🔆 शनिवार, 10 जनवरी 2026 🌙✨
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • वेब स्टोरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • वेब स्टोरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home Breaking News

India US Trade Deal: मोदी ने फोन नहीं किया, अमेरिका ने छीना मौका!

ट्रंप के वाणिज्य सचिव लटनिक का बड़ा खुलासा, भारत सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल, 500% टैरिफ का खतरा

The News Air Team by The News Air Team
शुक्रवार, 9 जनवरी 2026
A A
0
India US Trade Deal
104
SHARES
695
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

India US Trade Deal: अमेरिका के वाणिज्य सचिव Howard Lutnick ने एक पॉडकास्ट में ऐसा खुलासा किया है जिसने भारत में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो सका क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समय पर फोन नहीं किया। लटनिक के मुताबिक जब भारत ने तीन हफ्ते बाद संपर्क किया तब तक “गाड़ी स्टेशन से निकल चुकी थी।” यह बयान इसलिए भी गंभीर है क्योंकि अमेरिका की तरफ से लगातार ऐसे बयान आ रहे हैं जो भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय मंच पर कमजोर कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अमेरिका के राष्ट्रपति और उनके मंत्री रोजाना भारत के बारे में बोल रहे हैं, तो भारत के प्रधानमंत्री और मंत्री चुप क्यों हैं?


लटनिक का चौंकाने वाला खुलासा

‘ऑल इन’ चैनल के पॉडकास्ट में Howard Lutnick ने विस्तार से बताया कि कैसे भारत के साथ डील नहीं हो सकी। उनके अनुसार भारत को तीन सप्ताह का समय दिया गया था और साफ-साफ कह दिया गया था कि इसके बाद “गाड़ी स्टेशन से निकल जाएगी।” इस दौरान ब्रिटेन ने समझदारी दिखाई और डेडलाइन से एक दिन पहले 8 मई 2025 को अमेरिका के साथ समझौता कर लिया। इसके बाद 22 जुलाई 2025 को इंडोनेशिया के साथ डील हुई, फिर फिलीपींस और वियतनाम के साथ भी समझौते हो गए। लेकिन भारत ने तीन हफ्ते बाद फोन किया जो बहुत देर हो चुकी थी। लटनिक का लहजा किसी बराबर के देश से बात करने जैसा नहीं था, बल्कि ऐसा लग रहा था जैसे किसी कंपनी के मुनीम से बात हो रही हो।


“मोदी को ट्रंप से बात करनी होगी” – अमेरिका की सीधी मांग

लटनिक ने पॉडकास्ट में बताया कि उन्होंने भारत से साफ कहा था कि मोदी को फोन पर लाना होगा और उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से सीधे बात करनी होगी। लेकिन भारत इस बातचीत को लेकर सहज नहीं था और प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया। जब तीन हफ्ते बाद भारत का फोन आया कि “अब हम रेडी हैं,” तो लटनिक का जवाब बेहद तल्ख था – “किसके लिए रेडी हैं? उस ट्रेन के लिए जो तीन हफ्ते पहले स्टेशन छोड़ गई?” यह बात भारत के लिए अपमानजनक है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ इस लहजे में बात की जा रही है और भारत सरकार चुप है।


भारत का खंडन आया, लेकिन असली सवाल का जवाब नहीं

इस बयान पर भारत के विदेश मंत्रालय ने खंडन जारी किया और कहा कि यह बात सही नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से बात करने की कोशिश नहीं की। मंत्रालय के अनुसार 2025 में दोनों नेताओं के बीच आठ बार फोन पर बातचीत हुई और 13 फरवरी से दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हुई है। मंत्रालय का यह भी कहना था कि कई मौकों पर डील होने के करीब पहुंचे थे। लेकिन असली सवाल यह है कि जिस खास “डील कॉल” की बात लटनिक कर रहे हैं, उस पर भारत ने सीधा जवाब क्यों नहीं दिया? आठ बार बातचीत की बात तो ठीक है, लेकिन वह एक खास फोन कॉल जो डील के लिए जरूरी थी, वह क्यों नहीं हुई?

