Indian Railway New Rules 2026 के तहत भारतीय रेलवे यात्रियों को बड़ी सौगात देने जा रहा है। अब सफर के दौरान जरूरी सामान भूल जाने पर घबराने की जरूरत नहीं होगी। चलती ट्रेनों में अधिकृत वेंडर रोजमर्रा की जरूरत की चीजें उपलब्ध कराएंगे।
धनबाद-गया रेल मार्ग पर शुरुआत के बाद यह सुविधा अब धनबाद-चंद्रपुरा-बरकाकाना, न्यू गिरिडीह, हजारीबाग टाउन, बरकाकाना, मेसरा, रांची और बरकाकाना-सिंगरौली रेल मार्ग की ट्रेनों में लागू की जा रही है।
यात्रियों की रोजमर्रा की दिक्कतों का समाधान
सफर के दौरान जल्दबाजी में कई बार जरूरी चीजें घर पर छूट जाती हैं। छोटे बच्चों की नैपी, दूध की बोतल या पाउडर न हो तो परेशानी बढ़ जाती है।
महिलाएं अगर सैनिटरी नैपकिन साथ रखना भूल जाएं तो सफर असहज हो जाता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए रेलवे ने यह कदम उठाया है।
किन ट्रेनों में मिलेगी सुविधा
राजधानी, दुरंतो, शताब्दी और वंदे भारत जैसी विशेष ट्रेनों को छोड़कर अन्य सभी पैसेंजर और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में यह सुविधा उपलब्ध होगी।
यानी लंबी दूरी की सामान्य ट्रेनों में अब जरूरत का सामान आसानी से खरीदा जा सकेगा।
क्या-क्या मिलेगा ट्रेन में
यात्रियों को बच्चों के खिलौने, चादर, हवा वाले तकिए, नैपी, दूध की बोतल, हैंडवॉश, साबुन, ब्रश और तौलिए मिलेंगे।
महिलाओं के लिए कॉस्मेटिक आइटम, सैनिटरी नैपकिन, पर्स, परफ्यूम और नेल कटर जैसे सामान भी उपलब्ध होंगे।
यह सुविधा सफर को ज्यादा सहज और आरामदायक बनाएगी।
कैसे काम करेंगे वेंडर
रेलवे अधिकृत वेंडरों को लाइसेंस जारी करेगा। लाइसेंस धारक वेंडर निर्धारित रेलखंड के एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच ही सामान बेच सकेंगे।
सुबह से शाम तक यह सेवा उपलब्ध रहेगी। रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक सामान बेचने की अनुमति नहीं होगी।
खाद्य पदार्थ और पैक्ड पेयजल बेचने की इजाजत भी नहीं दी जाएगी।
सुविधा और अनुशासन साथ-साथ
रेलवे ने यह सुनिश्चित किया है कि सुविधा के साथ अनुशासन भी बना रहे। अधिकृत वेंडर ही ट्रेन में प्रवेश कर सकेंगे।
इससे अवैध बिक्री पर रोक लगेगी और यात्रियों को भरोसेमंद सेवा मिलेगी।
यात्रियों के अनुभव में बदलाव
यह पहल खासतौर पर परिवारों, महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों के लिए राहत साबित हो सकती है।
अब अचानक जरूरत पड़ने पर स्टेशन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ट्रेन के भीतर ही जरूरी सामान मिल जाएगा।
रेलवे का बड़ा संदेश
रेलवे लगातार यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। यह कदम उसी सोच का हिस्सा है।
सफर अब सिर्फ मंजिल तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि सुविधाजनक अनुभव भी होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- चलती ट्रेनों में रोजमर्रा के सामान की बिक्री शुरू
- अधिकृत लाइसेंसधारी वेंडर करेंगे बिक्री
- सुबह से शाम तक सेवा, रात में अनुमति नहीं
- राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत जैसी विशेष ट्रेनें शामिल नहीं








