India High Alert Iran War: ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच भारत सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। भारतीय नौसेना हाई अलर्ट पर है और खाड़ी क्षेत्र में युद्धपोत तैनात कर दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर संघर्ष क्षेत्र से भारतीयों की सुरक्षित निकासी के लिए ऑपरेशन चलाने की तैयारी जोरों पर है। गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में जम्मू-कश्मीर से लेकर लखनऊ तक विरोध प्रदर्शनों की लहर चल पड़ी है, जिसके मद्देनजर यह एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
‘नौसेना हाई अलर्ट: निकासी ऑपरेशन की तैयारी शुरू’
भारतीय नौसेना के युद्धपोत खाड़ी क्षेत्र में तैनात हैं और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। सरकार की ओर से साफ किया गया है कि यदि हालात बिगड़े तो वेस्ट एशिया में फंसे और रह रहे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए पूरी तैयारी की जा चुकी है।
वेस्ट एशिया में लाखों भारतीय प्रवासी हैं। उनकी सुरक्षा इस पूरे ऑपरेशन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
‘MHA का बड़ा अलर्ट: राज्यों को दिए सख्त निर्देश’
गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों को एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। प्रो-ईरान और एंटी-ईरान दोनों गुटों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। भड़काऊ भाषण देने वाले उपदेशकों की पहचान करके उन पर निगरानी रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि भारतीय धरती का उपयोग किसी विदेशी गुट द्वारा संघर्ष के मैदान के रूप में न हो।
पुलिस को CCTV कवरेज बढ़ाने और फेक न्यूज़ व अफवाहों को तुरंत रोकने के सख्त आदेश दिए गए हैं। सोशल मीडिया और धार्मिक सभाओं पर भी कड़ी निगरानी बनाए रखने को कहा गया है।
‘दूतावासों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ी’
दिल्ली में अमेरिकी और इजराइली दूतावासों, वाणिज्य दूतावासों और यहूदी संस्थानों पर विशेष सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। ईरानी सांस्कृतिक केंद्र भी कड़ी निगरानी में हैं। विदेशी पर्यटकों के जमावड़े वाले संवेदनशील स्थानों पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
ANI की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के अधिकारी इस बात को लेकर विशेष रूप से चिंतित हैं कि चरमपंथी तत्व अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का फायदा उठाकर स्थानीय स्तर पर तनाव न बढ़ाएं।
‘कश्मीर से लखनऊ तक: विरोध प्रदर्शनों की लहर’
खामेनेई की मौत के बाद भारत के कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं। जम्मू-कश्मीर में पहले से ही प्रदर्शन और बंद का माहौल है। लखनऊ समेत उत्तर भारत के कई शहरों में भी प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकार ने साफ कह दिया है कि देश की आंतरिक शांति को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा।
‘ईरान का मिसाइल हमला जारी: तनाव और बढ़ा’
इस बीच ईरान की तरफ से खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी एयरबेसों पर मिसाइलों की बौछार जारी है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि वह रुकने वाला नहीं है। इस बढ़ते तनाव के बीच भारत की सतर्कता और भी ज्यादा जरूरी हो गई है।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का निधन हो चुका है। इसके बाद से पूरे वेस्ट एशिया में तनाव चरम पर है। भारत के लिए इस युद्ध का सीधा असर इसलिए है क्योंकि वहां लाखों भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- भारतीय नौसेना हाई अलर्ट पर, खाड़ी क्षेत्र में युद्धपोत तैनात, निकासी ऑपरेशन की तैयारी।
- MHA ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की: सांप्रदायिक तनाव की आशंका पर विशेष सतर्कता।
- दिल्ली में अमेरिकी, इजराइली दूतावासों और यहूदी संस्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई।
- प्रो-ईरान और एंटी-ईरान दोनों गुटों की गतिविधियों पर कड़ी नजर, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग।
- जम्मू-कश्मीर से लखनऊ तक विरोध प्रदर्शन जारी, पुलिस को प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के निर्देश।