यह भी पढे़ं 👇

Knee Pain Crisis

Knee Pain Crisis: अब जवान भी परेशान, Knee Replacement बढ़ा

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Weather Update North India

Weather Update North India: Delhi NCR बारिश, 5.8°C Cold Wave

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Makar Sankranti 2026

AAJ KA RASHIFAL : समस्या अनुसार दान करें, जानें सभी राशियों का हाल

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Himachal Bus Accident

Himachal Bus Accident: खाई में गिरी बस, 8 मौतें

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026

16 जुलाई की खुशी और आज की हकीकत

16 जुलाई 2025 का दिन याद कीजिए जब खुद ट्रंप ने बयान दिया था कि भारत और अमेरिका की डील बस होने ही वाली है। उस दिन भारत में खुशी की लहर दौड़ गई थी और अखबारों में रिपोर्ट छप रही थी कि भारत अमेरिका के साथ मिनी डील करने वाला है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल जुलाई में गर्व से कह रहे थे कि “हम डेडलाइन नहीं मानते, राष्ट्रहित में डील होगी।” मई 2025 में गोयल लटनिक से मिले भी थे। लेकिन आज तक उस डील का कोई अता-पता नहीं है। अब जब लटनिक ने सारी पोल खोल दी है, तो गोयल और सरकार के पास क्या जवाब है?


मोदी ने ट्रंप से बात क्यों नहीं की – असली वजह क्या थी?

यह सवाल बहुत गहरा है कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप से बात करने में सहज क्यों नहीं थे। इसे समझने के लिए उस समय की घटनाओं को देखना होगा। यह वही समय था जब ट्रंप बार-बार बयान दे रहे थे कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर उन्होंने करवाई है। ट्रंप ने ही सीजफायर की सूचना भारत से पहले दुनिया को दी थी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में विजय यात्राएं निकलीं, पेट्रोल पंपों पर पोस्टर लगे और रोड शो हुए। लेकिन उसी समय ट्रंप कह रहे थे कि युद्ध उन्होंने रुकवाया। शायद यही वजह थी कि मोदी ट्रंप से बात करने में कतरा रहे थे क्योंकि ट्रंप की ईगो को चोट पहुंची थी या फिर भारत के पास कोई जवाब नहीं था।


500% टैरिफ का खतरा – भारत की इंडस्ट्री दांव पर

अमेरिका के सेनेट में एक बाय-पार्टीजन बिल पेश किया गया है जिसे रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के सांसदों का समर्थन प्राप्त है। इस बिल के पास होते ही ट्रंप भारत, चीन और ब्राजील पर 500% टैरिफ लगा सकते हैं और इसकी वजह है रूस से तेल खरीदना। पहले जब भारत पर सवाल उठते थे तो जवाब होता था कि “चीन भी तो रूस से खरीद रहा है, उस पर क्यों नहीं प्रतिबंध लगाते?” लेकिन अब इस नए बिल में चीन, ब्राजील और भारत तीनों शामिल हैं। तो अब भारत का जवाब क्या होगा? अगर यह टैरिफ लगा तो भारत की पूरी इंडस्ट्री का अस्तित्व दांव पर लगेगा और लाखों लोगों की नौकरियां खतरे में आ जाएंगी।


रूस से तेल खरीदना कम किया या नहीं – सरकार चुप क्यों?

यह एक और बड़ा सवाल है जिसका जवाब भारत सरकार देने से बच रही है। हाल ही में फ्रांस, जर्मनी और पोलैंड के बीच ‘इंडियन वाइमर ट्रायंगल’ की बैठक में पोलैंड के विदेश मंत्री ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मंच पर ही खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भारत ने रूस से तेल का आयात कम किया है क्योंकि इससे पुतिन की वॉर मशीन को फंडिंग मिल रही थी। हैरानी की बात यह है कि जयशंकर ने इसका खंडन नहीं किया। यही जयशंकर 22 अगस्त 2025 को द इकोनॉमिक टाइम्स के सम्मेलन में “रणनीतिक स्वायत्तता” की बात कर रहे थे। सवाल यह है कि अगर रूस से तेल खरीदना “रणनीतिक स्वायत्तता” थी, तो कम करना क्या है – “स्ट्रेटेजिक साइलेंस?”


नए अमेरिकी राजदूत की धमकी भरा बयान

भारत आ रहे अमेरिका के नए राजदूत सरगोर ने तो आने से पहले ही बयान दे दिया कि भारत को रूस से तेल खरीदना बंद करना पड़ेगा। अभी तो सिर्फ 25% टैरिफ लगा है, लेकिन जब राजदूत दिल्ली में बैठकर रोज बोलेंगे कि तेल खरीदना बंद करो, तब भारत क्या करेगा? वो सब बयान कहां गए जो कहा जाता था कि “आज भारत के प्रधानमंत्री मोदी से पूछकर दुनिया के बड़े नेता फैसला करते हैं?” अमेरिका का राजदूत भारत को सीधे डिक्टेट कर रहा है और भारत चुप है – क्या यही है वो विश्वगुरु वाला भारत जिसका प्रचार किया जाता है?


चीन की तरफ झुकाव – दबाव में फैसले?

