IND vs ENG Semifinal से पहले टीम इंडिया के चार सबसे अहम खिलाड़ियों के फॉर्म ने टीम मैनेजमेंट की नींद उड़ा दी है। 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले इस सेमीफाइनल मुकाबले से पहले जो आंकड़े सामने आए हैं, वो गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं।
‘अभिषेक शर्मा: तीन डक, बड़े मैचों में बल्ला खामोश’
अभिषेक शर्मा IND vs ENG Semifinal से पहले सबसे बड़ी टेंशन बन चुके हैं। छह मैचों में महज 80 रन, औसत 13.33 और स्ट्राइक रेट 131.14 — ये आंकड़े उस खिलाड़ी के नहीं लगते जिसे मैच विनर ओपनर के तौर पर टीम में चुना गया था। इनमें से तीन मैचों में वो बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए।
USA के खिलाफ जीरो, पाकिस्तान के खिलाफ जीरो, नीदरलैंड के खिलाफ जीरो — बड़े मैचों में बल्ला एकदम खामोश रहा। 80 रनों में जो एकमात्र अर्धशतक है, वो जिंबाब्वे के खिलाफ आया। यानी मजबूत टीमों के खिलाफ बल्ला नहीं चला। वेस्ट इंडीज के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में भी 11 गेंदों पर सिर्फ 10 रन बने।
अगर 55 रन वाली पारी निकाल दी जाए तो बाकी सभी मैचों में कुल मिलाकर सिर्फ 25 रन बनते हैं। स्पिनरों के खिलाफ खास तौर पर दिक्कत आ रही है — पाकिस्तान में स्पिनर पर, नीदरलैंड में आर्यन दत्त से, वेस्ट इंडीज में अखिल हुसैन से आउट हुए। मैदान पर फोकस की कमी भी दिख रही है, कई आसान कैच भी छूट रहे हैं। ऐसे में IND vs ENG Semifinal में उनका खेलना तय नहीं है।
‘हार्दिक पांड्या: छोटी टीमों का हीरो, बड़ी टीमों में गुम’
हार्दिक पांड्या के आंकड़े IND vs ENG Semifinal से पहले एक दिलचस्प लेकिन चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। सात मैचों में 172 रन, औसत 28, स्ट्राइक रेट 156 — यह संख्या ठीक-ठाक लगती है लेकिन इसके पीछे की असली कहानी अलग है।
नामीबिया के खिलाफ 52 रन, जिंबाब्वे के खिलाफ 50 रन, नीदरलैंड के खिलाफ 30 रन — रन सिर्फ छोटी टीमों के खिलाफ आए। पाकिस्तान के खिलाफ पहली ही गेंद पर आउट, USA के खिलाफ 5 रन, साउथ अफ्रीका के खिलाफ 18 रन और वेस्ट इंडीज के खिलाफ 14 गेंदों पर 17 रन। यानी जब भी बड़ी टीम सामने आई, पांड्या का बल्ला खामोश रहा।
गेंदबाजी में भी यही कहानी है। पाकिस्तान के खिलाफ 16 रन में 2 विकेट शानदार रहा लेकिन नीदरलैंड के खिलाफ 40 रन, साउथ अफ्रीका के खिलाफ 45 रन और वेस्ट इंडीज के खिलाफ भी खूब पिटाई हुई। इकोनॉमी 8.68 बड़े फिनिशर के लिए बेहद औसत आंकड़ा है। वानखेड़े से उम्मीद है क्योंकि यह उनका परिचित मैदान है।
‘सूर्यकुमार यादव: स्टार्ट मिलता है, पारी नहीं बनती’
सूर्यकुमार यादव IND vs ENG Semifinal में कप्तान के तौर पर मैदान पर उतरेंगे लेकिन बल्लेबाज के तौर पर उनका हालिया फॉर्म टेंशन बढ़ा रहा है। सात मैचों में 231 रन, औसत 38, स्ट्राइक रेट 135 — लेकिन यह औसत टूर्नामेंट के पहले मैच में USA के खिलाफ खेली 84 नॉट आउट की पारी की वजह से बना हुआ है। उसे हटा दिया जाए तो आंकड़े बेहद गिर जाते हैं।
