India US Trade – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की अहम बैठक के दौरान भारत सरकार ने अमेरिकी शराब पर टैरिफ में 50% कटौती करने का बड़ा ऐलान किया है। इस फैसले के तहत भारत में बॉर्बन व्हिस्की (Bourbon Whisky) के आयात शुल्क को 150% से घटाकर 50% कर दिया गया है।
इस कटौती की अधिसूचना 13 फरवरी को ही जारी कर दी गई थी, जो पीएम मोदी और ट्रंप की बैठक से ठीक पहले लागू हुई। यह निर्णय भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते (Trade Agreement) को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों में नया मोड़
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से व्यापार को लेकर कई मतभेद रहे हैं, खासकर टैरिफ (Tariff) को लेकर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ऐलान किया था कि वह भारत समेत दुनिया के सभी देशों पर रिसिप्रोकल टैक्स (Reciprocal Tax) लगाने वाले हैं।
भारत ने इसी कड़ी में अमेरिकी शराब पर टैरिफ घटाने का फैसला किया है ताकि व्यापारिक संतुलन बना रहे। इस कटौती के बावजूद अन्य विदेशी शराबों पर 100% टैरिफ लागू रहेगा।
बॉर्बन व्हिस्की पर क्यों घटाया गया टैरिफ?
भारत सरकार ने बॉर्बन व्हिस्की पर शुल्क में कटौती के पीछे कई आर्थिक कारण बताए हैं –
- अमेरिका भारत को बॉर्बन व्हिस्की का प्रमुख निर्यातक है, और भारत में आयात की जाने वाली कुल बॉर्बन व्हिस्की का 25% अमेरिका से आता है।
- भारत ने 2023-24 में करीब 25 लाख डॉलर की अमेरिकी बॉर्बन व्हिस्की का आयात किया था।
- इस कदम से भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्ते और मजबूत होंगे और भविष्य में अन्य उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- अमेरिका से तेल, गैस और रक्षा उपकरणों (Defense Equipment) की खरीद को संतुलित करने के लिए यह फैसला लिया गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और ‘मिशन 500’
PM मोदी और ट्रंप की बैठक में 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) को 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
- भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक मतभेद कम करने के लिए नए व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने का ऐलान किया गया।
- इससे पहले, अमेरिका ने भारत को ‘Generalized System of Preferences (GSP)’ से बाहर कर दिया था, जिससे कई भारतीय उत्पादों को नुकसान हुआ था।
- अब इस समझौते से व्यापार घाटे (Trade Deficit) को कम करने और नई व्यापारिक संभावनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
ट्रंप का ‘जैसे को तैसा टैक्स’ – भारत पर असर?
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में घोषणा की थी कि अमेरिका उन सभी देशों पर रिसिप्रोकल टैक्स (Reciprocal Tax) लगाएगा जो अमेरिकी उत्पादों पर अधिक शुल्क लगाते हैं।
- ट्रंप ने स्पष्ट किया कि भारत, चीन, यूरोपीय संघ (EU) समेत कई देशों पर यह कर लगाया जाएगा।
- भारत पर अमेरिकी शुल्क बढ़ने की संभावना है, लेकिन बॉर्बन व्हिस्की के टैरिफ में कटौती से अमेरिका को संतुष्ट करने की कोशिश की गई है।
- इसके बदले में भारत को उम्मीद है कि अमेरिका भी भारतीय उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने में सहयोग करेगा।
भारत को इस फैसले से क्या मिलेगा?
- अमेरिका के साथ व्यापार संतुलन – इस कटौती से भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे और नए व्यापार समझौते की संभावनाएं बढ़ेंगी।
- अमेरिकी कंपनियों का आकर्षण – अमेरिकी शराब कंपनियां अब भारतीय बाजार में निवेश और विस्तार कर सकती हैं।
- भारत-अमेरिका व्यापारिक तनाव कम होगा – टैरिफ कटौती से व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक बातचीत संभव होगी।
- अन्य उत्पादों पर छूट की संभावना – भविष्य में अमेरिका भारतीय वस्त्र, फार्मा और आईटी उद्योग पर भी टैरिफ में राहत दे सकता है।
PM मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की बैठक के दौरान भारत ने अमेरिकी शराब पर टैरिफ में 50% कटौती का बड़ा फैसला लिया है। इस कदम से भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे और भारत 2030 तक 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
अब देखने वाली बात होगी कि क्या अमेरिका बदले में भारत को व्यापारिक छूट देता है या फिर ‘जैसे को तैसा’ टैक्स लागू करता है।