एक तरफ अमेरिका का दबाव बढ़ रहा है, दूसरी तरफ भारत चीन की ओर झुकता दिख रहा है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक भारत का वित्त मंत्रालय चीनी कंपनियों पर लगी पांच साल पुरानी पाबंदी हटाने पर विचार कर रहा है। पांच साल से चीन की कंपनियां सरकारी ठेकों में टेंडर नहीं कर सकती थीं, लेकिन अब यह बदलने वाला है। 24 घंटे से ज्यादा हो गए इस खबर को छपे हुए, लेकिन कोई आधिकारिक खंडन नहीं आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सिर्फ इतना कहा कि यह सवाल सरकार के दूसरे विभागों से संबंधित है। सवाल यह है कि क्या भारत अमेरिका के दबाव में कभी रूस से तेल खरीदना कम कर रहा है और कभी चीन की तरफ हाथ बढ़ा रहा है?


लद्दाख में चीन की हरकतें और भारत की नरमी

चीन को रियायत देने की बात इसलिए भी अजीब लगती है क्योंकि लद्दाख में चीन की हरकतें जारी हैं। अक्टूबर 2024 में भारत और चीन के बीच लद्दाख में ‘स्टैंड ऑफ एग्रीमेंट’ हुआ था और 3 दिसंबर 2024 को जयशंकर ने संसद में इसे लेकर बयान दिया था। लगा था कि अब सब ठीक हो जाएगा। लेकिन मात्र तीन महीने बाद जनवरी 2025 में चीन ने लद्दाख में कब्जे वाले इलाके में दो नए जिले बना लिए। भारत ने ऐतराज जताया, लेकिन इसके बाद भी चीनी कंपनियों को राहत देने की बात हो रही है। आखिर चीन से इसके बदले में भारत को क्या मिल रहा है?


चीन का तरीका अलग है – वो जवाब देता है

चीन और भारत के रवैये में जमीन-आसमान का फर्क है। चीन अमेरिका के टैरिफ को अपने तरीके से डील करता है और किसी के सहारे नहीं रहता। अमेरिका में चीन का दूतावास तो एनिमेशन वीडियो भी जारी कर रहा है जिसमें ट्रंप के फैसलों का खुलेआम मजाक उड़ाया जा रहा है। चीन आधिकारिक तौर पर बोलता है कि “हम अमेरिका के टैरिफ से डरने वाले नहीं हैं और दुनिया इस तरह डराकर नहीं चलेगी।” मगर भारत? भारत बिल्कुल चुप है। ट्रंप और उनके मंत्री रोज कुछ न कुछ बोलते हैं और भारत सरकार कोई जवाब नहीं देती।


इंदिरा गांधी का उदाहरण – क्या मोदी में वो दम है?

विपक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा है कि जब निक्सन प्रशासन ने अपमान करने की कोशिश की थी, तो इंदिरा गांधी ने सार्वजनिक तौर पर जवाब दिया था – चुप रहकर नहीं। कांग्रेस सवाल पूछ रही है कि अगर दम है तो प्रधानमंत्री बोलें कि “डोनाल्ड ट्रंप, यू आर ए लायर।” लेकिन बीजेपी और आरएसएस की तरफ से पूरी चुप्पी है। देश को मूर्खतापूर्ण विदेश नीति का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है और सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।


गोदी मीडिया का शर्मनाक दोहरापन

गोदी मीडिया का दोहरापन इस मामले में साफ दिख रहा है। जब राहुल गांधी विदेश में कुछ बोलते हैं तो गोदी मीडिया में तूफान आ जाता है और बहस शुरू हो जाती है कि “बाहर जाकर देश की बदनामी कर रहे हैं।” बीजेपी के प्रवक्ता तुरंत बोलने चले आते हैं। लेकिन जब ट्रंप और लटनिक इस तरह से भारत के बारे में अपमानजनक बातें करते हैं, तो यही लोग चुप क्यों हैं? क्या अमेरिका के राष्ट्रपति और वाणिज्य सचिव का भारत के बारे में इस तरह बोलना देश की बदनामी नहीं है? विदेशों में बदनाम करने का बीजेपी का राजनीतिक प्रोजेक्ट इन दिनों बंद सा लगता है जब ट्रंप और लटनिक के बयान आते हैं।


