India On Iran America War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सरकार ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और लगातार ईरान को धमकी दे रही है। पेंटागन ने बड़ा ऐलान किया है कि वह ईरान के ही बनाए ड्रोन को कॉपी करके बेहतर बनाएगा और जरूरत पड़ने पर ईरान पर इस्तेमाल करेगा। ‘टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक’ नाम की अमेरिका की पहली कामिकेज ड्रोन यूनिट पहले से ही मिडिल ईस्ट में तैनात है। अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आदेश देते हैं तो ईरान पर कभी भी हमला हो सकता है।
इस बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। भारत के तेहरान स्थित दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों से उपलब्ध किसी भी साधन से ईरान छोड़ने की सलाह दी है। साथ ही, सभी भारतीयों से ईरान की यात्रा न करने का आग्रह किया गया है।
दुनिया के कई देशों ने जारी की एडवाइजरी
अमेरिका-ईरान के बीच संभावित सैन्य टकराव की आशंका को देखते हुए कई देशों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं:
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने और वहां की यात्रा पूरी तरह बचने को कहा है। उन्होंने कहा कि संघर्ष की संभावना बहुत वास्तविक है और बाद में निकासी संभव नहीं हो सकती।
चीन ने इजराइल में रह रहे अपने नागरिकों से सुरक्षा इंतजाम कड़े करने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ही चीन ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने और वहां मौजूद लोगों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है।
जर्मनी के दूतावास ने चेतावनी जारी कर कहा कि ईरान की सुरक्षा स्थिति बेहद अस्थिर है और कभी भी सैन्य झड़प हो सकती है। हवाई क्षेत्र बंद होने या उड़ानों पर रोक लगने की भी आशंका जताई गई है।
स्वीडन के विदेश मंत्री मारिया ने भी अपने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की।
सर्बिया के विदेश मंत्रालय ने आने वाले दिनों में ईरान की यात्रा न करने और वहां मौजूद नागरिकों को तुरंत लौटने के लिए कहा है।
यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) ने सुरक्षा खतरे को देखते हुए ईरान से अपने दूतावास कर्मचारियों को अस्थाई रूप से वापस बुला लिया है। ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने कहा है कि तेहरान में दूतावास सीमित तरीके से काम कर रहा है और आम नागरिकों को सीधे मदद देना फिलहाल संभव नहीं है।
ओमान कर रहा है मध्यस्थता
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है। इस बातचीत में ओमान महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ओमान का कहना है कि बातचीत में कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन अभी समझौता नहीं हुआ है। यानी अमेरिका और ईरान अभी भी आमने-सामने हैं और दोनों देश लगातार धमकियां दे रहे हैं।
अमेरिका की नई रणनीति: ईरान के ड्रोन की कॉपी
पेंटागन ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह ईरान के ही बनाए ड्रोन को कॉपी करके उन्हें बेहतर बनाएगा और ईरान पर इस्तेमाल करेगा। यह टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक नाम की यूनिट अमेरिका की पहली कामिकेज ड्रोन यूनिट है, जो पहले से ही मिडिल ईस्ट में तैनात है। अमेरिका का यह कदम ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
भारत की चिंता और तैयारी
ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार भारतीय नागरिकों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो नागरिकों को निकालने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, सभी भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत ईरान छोड़ दें और वहां की यात्रा टालें।
‘जानें पूरा मामला’
अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से तनाव चला आ रहा है। हाल के वर्षों में यह तनाव और बढ़ गया है। परमाणु वार्ता के टूटने, आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों ने तनाव को लगातार बढ़ावा दिया है। अब अमेरिका द्वारा मिडिल ईस्ट में सैन्य तैयारी तेज करने और ईरान पर हमले की आशंका के बीच पूरा क्षेत्र युद्ध की चपेट में आ सकता है। ऐसे में दुनिया के कई देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया है। भारत ने भी समय रहते एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों को सतर्क कर दिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, पेंटागन ने मिडिल ईस्ट में सैन्य तैयारी तेज की, ट्रंप के आदेश पर कभी भी हो सकता है हमला।
भारत ने अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी, तेहरान दूतावास ने जारी की एडवाइजरी।
ब्रिटेन, जर्मनी, चीन, पोलैंड समेत कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की और दूतावास कर्मचारी वापस बुलाए।
ओमान कर रहा है मध्यस्थता, बातचीत में प्रगति की खबर है लेकिन समझौता नहीं हुआ।
अमेरिका ने ईरान के ड्रोन की कॉपी बनाकर इस्तेमाल करने की योजना बनाई है, नई ड्रोन यूनिट तैनात।