नामीबिया के खिलाफ 12, पाकिस्तान के खिलाफ 32 (बहुत स्लो), नीदरलैंड के खिलाफ 34, साउथ अफ्रीका के खिलाफ 18, जिंबाब्वे के खिलाफ 33 और वेस्ट इंडीज के खिलाफ 18 — सभी पारियों में स्टार्ट मिला लेकिन किसी को भी बड़ी पारी में नहीं बदल पाए। T20 में 10-15 रन बनते ही आंख जम जाती है, लेकिन उसे 50-60 तक ले जाना जरूरी है।
चर्चा यह भी है कि अगर वो कप्तान नहीं होते, तो शायद बल्लेबाज के तौर पर ड्रॉप हो जाते। वानखेड़े उनका होम ग्राउंड है, इसलिए उम्मीद बनी हुई है।
‘वरुण चक्रवर्ती: टीमों ने तोड़ दिया जादू का फॉर्मूला’
वरुण चक्रवर्ती IND vs ENG Semifinal से पहले चौथी बड़ी चिंता बन गए हैं। लीग स्टेज में वो शानदार थे — USA के खिलाफ 24 रन में 1 विकेट, नामीबिया के खिलाफ 7 रन में 3 विकेट, पाकिस्तान के खिलाफ 17 रन में 2 विकेट, नीदरलैंड के खिलाफ 14 रन में 3 विकेट।
लेकिन सुपर-8 में आते ही तस्वीर पलट गई। साउथ अफ्रीका ने पूरी प्लानिंग के साथ उनका सामना किया और 47 रन देकर एक विकेट मिला। डेविड मिलर और डेवोल्ट ब्रेविस ने उनकी गेंदों को खड़े होकर मारा। जिंबाब्वे के खिलाफ 35 रन में 1 विकेट और वेस्ट इंडीज के खिलाफ 40 रन में 1 विकेट — यानी जादू बेअसर हो चुका है।
समस्या यह है कि उनकी गेंदबाजी की रफ्तार बढ़ गई है। वेरिएशन और धीमी गेंदें जो उनकी असली ताकत थीं, अब कम दिख रही हैं। 7.6 की इकोनॉमी कागज पर ठीक लगती है लेकिन बड़ी टीमों के खिलाफ उनका फॉर्मूला अब राज नहीं रहा।
‘वानखेड़े में होगी असली परीक्षा’
IND vs ENG Semifinal टीम इंडिया के लिए करो या मरो का मुकाबला है। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ इन चारों खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा। फाइनल में संभावित साउथ अफ्रीका या न्यूजीलैंड से भी टक्कर होगी। ये चारों मैच विनर खिलाड़ी हैं, इन्होंने अपने करियर में कई बड़ी पारियां खेली हैं। वानखेड़े इनमें से कई का होम ग्राउंड है। अब सवाल है कि क्या ये खिलाड़ी सबसे जरूरी वक्त पर अपनी असली क्षमता दिखा पाएंगे?
‘क्या है पूरी पृष्ठभूमि’
T20 World Cup में टीम इंडिया सेमीफाइनल तक पहुंची है लेकिन रास्ता आसान नहीं रहा। वेस्ट इंडीज के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में संजू सैमसन ने पारी थामी थी वरना नतीजा अलग हो सकता था। अभिषेक शर्मा को ड्रॉप करने पर विचार हो रहा है, ऐसे में ईशान किशन और संजू सैमसन की ओपनिंग जोड़ी और रिंकू सिंह का निचले क्रम में शामिल होना संभावित बदलाव हो सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- अभिषेक शर्मा: 6 मैचों में 80 रन, 3 डक, स्पिनरों के खिलाफ लगातार आउट — सेमीफाइनल में ड्रॉप होने की आशंका।
- हार्दिक पांड्या: बड़ी टीमों के खिलाफ बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप, पाकिस्तान के खिलाफ पहली ही गेंद पर आउट।
- सूर्यकुमार यादव: हर पारी में स्टार्ट मिला लेकिन बड़ी पारी नहीं बनी, स्ट्राइक रेट 135 कप्तान के लिए अपर्याप्त।
- वरुण चक्रवर्ती: लीग स्टेज में धमाकेदार, सुपर-8 में बड़ी टीमों ने तोड़ दिया जादू का फॉर्मूला।