विश्लेषण: विदेश नीति का खोखलापन उजागर

यह पूरा प्रकरण भारत की विदेश नीति के खोखलेपन को बेनकाब करता है। बिहार, यूपी के गांव-गांव में हिंदी चैनलों के जरिए यह प्रचार किया गया कि “मोदी जी के कारण भारत की धौंस बढ़ गई है।” लेकिन हकीकत यह है कि अमेरिका एक तरफा कुछ भी कहता जा रहा है और भारत जवाब देने की स्थिति में नहीं है। विदेश नीति को प्रधानमंत्री की विमान यात्राओं तक सीमित कर दिया गया है – “कहां जा रहे हैं, किससे मिल रहे हैं, फोटो खिंचवाई” – यही खबरें होती हैं। रिजल्ट क्या निकल रहा है, यह खबरों से गायब रहता है। पीयूष गोयल दिल्ली एयरपोर्ट से ट्वीट करते थे कि “ट्रेड डील करने जा रहा हूं,” वाशिंगटन पहुंचकर कहते थे “पहुंच गया हूं” – लेकिन हुआ क्या? देश को आपका ट्रेवल शेड्यूल नहीं चाहिए, रिजल्ट चाहिए।


मुख्य बातें (Key Points)
  • Howard Lutnick ने खुलासा किया कि मोदी ने ट्रंप को समय पर फोन नहीं किया, इसलिए व्यापार समझौता नहीं हो सका
  • भारत को तीन हफ्ते का समय दिया गया था, लेकिन जब फोन आया तब तक ब्रिटेन, इंडोनेशिया, वियतनाम से डील हो चुकी थी
  • अमेरिकी सेनेट में बाय-पार्टीजन बिल पेश है जिससे रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 500% टैरिफ लग सकता है
  • भारत ने रूस से तेल खरीदना कम किया है लेकिन सरकार इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं कर रही
  • चीनी कंपनियों पर लगे प्रतिबंध हटाने की खबर पर सरकार का कोई खंडन नहीं आया है
  • भारत सरकार की चुप्पी और स्पष्ट जवाब की कमी विदेश नीति की विफलता को उजागर करती है

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्यों नहीं हुई?

A: अमेरिका के वाणिज्य सचिव Howard Lutnick के अनुसार, PM मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को समय पर फोन नहीं किया। भारत को तीन हफ्ते का समय दिया गया था, लेकिन जब भारत ने संपर्क किया तब तक ब्रिटेन, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों से डील हो चुकी थी।

Q2: भारत पर 500% टैरिफ कब लग सकता है?

A: अमेरिकी सेनेट में एक बाय-पार्टीजन बिल पेश है जिसे दोनों पार्टियों का समर्थन प्राप्त है। इसके पास होते ही रूस से तेल खरीदने वाले भारत, चीन और ब्राजील पर 500% टैरिफ लग सकता है।

Q3: क्या भारत ने रूस से तेल खरीदना कम किया है?

A: पोलैंड के विदेश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा कि भारत ने रूस से तेल आयात कम किया है। विदेश मंत्री जयशंकर ने इसका खंडन नहीं किया है, जो इसे अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार करने जैसा है।

Q4: मोदी और ट्रंप में कितनी बार बात हुई?

A: भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2025 में दोनों नेताओं के बीच आठ बार फोन पर बातचीत हुई। लेकिन वह खास “डील कॉल” जिसकी बात लटनिक कर रहे हैं, उस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।

Q5: चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध हट रहा है क्या?

A: Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का वित्त मंत्रालय चीनी कंपनियों पर लगे पांच साल पुराने सरकारी ठेकों के प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रहा है। 24 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी सरकार ने इसका खंडन नहीं किया है।

Previous Post

Himachal Bus Accident: खाई में गिरी बस, 8 मौतें

Next Post

AAJ KA RASHIFAL : समस्या अनुसार दान करें, जानें सभी राशियों का हाल

Related Posts

Knee Pain Crisis

Knee Pain Crisis: अब जवान भी परेशान, Knee Replacement बढ़ा

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Weather Update North India

Weather Update North India: Delhi NCR बारिश, 5.8°C Cold Wave

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Makar Sankranti 2026

AAJ KA RASHIFAL : समस्या अनुसार दान करें, जानें सभी राशियों का हाल

शनिवार, 10 जनवरी 2026
Himachal Bus Accident

Himachal Bus Accident: खाई में गिरी बस, 8 मौतें

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026
Congress Rally

Congress Mega Rally: “आतंकवाद की तरह गैंगस्टरों को भी मिटाएंगे”, Manrega संग्राम में कांग्रेस की हुंकार!

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026
SSC Exam Schedule 2026-27

SSC Exam Schedule 2026-27: May से शुरू होंगी परीक्षाएं, पूरा Calendar जारी

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026
Next Post
Makar Sankranti 2026

AAJ KA RASHIFAL : समस्या अनुसार दान करें, जानें सभी राशियों का हाल

Weather Update North India

Weather Update North India: Delhi NCR बारिश, 5.8°C Cold Wave

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।