India Brazil Rare Earth Deal: भारत और ब्राजील के बीच कई बड़े समझौते हुए हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा (Lula da Silva) भारत के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद दोनों देशों ने कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के समझौते किए हैं। इन समझौतों का असर आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों पर साफ देखने को मिलेगा। खासकर रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals) और क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) को लेकर हुए समझौते ने चीन को लेकर एक नई रणनीति का संकेत दिया है।
क्या-क्या हुए समझौते? जानें पूरी डिटेल
भारत और ब्राजील के बीच हुए समझौतों को अगर ग्राफिक्स के जरिए समझें तो कई अहम बिंदु सामने आते हैं:
व्यापार लक्ष्य: दोनों देशों ने अगले 5 साल में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 20 बिलियन डॉलर (करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये) करने का लक्ष्य रखा है।
खनिज समझौता: क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ मिनरल्स पर अहम समझौता किया गया है। इसका मकसद चीन पर निर्भरता कम करना है।
वीजा सुविधा: ब्राजील ने भारतीय कारोबारियों के लिए बिजनेस वीजा को 10 साल के लिए बढ़ा दिया है।
नवीकरणीय ऊर्जा: रिन्यूएबल एनर्जी और एथेनॉल के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ेगी।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर सेंटर खोलेगा।
टेक्नोलॉजी सेक्टर: एआई सुपर कंप्यूटर और सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर भी कई अहम समझौते हुए हैं।
रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स पर क्यों है फोकस?
भारत और ब्राजील के बीच रेयर अर्थ मिनरल और क्रिटिकल मिनरल्स पर जो समझौता हुआ है, उसका सीधा असर दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों पर देखने को मिलेगा। दरअसल, दोनों देश अब चीन पर निर्भरता कम करना चाहते हैं। चीन इन खनिजों की वैश्विक आपूर्ति पर लगभग एकाधिकार रखता है, खासकर उन खनिजों पर जो इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी, रिन्यूएबल एनर्जी और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए जरूरी हैं।
यह समझौता दोनों देशों को कच्चे माल के निर्यातक से आगे बढ़ाकर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रिसाइक्लिंग में भागीदार बनाने पर भी जोर देता है। भारत की प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग क्षमता को ब्राजील के संसाधनों के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे दोनों देश रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
समझौते के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देकर कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ में हुआ समझौता लचीली सप्लाई चेन (Resilient Supply Chain) के निर्माण में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा, “डिफेंस के क्षेत्र में भी हमारा सहयोग निरंतर बढ़ रहा है। यह एक-दूसरे के प्रति भरोसे और रणनीतिक तालमेल का बेहतरीन उदाहरण है। हम इस विन-विन पार्टनरशिप को और भी आगे मजबूत करते रहेंगे।”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत और ब्राजील एकमत हैं कि आतंकवाद और उसके समर्थक पूरी मानवता के शत्रु हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि वर्तमान समय की चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों का रिफॉर्म अत्यंत जरूरी है।
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने क्या कहा?
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा ने अपने बयान में कहा, “मेरे प्रिय मित्र नरेंद्र मोदी, इस देश में छठी बार आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। भारत और ब्राजील की यह मुलाकात बेहद खास है।” उन्होंने कहा कि भारत को लेकर ब्राजील की उम्मीदें बहुत बड़ी हैं। अगर हम साथ मिलकर काम करेंगे, तो भारत-ब्राजील के रिश्ते और मजबूत होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि दोनों देश मिलकर ग्लोबल साउथ (Global South) को और भी मजबूत करेंगे, ताकि दुनिया को दो बड़ी महाशक्तियों के बीच किसी नए शीत युद्ध (Cold War) जैसी स्थिति का सामना फिर से कभी न करना पड़े।
पहलगाम आतंकी हमले की निंदा
ब्राजील के राष्ट्रपति ने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले की निंदा भी की। यह भारत के साथ एकजुटता का एक अहम संकेत है। आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों का एक साथ खड़ा होना इस बात का सबूत है कि दोनों देश इस वैश्विक खतरे से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारत-ब्राजील रिश्तों का भविष्य
ब्रिक्स (BRICS) देशों में भारत और ब्राजील की अहम भूमिका है। यह समझौता दोनों देशों के बीच रोजगार के अवसर पैदा करेगा और आयात-निर्यात में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। खासकर रेयर अर्थ मिनरल्स के क्षेत्र में यह साझेदारी दोनों देशों को चीन के वर्चस्व से उबरने में मदद करेगी और उन्हें वैश्विक सप्लाई चेन में एक मजबूत स्थान दिलाएगी।
मुख्य बातें (Key Points)
भारत और ब्राजील ने अगले 5 साल में 20 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य के साथ कई अहम समझौते किए।
रेयर अर्थ मिनरल्स और क्रिटिकल मिनरल्स पर हुए समझौते का मकसद चीन पर निर्भरता कम करना है।
ब्राजील ने भारतीय कारोबारियों के लिए बिजनेस वीजा 10 साल के लिए बढ़ा दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता लचीली सप्लाई चेन बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने पहलगाम हमले की निंदा की और ग्लोबल साउथ को मजबूत करने का आह्वान किया।








