समय की टिकट रद्दीकरण प्रवृत्ति पर रोक लगाना है।
आम यात्रियों पर असर
इन बदलावों के बाद यात्रियों को अब यात्रा रद्द करने से पहले समय-सीमा पर खास ध्यान देना होगा। थोड़ी सी लापरवाही सीधे आर्थिक नुकसान में बदल सकती है, खासकर प्रीमियम ट्रेनों में सफर करने वालों के लिए।
जानें पूरा मामला
रेल मंत्रालय का यह कदम प्रीमियम ट्रेनों की बढ़ती मांग और सीमित सीटों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। सरकार का मानना है कि सख्त रिफंड नियमों से फर्जी बुकिंग घटेगी और वास्तविक यात्रियों को समय पर सीट मिल सकेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- नए टिकट रिफंड नियम 16 जनवरी 2026 से लागू
- प्रीमियम ट्रेनों में 8 घंटे पहले तक ही कैंसिलेशन
- 1 मिनट की देरी पर भी रिफंड शून्य
- 25% और 50% तक किराया कटौती का प्रावधान
- आखिरी समय की कैंसिलेशन पर पूरी राशि जब्त







